बीकानेर मिलिट्री स्टेशन में जवानों संग दिवाली मनाने पहुंचे केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल

देश भर में प्रकाश और उमंग का महापर्व दीपावली पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है, और इस पावन अवसर पर सीमा प्रहरियों के त्याग को नमन करने का सिलसिला लगातार जारी है। इसी क्रम में केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल राजस्थान के बीकानेर स्थित ऐतिहासिक मिलिट्री स्टेशन पहुंचे। बीकानेर छावनी के भीतर स्थित प्रतिष्ठित 'रणबांकुरा डिवीजन' में पहुंचकर उन्होंने भारतीय सेना के जांबाज अधिकारियों और जवानों के साथ दीप प्रज्वलित किए और त्योहार की खुशियां बांटीं। केंद्रीय मंत्री ने अपने हाथों से मोर्चे पर डटे सैनिकों को मिठाइयां खिलाईं और पूरे सैन्य परिवार को दीपोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित कीं। देश के सुरक्षा प्रहरी जब अपने घरों और परिजनों से सैकड़ों मील दूर रहकर सीमाओं पर पहरा देते हैं, तब देश के शीर्ष नेतृत्व का उनके बीच पहुंचकर त्योहार मनाना जवानों के मनोबल को कई गुना बढ़ा देता है।
रणबांकुरा डिवीजन के परिसर में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने जवानों के साथ बेहद आत्मीय और सीधा संवाद स्थापित किया। उन्होंने कहा कि पूरा देश अपने घरों में सुरक्षित माहौल में दीपों का उत्सव केवल इसलिए मना पाता है क्योंकि रेगिस्तान की तपती धूप और कड़ाके की ठंड में हमारे जांबाज सैनिक सीमाओं की अटूट सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। मेघवाल ने सैनिकों के अदम्य साहस, समर्पण और राष्ट्र प्रथम की भावना की दिल खोलकर सराहना की। केंद्रीय मंत्री को अपने बीच पाकर जवानों के चेहरों पर भी मुस्कान और उत्साह साफ नजर आया। इस दौरान सैन्य अधिकारियों ने केंद्रीय मंत्री का पारंपरिक सैन्य गरिमा के साथ स्वागत किया और छावनी क्षेत्र में सौहार्दपूर्ण माहौल में दीपोत्सव का दीप जलाया गया।
अग्निवीर योजना में सेवा अवधि के विस्तार और स्थायी समायोजन पर केंद्रीय मंत्री का बड़ा बयान
सैनिकों के साथ संवाद के दौरान केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने रक्षा क्षेत्र के सबसे चर्चित विषय यानी 'अग्निवीर योजना' का विशेष रूप से उल्लेख किया। जवानों को संबोधित करते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लिए गए नीतिगत सुधारों की चर्चा की और अग्निवीर योजना की सेवा अवधि को चार वर्ष से बढ़ाकर छह वर्ष किए जाने के निर्णय को एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी कदम बताया। मेघवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं और सेना के हितों को ध्यान में रखते हुए यह सुनिश्चित किया है कि अग्निवीरों को अब सेना में ही स्थायी रूप से शामिल होने का व्यापक और सुदृढ़ अवसर प्राप्त हो सकेगा। उन्होंने इस कदम को सभी अग्निवीरों और रक्षा बलों के लिए केंद्र सरकार की ओर से एक बड़ा 'दिवाली गिफ्ट' करार दिया।
केंद्रीय मंत्री ने योजना की पृष्ठभूमि को स्पष्ट करते हुए जवानों से कहा कि पहले के प्रावधानों में सेवा अवधि पूरी होने के बाद केंद्रीय अर्धसैनिक बलों और अन्य क्षेत्रों में जाने के विकल्प मुख्य थे, लेकिन अब भारतीय सेना में ही उनकी स्थायी भूमिका को और अधिक विस्तार दिया गया है। अपने संबोधन के दौरान केंद्रीय कानून मंत्री ने उपस्थित सैनिकों से सीधे संवाद करते हुए पूछा कि क्या यह फैसला अच्छा है या इसमें अभी भी किसी प्रकार के संशोधन की आवश्यकता महसूस होती है। इस पर सभागार में मौजूद जवानों ने एक सुर और जोरदार आवाज में 'भारत माता की जय' के नारों के साथ इस निर्णय का पुरजोर स्वागत किया और इसे अत्यंत सकारात्मक बताया। मेघवाल ने कहा कि सरकार सैनिकों के कल्याण, सुरक्षा और भविष्य के प्रति पूरी तरह संवेदनशील और प्रतिबद्ध है।
