बैंक में रखे आपके पैसों पर भी लगता है टैक्स? जानें वो नियम जो आपको बचा सकता है हजारों के नुकसान से!

“बैंक में पैसा रखा है,तो वो तो सेफ है! उस पर भला कैसा टैक्स?”अगर आप भी ऐसा ही सोचते हैं,तो आप एक बहुत बड़ी गलती कर रहे हैं,जो आपको इनकम टैक्स विभाग का नोटिस भी दिलवा सकती है।यह सच है कि आपकेसेविंग्स अकाउंट (बचत खाते)में पड़ेमूलधन (जैसे आपने₹1लाख जमा किए)पर कोई टैक्स नहीं लगता। लेकिन… उस पैसे पर जोब्याज (Interest)आपको मिलता है,वहटैक्स के दायरे में आता है।आइए,बिल्कुल आसान भाषा में समझते हैं टैक्स का यह पूरा’खेल’और यह भी जानते हैं कि आप कैसे कानूनी तरीके से इस पर छूट पा सकते हैं।तो क्या ब्याज के हर रुपये पर टैक्स लगता है? (जानें छूट का’ब्रह्मास्त्र’)नहीं! और यहीं सरकार ने हम जैसे आम आदमी को एक बड़ी राहत दी है।नियम क्या है:इनकम टैक्स के एक खास नियम,धारा80TTA,के तहत आपको अपने सेविंग्स अकाउंट पर एक साल में मिलने वाले₹10,000तक के ब्याज पर कोई टैक्स नहींदेना होता है। यह रकम पूरी तरह से टैक्स-फ्री है।उदाहरण:मान लीजिए,एक साल में आपको अपने सेविंग्स अकाउंट से₹9,500का ब्याज मिला। तो आपको इस परजीरो टैक्सदेना होगा।लेकिन,अगर ब्याज₹10,000से ज्यादा हुआ तो?अगर आपको साल में₹12,000का ब्याज मिला,तो₹10,000तो माफ हो जाएंगे,लेकिन बाकी के₹2,000आपकी कुल सालाना कमाई में जुड़ जाएंगे,और फिर आपके इनकम टैक्स स्लैब के हिसाब से उस पर टैक्स लगेगा।एक बहुत बड़ा कन्फ्यूजन: यह छूटFDऔरRDपर नहीं है!यह याद रखना बहुत जरूरी है कि यह₹10,000की छूट सिर्फ और सिर्फसेविंग्स अकाउंट के ब्याजपर है, FD (फिक्स्ड डिपॉजिट) याRD (रेकरिंग डिपॉजिट)के ब्याज पर नहीं।क्या बैंक खुद ही टैक्स काट लेता है (TDS)?आमतौर पर,सेविंग्स अकाउंट के ब्याज पर बैंकTDSनहीं काटता।बैंकTDSतभी काटता है जब:आपका ब्याजFDयाRDसे आ रहा हो और एक साल में₹40,000से ज्यादा हो।आपने बैंक में अपनापैन कार्ड जमा नहींकिया हो।2026में क्यों रहना होगा ज्यादा सावधान?साल2026से, RBIऔर इनकम टैक्स विभाग नेबैंकों पर निगरानी बहुत ज्यादा सख्तकर दी है। अब आपके खाते में होने वाले हर बड़े और असामान्य लेनदेन पर उनकी सीधी नजर है। इसका मकसद टैक्स चोरी और काले धन को रोकना है।इसलिए,अब यह और भी ज्यादा जरूरी हो गया है कि आप अपने बैंक खाते से मिलने वाले ब्याज की सही जानकारी अपनेइनकम टैक्स रिटर्न (ITR)में जरूर दें।याद रखिए,सही जानकारी और थोड़ी सी प्लानिंग आपको भविष्य में किसी भी तरह की कानूनी परेशानी और नोटिस के झंझट से बचा सकती है।