उत्तर प्रदेश

बोड़ाकी रेलवे स्टेशन से परीचौक-कासना तक ई-बस सेवा का ट्रायल शुरू

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के सबसे तेजी से विकसित होते औद्योगिक और शैक्षणिक हब ग्रेटर नोएडा से कनेक्टिविटी को लेकर एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है। दिल्ली-एनसीआर आने-जाने वाले यात्रियों, स्थानीय नागरिकों, नौकरीपेशा युवाओं और दूर-दराज से पढ़ने आने वाले छात्रों के लिए आवागमन को बेहद सुगम और किफायती बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। ग्रेटर नोएडा के उभरते हुए महत्वपूर्ण परिवहन केंद्र बोड़ाकी रेलवे स्टेशन (Bodaki Railway Station) से लेकर व्यस्त व्यावसायिक और शैक्षणिक क्षेत्र परीचौक होते हुए कासना (Kasna) तक आधुनिक इलेक्ट्रिक बसों (E-Buses) के संचालन के लिए शनिवार को आधिकारिक तौर पर ट्रायल की शुरुआत कर दी गई है। इस बहुप्रतीक्षित बस सेवा के शुरू होने से न केवल ग्रेटर नोएडा के आंतरिक परिवहन तंत्र को मजबूती मिलेगी, बल्कि यात्रियों को महंगे ऑटो और प्राइवेट वाहनों के झंझट से भी स्थायी रूप से मुक्ति मिल जाएगी।

लंबे समय से की जा रही थी बोड़ाकी से कासना तक बस सेवा की मांग

ग्रेटर नोएडा और दादरी क्षेत्र के बीच स्थित बोड़ाकी रेलवे स्टेशन को आने वाले समय में एक बड़े ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस स्टेशन पर प्रतिदिन हजारों की संख्या में यात्री ट्रेन पकड़ने या उतरने के लिए पहुंचते हैं। इसके अलावा, ग्रेटर नोएडा की विभिन्न औद्योगिक इकाइयों, मल्टीनेशनल कंपनियों और तकनीकी शिक्षण संस्थानों में नौकरी करने व पढ़ाई करने के लिए देश के कोने-कोने से युवा रोजाना बोड़ाकी रेलवे स्टेशन पर उतरते हैं। स्टेशन से बाहर निकलने के बाद उन्हें ग्रेटर नोएडा के प्रमुख हिस्सों जैसे परीचौक, सूरजपुर या कासना तक पहुंचने के लिए भारी-भरकम किराए पर ऑटो या अन्य निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ता था। कई बार तो यात्रियों को मनमाना किराया चुकाने के बाद भी समय पर वाहन नहीं मिल पाते थे, जिससे उनकी ट्रेन छूटने या ऑफिस-कॉलेज लेट होने की चिंता बनी रहती थी। स्थानीय निवासियों, ग्रामीणों और यात्रियों द्वारा पिछले काफी समय से इस रूट पर नियमित सार्वजनिक बस सेवा शुरू करने की जोरदार मांग उठाई जा रही थी, जिसे अब धरातल पर उतारने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

शनिवार को सफलतापूर्वक शुरू हुआ ई-बसों का रूट ट्रायल, ग्रामीणों में खुशी की लहर

जनता की इसी गंभीर समस्या और यातायात की मांग को संज्ञान में लेते हुए शनिवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और परिवहन विभाग के सहयोग से बोड़ाकी रेलवे स्टेशन से परीचौक और कासना के रास्ते पर ई-बसों का सफल ट्रायल रन (Trial Run) शुरू किया गया। जैसे ही इस रूट पर इलेक्ट्रिक बसों के पहिए घूमे, वैसे ही स्थानीय ग्रामीणों, यात्रियों और आसपास के इलाकों के लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। ट्रायल के सफल होने के बाद ग्रामीणों और स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के प्रबंधन का तहे दिल से आभार जताया है। लोगों का कहना है कि यह पहल क्षेत्र के विकास में एक मील का पत्थर साबित होगी क्योंकि इससे न केवल प्रदूषण मुक्त परिवहन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि आम जनता की जेब पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ भी काफी हद तक कम हो जाएगा।

नौकरीपेशा लोगों, छात्र-छात्राओं और दैनिक यात्रियों को मिलेगी भारी राहत

ग्रेटर नोएडा में औद्योगिक विकास के साथ-साथ आवासीय बस्तियां भी तेजी से फैली हैं। ग्रेटर नोएडा के विभिन्न सेक्टरों और सोसाइटियों में रहने वाले तमाम लोग भी अक्सर ट्रेन यात्रा के लिए बोड़ाकी रेलवे स्टेशन का रुख करते हैं। ऐसे में स्टेशन से घर वापसी या घर से स्टेशन जाने के लिए एक सुलभ और सुरक्षित परिवहन माध्यम की सख्त आवश्यकता थी। इस नई ई-बस सेवा के शुरू होने से सबसे बड़ा लाभ नौकरीपेशा वर्ग और कॉलेज जाने वाले छात्र-छात्राओं को मिलने वाला है। अब छात्र और कर्मचारी बिना किसी तनाव के किफायती किराए पर समयबद्ध तरीके से अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं परशुराम और संजय चौधरी ने इस ट्रायल पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस बस सेवा के नियमित रूप से संचालित होने से न केवल दैनिक यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि बोड़ाकी रेलवे स्टेशन के आसपास के ग्रामीण इलाकों की मुख्य शहर से कनेक्टिविटी भी बेहद मजबूत हो जाएगी, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और आवागमन के अवसर और अधिक सुगम हो जाएंगे।

पर्यावरण के अनुकूल इलेक्ट्रिक बसों से सजी होगी ग्रेटर नोएडा की नई परिवहन व्यवस्था

आज के समय में जब पूरा देश और दुनिया प्रदूषण की समस्या से जूझ रही है, ऐसे में सार्वजनिक परिवहन के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों (E-Buses) का इस्तेमाल करना एक दूरदर्शी और पर्यावरण-अनुकूल कदम है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा शुरू की जा रही इन ई-बसों में आधुनिक यात्रियों के लिए आरामदायक सीटें, सुरक्षित सफर और प्रदूषण रहित तकनीक का पूरा ध्यान रखा गया है। यह बसें कम शोर करती हैं और कार्बन उत्सर्जन को पूरी तरह से शून्य रखती हैं। बोड़ाकी से कासना के बीच चलने वाली इन बसों के रूट और टाइम टेबल को अंतिम रूप दिए जाने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है, ताकि आने वाले कुछ ही दिनों में इसे आम जनता के लिए पूरी तरह से समर्पित किया जा सके। ग्रेटर नोएडा के इस आधुनिक परिवहन विकास से न केवल स्थानीय नागरिकों का जीवन आसान होगा, बल्कि यह शहर देश के अन्य स्मार्ट शहरों के लिए भी एक बेहतरीन उदाहरण पेश कर रहा है।

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