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बैंकिंग सेक्टर में बड़े बदलाव की तैयारी में सरकार, FDI सीमा बढ़ाने से लेकर दो सरकारी बैंकों के निजीकरण पर विचार

सरकार बड़े बैंकिंग सुधारों की तैयारी कर रही है। इस दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। सीएनबीसी-आवाज़ के लक्ष्मण रॉय ने इस एक्सक्लूसिव जानकारी पर और विस्तार से जानकारी दी है, सूत्रों के हवाले से बताया है कि सरकार का अगला फोकस बैंकिंग सुधारों पर हो सकता है। बैंकिंग सुधारों की तैयारियाँ ज़मीनी स्तर पर चल रही हैं। वित्त मंत्रालय, वित्त विभाग और आरबीआई के बीच इस पर चर्चा चल रही है।सूत्रों के मुताबिक, अगले कुछ हफ्तों में प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में बैंकिंग सुधारों पर एक बैठक होने की उम्मीद है। इस बैठक में दो-तीन मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। सबसे पहले, सरकारी बैंकों के लिए पूंजी जुटाने और इन बैंकों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की सीमा बढ़ाने पर चर्चा हो सकती है। सरकारी बैंकों में एफडीआई की सीमा 20% से ज़्यादा करने पर विचार हो सकता है। यह सीमा 20% से बढ़ाकर 49% की जा सकती है।वित्त मंत्री लगातार देश में दो-चार बड़े बैंकों की ज़रूरत पर ज़ोर देती रही हैं। अब इस पहल के जल्द लागू होने की उम्मीद है। इसके अलावा, दो सरकारी बैंकों के निजीकरण के प्रस्ताव पर भी पुनर्विचार होने की संभावना है। सरकार ने बजट 2021-22 में इसकी घोषणा की थी, लेकिन बाद में इस प्रस्ताव को छोड़ दिया गया। हालाँकि, अब ऐसा लग रहा है कि सरकार इस दिशा में कदम उठा रही है। अगले कुछ महीनों में बैंकिंग क्षेत्र में बड़े बदलाव होने की उम्मीद है। उम्मीद है कि वित्त मंत्री बजट पेश करते हुए इस बारे में ठोस संकेत देंगी।

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