पाकिस्तान में बड़ा आतंकी हमला: 29 सुरक्षाकर्मियों की मौत से दहला बलूचिस्तान, शवों के साथ बदसलूकी पर भड़के लोग

पाकिस्तान का अशांत प्रांत बलूचिस्तान एक बार फिर भीषण आतंकी हमलों से दहल उठा है। इस हफ्ते की शुरुआत में हुए अलग-अलग घात लगाकर किए गए हमलों में 11 सैनिकों और 18 पुलिसकर्मियों सहित कुल 29 सुरक्षाकर्मियों की बेरहमी से हत्या कर दी गई। प्रतिबंधित संगठन बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली है। इस खूनी खेल के बाद पूरे इलाके में तनाव है और सेना ने बड़ा सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है।
जियारत में पुलिस चौकी पर हमला और अपहरण
पाकिस्तानी सेना के अनुसार, बलूचिस्तान के जियारत जिले में आतंकियों ने एक पुलिस चौकी को निशाना बनाया था। हमले के दौरान आतंकियों ने नौ पुलिसकर्मियों की मौके पर ही हत्या कर दी, जबकि 18 अन्य जवानों को अगवा कर लिया गया था, जिनके शव बाद में बरामद हुए। दूसरी तरफ, बलूचिस्तान के ही एक मुख्य राजमार्ग पर सेना के काफिले को निशाना बनाया गया, जिसमें 11 सैनिकों की मौत हो गई।
सेना की जवाबी कार्रवाई में 54 विद्रोही ढेर
पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने बताया कि सोमवार से अब तक बलूचिस्तान में तीन बड़े आतंकी हमले हुए हैं, जिनमें कई बेकसूर लोगों ने भी जान गंवाई है। हमलों के बाद सेना ने आक्रामक जवाबी कार्रवाई की। सैन्य अधिकारियों का दावा है कि इस ऑपरेशन में अब तक 54 विद्रोहियों को मार गिराया गया है। पाकिस्तान ने इन हमलों के तार अफगानिस्तान से जुड़े होने का दावा किया है, हालांकि तालिबान सरकार ने इन आरोपों को खारिज किया है।
खुले टैंपो में शव ले जाने पर सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा
इस दर्दनाक घटना के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद बवाल मच गया है। वीडियो में दिख रहा है कि बलूचिस्तान सरकार शहीद पुलिसकर्मियों के शवों को सम्मानजनक एम्बुलेंस के बजाय एक खुले टैंपो में लादकर ले जा रही है। ताबूतों को इस तरह गाड़ी में भरे देख लोग पाकिस्तानी हुक्मरानों और सेना के रवैये पर तीखे सवाल उठा रहे हैं। बता दें कि बलूचिस्तान में प्राकृतिक संसाधनों के दोहन और अनदेखी को लेकर लंबे समय से अलगाववादी आंदोलन चल रहा है।