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नोएडा की मदरसन कंपनी में मजदूरों का भारी हंगामा: क्या अफवाह ने बिगाड़ा काम? कंपनी ने सामने आकर बताई विरोध की असली वजह

News India Live, Digital Desk: उत्तर प्रदेश के औद्योगिक केंद्र नोएडा (Noida) में स्थित जानी-मानी ऑटो पार्ट्स निर्माता कंपनी मदरसन (Motherson) में पिछले दिनों हुए मजदूरों के विरोध प्रदर्शन ने काफी सुर्खियां बटोरीं। सैकड़ों श्रमिकों के सड़क पर उतरने और काम रोकने के बाद इलाके में तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई थी। अब इस पूरे विवाद पर कंपनी प्रबंधन की ओर से आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आया है। कंपनी का दावा है कि यह पूरा हंगामा किसी वास्तविक समस्या के बजाय ‘गलतफहमी’ और ‘भ्रामक सूचनाओं’ का नतीजा था।क्यों भड़के थे मजदूर? अफवाहों का बाजार हुआ गर्मनोएडा के सेक्टर-85 स्थित प्लांट में मजदूरों ने अचानक काम बंद कर गेट पर नारेबाजी शुरू कर दी थी। शुरुआती खबरों में दावा किया गया था कि कर्मचारी वेतन वृद्धि, बोनस और कार्यस्थल की परिस्थितियों को लेकर नाराज हैं। प्रदर्शन के दौरान स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि मौके पर भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा। मजदूरों का आरोप था कि उनकी मांगों को लंबे समय से अनसुना किया जा रहा है और प्रबंधन का रवैया उनके प्रति सख्त है।कंपनी की सफाई: ‘मिसइंफॉर्मेशन’ के कारण पैदा हुआ गतिरोधविवाद बढ़ता देख मदरसन कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों ने अपना पक्ष रखा है। कंपनी के प्रवक्ता के अनुसार, कुछ बाहरी तत्वों या गलत सूचनाओं के कारण मजदूरों के बीच यह बात फैल गई कि कंपनी की नीतियों में ऐसे बदलाव किए जा रहे हैं जो उनके हितों के खिलाफ हैं। कंपनी ने स्पष्ट किया कि न तो किसी की छंटनी की जा रही है और न ही वेतन में कोई कटौती की गई है। प्रबंधन ने इसे ‘मिसकम्युनिकेशन’ का मामला बताते हुए कहा कि श्रमिकों को गुमराह किया गया था।पुलिस की मध्यस्थता और काम पर वापसीनोएडा पुलिस और श्रम विभाग के अधिकारियों ने इस मामले में हस्तक्षेप किया। पुलिस के आला अधिकारियों ने मजदूरों और कंपनी प्रबंधन के बीच बैठक कराई। लंबी बातचीत के बाद, कंपनी ने मजदूरों को भरोसा दिलाया कि उनकी सुरक्षा और हक का पूरा ध्यान रखा जाएगा। इस आश्वासन के बाद मजदूरों का गुस्सा शांत हुआ और वे वापस काम पर लौटने को राजी हुए। फिलहाल प्लांट में कामकाज फिर से सामान्य हो गया है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से निगरानी रखी जा रही है।इंडस्ट्रियल बेल्ट में सुरक्षा और मजदूरों का हकनोएडा और ग्रेटर नोएडा जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में आए दिन कंपनियों और मजदूरों के बीच इस तरह के विवाद सामने आते रहते हैं। जानकारों का मानना है कि प्रबंधन और वर्कर्स के बीच संवाद की कमी ही अक्सर ऐसे बड़े आंदोलनों का कारण बनती है। मदरसन कंपनी ने कहा है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए वे एक बेहतर ‘ग्रीवेंस रिड्रेसल’ (शिकायत निवारण) सिस्टम लागू करेंगे ताकि किसी भी भ्रम को समय रहते दूर किया जा सके।

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