बॉबी देओल की फिल्म ‘बंदर’ ने OTT पर मचाया तहलका, मर्दों के दर्द पर छेड़ी नई बहस

भारतीय सिनेमा के गलियारों में और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर इन दिनों अगर किसी एक फिल्म की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, तो वह है बॉलीवुड के 'लॉर्ड बॉबी' यानी अभिनेता बॉबी देओल की नवीनतम रिलीज फिल्म 'बंदर' (Bandar)। जब सिनेमाघरों में यह फिल्म रिलीज हुई थी, तब इसने बॉक्स ऑफिस पर दर्शकों का ध्यान खींचा था, लेकिन अब जैसे ही यह ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 पर रिलीज हुई है, इसने सोशल मीडिया से लेकर हर तरफ एक नई बहस छेड़ दी है। फिल्म की कहानी, इसके संवेदनशील विषय और बॉबी देओल के बेजोड़ अभिनय ने दर्शकों को झकझोर कर रख दिया है। अपने करियर के इस दूसरे चरण में बॉबी देओल जिस तरह के चुनौतीपूर्ण और लीक से हटकर किरदार चुन रहे हैं, उसने उन्हें एक बार फिर से सुर्खियों के केंद्र में ला दिया है। आइए जानते हैं कि इस फिल्म की कहानी क्या है, निर्देशक अनुराग कश्यप ने इसमें किस दर्द को परदे पर उतारा है और जागरण फिल्म फेस्टिवल में बॉबी देओल ने इस प्रोजेक्ट को लेकर क्या बड़े खुलासे किए हैं।
OTT प्लेटफॉर्म पर आते ही क्यों चर्चा का विषय बन गई बॉबी देओल की 'बंदर'
फिल्म 'बंदर' (जिसे कई जगह 'बंदर: मंकी इन ए केज' के नाम से भी जाना जाता है) के ओटीटी रिलीज होने के बाद से ही यह इंटरनेट पर ट्रेंड करने लगी है। पिछले कुछ वर्षों में बॉबी देओल ने अपने अभिनय के दायरे को बेहद व्यापक किया है और नकारात्मक से लेकर जटिल किरदारों को पर्दे पर जीवंत किया है। यह फिल्म 5 जून को सिनेमाघरों में आई थी और 28 अगस्त को इसे प्रमुख ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 पर रिलीज कर दिया गया। फिल्म के रिलीज होते ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर दर्शकों और फिल्म समीक्षकों के बीच एक तीखी बहस छिड़ गई है। फिल्म के निर्देशक अनुराग कश्यप हैं, जो अपनी बेबाक और यथार्थवादी कहानियों के लिए जाने जाते हैं। इस फिल्म की पटकथा इतनी गहरी और झकझोर देने वाली है कि यह केवल एक क्राइम थ्रिलर बनकर नहीं रह जाती, बल्कि यह समाज के कई सुलगते हुए सवालों को सीधे तौर पर कटघरे में खड़ा करती है।
'बंदर' की कहानी: एक असफल स्टार, झूठे आरोपों का जाल और मर्दों का दर्द
फिल्म की कहानी 50 वर्षीय एक ऐसे व्यक्ति के इर्द-गिर्द घूमती है जिसका नाम समर (बॉबी देओल) है। समर एक समय टीवी सीरियल की दुनिया का एक जाना-माना और लोकप्रिय चेहरा हुआ करता था, लेकिन समय के साथ उसका स्टारडम फीका पड़ जाता है और जीविकोपार्जन के लिए उसे शादियों में गाना गाने जैसे छोटे काम करने पर मजबूर होना पड़ता है। समर अपनी जिंदगी की इस उधेड़बुन में व्यस्त है कि तभी एक दिन उसके जीवन में भूचाल आ जाता है। जब वह अपने घर पर सामान्य रूप से मौजूद होता है, तो अचानक पुलिस उसके घर पहुंचती है और उसे गिरफ्तार कर लेती है। पूरी तरह से हैरान-परेशान समर को जब यह पता चलता है कि उसकी गर्लफ्रेंड ने उस पर बलात्कार (Rape) जैसे गंभीर और जघन्य आरोप लगाए हैं, तो उसके पैरों तले जमीन खिसक जाती है।
समर और उसकी उस प्रेमिका की मुलाकात एक डेटिंग ऐप के जरिए हुई थी। आपसी मतभेदों और ब्रेकअप के गम में डूबी प्रेमिका गायत्री इस बात से आहत है, और दूसरी तरफ समर का अपने रिश्तों को लेकर थोड़ा उदासीन रवैया रहा है, जिसके कारण उसे कुछ भी साफ-साफ याद नहीं है कि ऐसी क्या परिस्थितियां बनीं। समर की बहन सुhani मेहरा (सान्या मल्होत्रा) इस मुश्किल घड़ी में उसका साथ देती है और एक वकील का प्रबंध करती है ताकि उसके भाई को इस झूठे जाल से बचाया जा सके। हालांकि, कानूनी लड़ाई से ज्यादा कठिन सफर जेल के भीतर का होता है। सलाखों के पीछे समर को न केवल शारीरिक और मानसिक यंत्रणा झेलनी पड़ती है, बल्कि जेल के भीतर कैदियों के बीच चलने वाली गुटबाजी और खौफनाक माहौल का भी सामना करना पड़ता है। फिल्म का मुख्य कथानक इसी बात पर केंद्रित है कि कैसे समर इस अदृश्य और जटिल चक्रव्यूह से बाहर निकलने की जद्दोजहद करता है।
Jagran Film Festival 2026 में Bobby Deol ने अपने किरदार को लेकर क्या कहा?
