विदेश

नाइजीरिया में सैन्य बेस पर बोको हराम का खूनी हमला, 10 सैनिकों समेत कई लोगों की दर्दनाक मौत

अफ्रीकी देश नाइजीरिया से एक बार फिर आतंकवाद की बेहद दहला देने वाली तस्वीर सामने आई है। नाइजीरिया के पूर्वोत्तर क्षेत्र में स्थित बोरनो राज्य में इस्लामी चरमपंथी संगठन बोको हराम (Boko Haram) के आतंकवादियों ने सेना के एक मुख्य ठिकाने पर अचानक धावा बोल दिया। इस भीषण और कायराना हमले में नाइजीरियाई सेना के कम से कम 10 सैनिकों की जान चली गई है, जबकि 20 से अधिक जवान गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। इस आतंकी हमले के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।

सैन्य बेस पर कब्जा, वाहन और गांव तबाह

सैन्य सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह खूनी संघर्ष मंगलवार रात को गुजामाला स्थानीय सरकारी इलाके में स्थित सैन्य बेस पर हुआ। हथियारों से लैस उग्रवादियों ने अचानक बेस पर धावा बोलकर सैनिकों को अपनी गिरफ्त में ले लिया। चरमपंथियों ने वहां मौजूद कई सैन्य वाहनों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया और पास ही स्थित मैरारी गांव के रिहायशी इलाकों में आग लगा दी, जिससे भारी तबाही मची है।

पांच नागरिकों और एक फॉरेस्ट गार्ड की भी गई जान

समाचार एजेंसी रॉयटर्स को सूत्रों ने बताया कि इस क्रूर हमले में केवल सैनिक ही नहीं, बल्कि आम नागरिक भी इसका शिकार बने हैं। हमले में 20 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जबकि कम से कम पांच आम नागरिक और एक वन रक्षक (फॉरेस्ट गार्ड) की भी मौत की पुष्टि हुई है।

घटना के गवाह और स्थानीय मछुआरे जिब्रिन हसन ने मीडिया को बताया कि सैन्य ठिकाने को निशाना बनाने से पहले इन आतंकवादियों ने पास ही झील के किनारे बसे 'तुमबुन बारेबारी' गांव से 40 से अधिक नावें जबरन छीन ली थीं। वहीं, एक अन्य मछुआरे बाबागाना मुहम्मद ने बताया कि यह हमला एक साथ कई जगहों पर किया गया था, हालांकि उन्होंने स्थानीय मछुराहों को सीधा नुकसान नहीं पहुंचाया।

17 साल से चल रहा है विद्रोह और सैन्य अभियान

गौरतलब है कि उत्तर-पूर्वी नाइजीरिया में पिछले 17 वर्षों से चल रहे खूनी विद्रोह को कुचलने के लिए नाइजीरियाई सेना लगातार अभियान चला रही है। इसके बावजूद हाल के हफ्तों में बोको हराम और इस्लामिक स्टेट वेस्ट अफ्रीका प्रोविंस (ISWAP) जैसे कुख्यात इस्लामी चरमपंथी संगठनों की तरफ से हमलों में तेजी देखी गई है।

इससे ठीक एक हफ्ते पहले भी नाइजीरियाई सैनिकों ने बोरनो राज्य में सेना की एक अन्य चौकी पर हुए ऐसे ही हमले को सफलतापूर्वक नाकाम किया था और जवाबी कार्रवाई में ISWAP के 25 से ज्यादा आतंकवादियों को ढेर कर दिया था। हालांकि, देश में शांति और सुरक्षा बहाल करने के लिए सेना का यह संघर्ष अभी भी जारी है।

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