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नीरव मोदी की आखिरी उम्मीद भी टूटीm यूरोपीय कोर्ट ने ठुकराई अर्जी, अब भारत लाने का रास्ता साफ

News India Live, Digital Desk: भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी के लिए लंदन से एक बहुत बुरी खबर आई है। पीएनबी (पंजाब नेशनल बैंक) घोटाले के मुख्य आरोपी नीरव मोदी ने खुद को भारत प्रत्यर्पित किए जाने से बचाने के लिए यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय (ECTHR) का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन वहां से उसे बड़ा झटका लगा है। अदालत ने ‘नियम 39’ (Rule 39) के तहत नीरव की अपील को खारिज कर दिया है। इस फैसले के बाद अब नीरव मोदी के पास कानूनी तौर पर बचने के लगभग सभी रास्ते बंद हो गए हैं, जिससे उसके भारत आने की संभावना अब पहले से कहीं ज्यादा प्रबल हो गई है।क्या है ‘नियम 39’ और नीरव ने क्यों दी थी दुहाई?नीरव मोदी के वकीलों ने यूरोपीय कोर्ट में दलील दी थी कि यदि उसे भारत भेजा जाता है, तो वहां की जेलों की स्थिति और उसके मानसिक स्वास्थ्य के चलते उसके साथ अमानवीय व्यवहार हो सकता है। ‘नियम 39’ के तहत कोर्ट किसी भी प्रत्यर्पण पर तब रोक लगा सकता है जब व्यक्ति के जीवन को गंभीर खतरा हो। हालांकि, भारतीय जांच एजेंसियों ने कोर्ट में पुख्ता सबूत पेश किए कि भारत की जेलें अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हैं और नीरव मोदी को वहां पूरी सुरक्षा और चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जाएगी। कोर्ट ने भारत के तर्कों को सही मानते हुए नीरव की याचिका को आधारहीन करार दिया।14,000 करोड़ का घोटाला और 6 साल का लंबा इंतजारकरीब 14 हजार करोड़ रुपये के पीएनबी घोटाले का खुलासा होने के बाद साल 2018 में नीरव मोदी देश छोड़कर फरार हो गया था। तब से वह लंदन की वांड्सवर्थ जेल में बंद है और लगातार अपनी हार के खिलाफ ऊपरी अदालतों में अपील कर रहा है। भारतीय जांच एजेंसियां—सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ED)—पिछले कई वर्षों से नीरव को भारत लाने की कोशिशों में जुटी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यूरोपीय कोर्ट के इस ताजा रुख के बाद अब ब्रिटिश गृह मंत्रालय नीरव मोदी को भारत भेजने की अंतिम प्रक्रिया शुरू कर सकता है।भगोड़ों पर कसता जा रहा है कानून का शिकंजानीरव मोदी के मामले में आया यह मोड़ न केवल भारत सरकार की बड़ी कूटनीतिक जीत है, बल्कि यह विजय माल्या जैसे अन्य भगोड़ों के लिए भी एक कड़ा संदेश है। पिछले कुछ समय में भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भगोड़े अपराधियों की वापसी के लिए दबाव बनाया है। अगर नीरव मोदी भारत आता है, तो यह देश की बैंकिंग प्रणाली के साथ धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ एक नजीर साबित होगा। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि नीरव को किस विशेष विमान से और कितनी जल्दी मुंबई की आर्थर रोड जेल लाया जाता है।

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