हाल ही में आयोजित प्रतिष्ठित 'जागरण फिल्म फेस्टिवल 2026' (Jagran Film Festival) के दौरान जब अभिनेता बॉबी देओल से यह सवाल किया गया कि उनकी फिल्म 'बंदर' को ओटीटी प्लेटफॉर्म पर दर्शकों की तरफ से किस तरह की प्रतिक्रिया मिल रही है, तो उन्होंने बेहद खुलकर और दिल से अपनी बात रखी। एक खास बातचीत के दौरान बॉबी देओल ने कहा, "इस तरह के अवसर बहुत दुर्लभ होते हैं, और ऐसे जटिल और अनोखे किरदार बहुत ही कम अभिनेताओं के हिस्से आते हैं। इसलिए एक कलाकार के रूप में, जब से मैंने ओटीटी पर अपने इस नए करियर की शुरुआत की है, तब से मेरी हमेशा से यही चाहत रही है कि मुझे ऐसे किरदार मिलें जिनमें मैं अपनी एक्टिंग के अलग-अलग शेड्स और परतों को दुनिया के सामने दिखा सकूं।"
बॉबी देओल ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा, "मैं खुद को बहुत भाग्यशाली मानता हूं कि मुझे 'बंदर' जैसी अनूठी फिल्म में काम करने का मौका मिला। एक ऐसा किरदार निभाना जिसकी किसी ने कल्पना भी न की हो, और विशेषकर जब आपको उसमें थोड़ी सफलता मिलती है, तो आपका आत्मविश्वास बढ़ता है और इंडस्ट्री में आपके लिए इस तरह के और भी बेहतरीन दरवाजे खुलते चले जाते हैं।" फिल्म में उनके द्वारा निभाए गए समर के किरदार की बेबसी और उसकी आंखों का दर्द दर्शकों के दिलों को चीरकर रख देता है, जिसकी सराहना हर तरफ हो रही है।
MeToo, झूठे आरोप और भारतीय जेलों की दयनीय दशा पर आधारित है फिल्म की पटकथा
फिल्म 'बंदर' केवल एक सस्पेंस थ्रिलर नहीं है, बल्कि यह मौजूदा दौर के कई संवेदनशील सामाजिक मुद्दों को गहराई से छूती है। यह फिल्म #MeToo आंदोलन के उस पहलू पर रोशनी डालती है जहाँ झूठे या निराधार आरोपों की संभावनाओं पर भी बहस छिड़ती है, और साथ ही यह भी दिखाती है कि कैसे वास्तविक पीड़ितों को न्याय दिलाना और कानून की सही प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक है। इसके अलावा, फिल्म में भारतीय जेलों के अंदर की अमानवीय और दयनीय स्थितियों का बेहद डरावना और यथार्थवादी चित्रण किया गया है। कैदियों के बीच होने वाली गुटबाजी, भ्रष्टाचार और मानसिक टॉर्चर को निर्देशक अनुराग कश्यप ने बिना किसी बनावट के परदे पर उतारा है। यही कारण है कि यह फिल्म देखने के बाद दर्शक आसानी से सिनेमा हॉल या अपनी स्क्रीन से उठ नहीं पाते, बल्कि वे गहराई से सोचने पर मजबूर हो जाते हैं।
निष्कर्ष: अगर सस्पेंस और यथार्थवादी सिनेमा के हैं शौकीन, तो मिस न करें यह फिल्म
कुल मिलाकर देखा जाए तो 'बंदर' एक ऐसी सिनेमाई पेशकश है जो आपको हिलाकर रख देगी। यदि आपने इस फिल्म को सिनेमाघरों में मिस कर दिया था, तो अब आपके पास ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 पर इसे देखने का सुनहरा मौका है। फिल्म की कसी हुई पटकथा, अनुराग कश्यप का बेबाक निर्देशन, सान्या मल्होत्रा का प्रभावशाली अभिनय और विशेष तौर पर बॉबी देओल की मझा हुआ और परिपक्व अभिनय इसे इस साल की सबसे चर्चित फिल्मों में शुमार करता है। यह फिल्म मनोरंजन के साथ-साथ आपको सोचने पर मजबूर करती है कि न्याय, सच्चाई और मानवीय रिश्तों की असल परिभाषा क्या होती है।