नोएडा में बवाल की बड़ी साजिश का पर्दाफाश रूपेश राय समेत कई नेताओं पर एफआईआर, हिंसा भड़काने का गंभीर आरोप

News India Live, Digital Desk: दिल्ली से सटे हाईटेक सिटी नोएडा में पिछले दिनों हुए हिंसक प्रदर्शनों को लेकर पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। नोएडा के औद्योगिक इलाकों में अशांति फैलाने और श्रमिकों को उकसाकर हिंसा कराने के मामले में पुलिस ने श्रमिक नेता रूपेश राय और उनके साथियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस का दावा है कि यह महज एक विरोध प्रदर्शन नहीं था, बल्कि इसके पीछे शहर की कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने की एक गहरी साजिश रची गई थी।श्रमिकों की आड़ में ‘प्लान’ तैयार, कंपनियों में हुई थी तोड़फोड़पुलिस जांच में सामने आया है कि रूपेश राय और अन्य आरोपियों ने नोएडा के सेक्टरों में स्थित फैक्ट्रियों के बाहर श्रमिकों को गुमराह किया। विरोध के नाम पर भीड़ को हिंसक बनाया गया, जिसके बाद कई कंपनियों में पथराव और तोड़फोड़ की घटनाएं हुईं। पुलिस की एफआईआर में उल्लेख किया गया है कि इन नेताओं ने प्रतिबंधित तरीके से भीड़ जुटाई और सुरक्षाकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की, जिससे औद्योगिक क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया।सीसीटीवी और वीडियो फुटेज से खुले राजनोएडा पुलिस ने हिंसा के दौरान के कई सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को साक्ष्य के तौर पर जुटाया है। इन वीडियो में कथित तौर पर रूपेश राय और उनके करीबी सहयोगी श्रमिकों को भड़काते हुए नजर आ रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उपद्रवियों की पहचान कर ली गई है और जल्द ही इस मामले में बड़ी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। पुलिस ने साफ किया है कि शहर के विकास और शांति में बाधा डालने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।औद्योगिक संगठनों ने जताई चिंता, सुरक्षा की मांगनोएडा के उद्यमियों और औद्योगिक संगठनों ने इस हिंसा की कड़ी निंदा की है। उद्योगों का कहना है कि इस तरह के प्रायोजित विरोध प्रदर्शनों से निवेशकों के बीच गलत संदेश जाता है और कामकाज प्रभावित होता है। उद्यमियों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि औद्योगिक क्षेत्रों में गश्त बढ़ाई जाए और फैक्ट्रियों के बाहर जमा होने वाली भीड़ पर सख्त नजर रखी जाए। प्रशासन ने भी आश्वासन दिया है कि कंपनियों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।