IPL 2026 : गुवाहाटी की पिच पर बवाल ,राजस्थान बनाम चेन्नई मैच के बाद पूर्व भारतीय दिग्गज ने पिच क्यूरेटर का किया बचाव

News India Live, Digital Desk: आईपीएल 2026 (IPL 2026) में राजस्थान रॉयल्स (RR) और चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के बीच गुवाहाटी के बारसापारा स्टेडियम में खेले गए कम स्कोर वाले मुकाबले ने नई बहस छेड़ दी है। जहां फैंस और कुछ विशेषज्ञ पिच की धीमी गति को लेकर सवाल उठा रहे हैं, वहीं एक पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने इस पिच का जोरदार बचाव किया है। उनका मानना है कि 127 रनों का स्कोर पिच की खराबी नहीं, बल्कि बल्लेबाजों की रणनीति में चूक का नतीजा था।क्या गुवाहाटी की पिच सच में ‘विलेन’ थी?राजस्थान और चेन्नई के बीच हुए इस मैच में रनों के लिए संघर्ष साफ देखा गया। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी टीम महज 127 रन ही बना सकी, जो टी20 क्रिकेट के लिहाज से काफी कम माना जाता है। मैच के बाद पिच की आलोचना होने लगी, लेकिन पूर्व भारतीय खिलाड़ी अभिनव मुकुंद ने इसे खारिज कर दिया। मुकुंद का तर्क है कि यह विकेट इतना भी खराब नहीं था कि यहां 150-160 रन न बन सकें। उन्होंने पिच क्यूरेटर का समर्थन करते हुए कहा कि हमें हर मैच में 200 रनों की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।बल्लेबाजों की तकनीक और शॉट सिलेक्शन पर उठे सवालअभिनव मुकुंद ने विश्लेषण करते हुए कहा कि “यह 127 रनों वाला विकेट नहीं था।” उनके अनुसार, दोनों टीमों के बल्लेबाजों ने पिच की गति को समझने में गलती की। गुवाहाटी की पिच थोड़ी धीमी जरूर थी, लेकिन वहां रुककर खेलने वाले बल्लेबाजों के लिए रन मौजूद थे। मुकुंद ने जोर देकर कहा कि टी20 क्रिकेट में गेंदबाजों के लिए भी कुछ मदद होना जरूरी है, वरना खेल एकतरफा हो जाएगा। उन्होंने बल्लेबाजों को नसीहत दी कि उन्हें मुश्किल पिचों पर अपनी तकनीक में बदलाव करना चाहिए न कि पिच को दोष देना चाहिए।चेन्नई और राजस्थान के लिए क्या रहे सबक?इस कम स्कोर वाले मैच ने राजस्थान रॉयल्स और चेन्नई सुपर किंग्स दोनों को अपनी रणनीतियों पर फिर से विचार करने के लिए मजबूर कर दिया है। संजू सैमसन और ऋतुराज गायकवाड़ जैसे कप्तानों के लिए यह सीख है कि अगर पिच उम्मीद के मुताबिक नहीं खेल रही है, तो वहां ‘पावर हिटिंग’ के बजाय स्ट्राइक रोटेशन ज्यादा अहम हो जाता है। गुवाहाटी की इस जीत-हार के अंतर ने प्लेऑफ की रेस को और भी रोमांचक बना दिया है, और अब सबकी नजरें इस मैदान पर होने वाले अगले मुकाबलों पर टिकी हैं।