फ्रांस में बनकर तैयार हुआ पहला पारंपरिक हिंदू मंदिर, भारत से नक्काशी कर लाए गए पत्थर; सितंबर में होगा 15 दिवसीय महाउत्सव

फ्रांस में रहने वाले भारतीय प्रवासियों और दुनिया भर के सनातन धर्मावलंबियों के लिए एक बेहद गौरवशाली और ऐतिहासिक खबर सामने आई है। फ्रांस की राजधानी पेरिस के प्रमुख उपनगर बुसी-सेंट-जार्जेस (Bussy-Saint-Georges) में देश का पहला भव्य और पारंपरिक हिंदू मंदिर (Traditional Hindu Temple) बनकर पूरी तरह तैयार हो चुका है, जिसका आधिकारिक उद्घाटन आगामी सितंबर 2026 में होने जा रहा है। फ्रांस में रहने वाले भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्यों ने गुरुवार को अत्यंत उत्साह के साथ यह वैश्विक घोषणा की। इस मंदिर को पूरी तरह से प्राचीन भारतीय वास्तुकला और स्थापत्य कला शैली में ढाला गया है, जो आने वाले समय में यूरोप में भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और वैश्विक शांति का एक बहुत बड़ा केंद्र बनने जा रहा है।
यह गौरवमयी उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि प्रसिद्ध पर्यटन स्थल 'डिज्नीलैंड पेरिस' के बिल्कुल नजदीक स्थित होने के कारण यह दुनिया भर से आने वाले लाखों पर्यटकों और श्रद्धालुओं के आकर्षण का मुख्य केंद्र बनेगा।
भारत में महीनों तक तराशे गए पत्थर, फिर समंदर पार फ्रांस ले जाकर आपस में जोड़े गए
इस भव्य मंदिर की सबसे अनूठी और चमत्कारी विशेषता यह है कि इसका निर्माण पूरी तरह से 'मेड इन इंडिया' (Made in India) पद्धति से हुआ है। बीएपीएस (BAPS) स्वामीनारायण संस्था से जुड़े भारतीय प्रवासी सदस्यों और वास्तुकला विशेषज्ञों ने बताया कि भारत के सर्वश्रेष्ठ और कुशल कारीगरों ने विशेष पत्थरों पर महीनों तक दिन-रात कड़ी मेहनत करके बेहद बारीक और अलौकिक नक्काशी की है। भारत की पावन धरती पर इन पत्थरों को पूरी तरह तराशने और मंदिर का ढांचा तैयार करने के बाद, इन्हें विशेष सुरक्षा के साथ समुद्र के रास्ते फ्रांस पहुंचाया गया। पेरिस में इन नक्काशीदार पत्थरों को प्राचीन भारतीय शिल्पशास्त्र के नियमों के अनुसार बिना सीमेंट के आपस में जोड़कर (Interlocking System) इस दिव्य मंदिर को धरातल पर उतारा गया है।
पीएम मोदी के स्वागत के बाद प्रवासी भारतीयों का बढ़ा उत्साह, सितंबर में सजेगा 15 दिनों का महाउत्सव
पेरिस में रहने वाले भारतीय प्रवासी सदस्य भवि पारिख ने वैश्विक मीडिया से बात करते हुए अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि हाल ही में फ्रांस की धरती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भव्य स्वागत करने के बाद अब हमारे पास गर्व करने का एक और ऐतिहासिक अवसर आ गया है। सितंबर 2026 में फ्रांस के इस पहले पारंपरिक हिंदू मंदिर का प्राण-प्रतिष्ठा समारोह आयोजित किया जाएगा। इस ऐतिहासिक पल को यादगार बनाने के लिए पेरिस में लगातार 15 दिनों तक चलने वाले एक विशाल धार्मिक और सांस्कृतिक महाउत्सव का आयोजन किया जा रहा है। मंदिर प्रबंधन ने फ्रांस, भारत, यूरोप और दुनिया भर के हिंदू समुदाय और अन्य सभी नागरिकों को इस उत्सव में शामिल होने के लिए खुला निमंत्रण भेजा है।
प्रवासी भारतीयों का कहना है कि यह मंदिर केवल पूजा-अर्चना का स्थान नहीं होगा, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों को भारतीय संस्कारों, वसुधैव कुटुंबकम की भावना और सनातन संस्कृति के समृद्ध इतिहास से रूबरू कराने का एक जीवंत माध्यम बनेगा।