बीकानेर में प्रस्तावित सगत सिंह म्यूजियम पर सैन्य अधिकारियों संग गहन मंथन
इस दीपोत्सव मिलन समारोह के दौरान केवल उत्सव ही नहीं, बल्कि सैन्य इतिहास और स्थानीय सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने के गंभीर विषयों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने बीकानेर मिलिट्री स्टेशन के वरिष्ठ सैन्य कमांडरों के साथ मिलकर क्षेत्र में प्रस्तावित 'लेफ्टिनेंट जनरल सगत सिंह म्यूजियम' की विस्तृत परिकल्पना और प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने सैन्य अधिकारियों के साथ बैठकर इस परियोजना के विभिन्न तकनीकी और ऐतिहासिक पहलुओं का जायजा लिया। लेफ्टिनेंट जनरल सगत सिंह भारतीय सेना के उन महानतम और साहसी कमांडरों में गिने जाते हैं, जिन्होंने 1971 के भारत-पाक युद्ध में बांग्लादेश की मुक्ति और 1967 के नाथू ला टकराव में ऐतिहासिक और निर्णायक भूमिका निभाई थी।
मेघवाल ने कहा कि बीकानेर की पावन धरा हमेशा से शूरवीरों और बलिदानियों की भूमि रही है, और यहां बनने वाला सगत सिंह संग्रहालय आने वाली पीढ़ियों को भारतीय सेना की शौर्य गाथाओं से परिचित कराने का सबसे सशक्त माध्यम बनेगा। यह संग्रहालय बीकानेर और राजस्थान के समृद्ध सैन्य इतिहास, आधुनिक युद्ध रणनीतियों और सैनिकों के अदम्य बलिदान को सहेजने की दिशा में एक युगांतरकारी पहल साबित होगा। उन्होंने उपस्थित सैन्य अधिकारियों को भरोसा दिलाया कि इस भव्य संग्रहालय के निर्माण कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा कराने के लिए केंद्र सरकार की ओर से हर संभव प्रशासनिक और वित्तीय सहायता प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराई जाएगी।
हर साल सैनिकों के बीच दिवाली मनाने का संकल्प, बीकानेर पहुंचते ही पहला काम जवानों के नाम
अपने संबोधन के अंतिम चरण में केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने जवानों के साथ अपने व्यक्तिगत और भावनात्मक जुड़ाव को साझा किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने कई वर्ष पहले यह दृढ़ संकल्प लिया था कि प्रत्येक दीपावली पर उनका सबसे पहला सार्वजनिक और पारिवारिक कर्तव्य सीमा के प्रहरियों के साथ खड़ा होना होगा। इसी संकल्प को निभाते हुए वे जब भी दीपावली के अवसर पर अपने संसदीय क्षेत्र बीकानेर की धरती पर कदम रखते हैं, तो उनका सबसे पहला आधिकारिक और आत्मीय कार्यक्रम सेना के जवानों के बीच पहुंचना ही होता है।
उन्होंने कहा कि राजनेताओं, अधिकारियों और देश के हर नागरिक का यह पावन धर्म बनता है कि वे अपने त्योहारों की शुरुआत उन जवानों के सम्मान से करें जो अपने परिवारों की खुशियों का त्याग कर देश की अखंडता की रक्षा में तैनात रहते हैं। दीप प्रज्वलन और मिठाई वितरण के बाद केंद्रीय मंत्री ने जवानों के साथ ग्रुप फोटोग्राफ खिंचवाए और उनके साथ बैठकर चाय पीते हुए उनके गृह क्षेत्रों और परिजनों का हालचाल भी जाना। बीकानेर मिलिट्री स्टेशन में केंद्रीय मंत्री की यह मौजूदगी न केवल सीमा पर तैनात सैन्य बलों के प्रति देश के आभार को दर्शाती है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि 140 करोड़ देशवासी अपने वीर जवानों के साथ एक अटूट परिवार की तरह खड़े हैं।