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पुतिन ने शहबाज शरीफ को दिया बड़ा तोहफा, पाकिस्तान के आलू से हटा बैन, क्या सुधरेंगे पड़ोसी देश के हालात?

News India Live, Digital Desk: आर्थिक तंगहाली और महंगाई से जूझ रहे पाकिस्तान के लिए रूस से एक राहत भरी खबर आई है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के प्रशासन ने पाकिस्तान से आलू के आयात पर लगे लंबे समय के प्रतिबंध को आधिकारिक तौर पर हटा लिया है। इस फैसले को न केवल व्यापारिक दृष्टि से देखा जा रहा है, बल्कि इसे रूस और पाकिस्तान के बीच बढ़ती नजदीकियों और कूटनीतिक तालमेल के संकेत के रूप में भी लिया जा रहा है।पाकिस्तानी किसानों के लिए ‘संजीवनी’ बनेगा रूसी बाजारपाकिस्तान का कृषि क्षेत्र, विशेष रूप से आलू उत्पादक किसान, पिछले काफी समय से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी पहुंच बनाने के लिए संघर्ष कर रहे थे। रूस द्वारा क्वालिटी मानकों और अन्य तकनीकी कारणों से लगाए गए प्रतिबंध के कारण आलू का निर्यात ठप पड़ा था। अब प्रतिबंध हटने के बाद, पाकिस्तान के पंजाब और अन्य प्रांतों के किसानों को अपने उत्पादन का सही दाम मिल सकेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि रूस जैसे बड़े बाजार के खुलने से पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार में भी मामूली सुधार की उम्मीद है।पुतिन और शहबाज के बीच बढ़ती केमिस्ट्रीराजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला अचानक नहीं लिया गया है। हाल के महीनों में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और रूसी नेतृत्व के बीच कई दौर की वार्ताएं हुई हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच रूस अपने लिए नए व्यापारिक साझीदार तलाश रहा है, वहीं पाकिस्तान को सस्ते ईंधन और अनाज के लिए रूस की जरूरत है। आलू से प्रतिबंध हटाना दोनों देशों के बीच भविष्य में होने वाले बड़े व्यापारिक समझौतों की पहली सीढ़ी माना जा रहा है।गुणवत्ता मानकों पर रहेगी कड़ी नजरहालांकि रूस ने आयात की अनुमति दे दी है, लेकिन इसके साथ ही सख्त शर्तें भी लागू की हैं। पाकिस्तानी निर्यातकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके आलू रूसी खाद्य सुरक्षा मानकों और फाइटोसैनिटरी नियमों पर खरे उतरें। यदि भविष्य में खेप में किसी भी प्रकार की बीमारी या कीड़े पाए जाते हैं, तो यह प्रतिबंध दोबारा लगाया जा सकता है। फिलहाल, पाकिस्तान के वाणिज्य मंत्रालय ने इसे एक बड़ी जीत बताया है और निर्यातकों को दिशा-निर्देश जारी करना शुरू कर दिया है।

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