भयंकर गर्मी में जानलेवा बन सकती है शरीर में पानी की कमी! सिर दर्द और चक्कर आने की समस्या से लोग बेहाल

देश के अधिकांश हिस्सों में सूरज की तपिश और भीषण गर्मी ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। पारा रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के साथ ही अस्पतालों और ओपीडी में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी है। इस चिलचिलाती धूप और लू (Heat Wave) के मौसम में डॉक्टरों ने एक बेहद गंभीर चेतावनी जारी की है। विशेषज्ञों के मुताबिक, इस मौसम में शरीर में पानी की थोड़ी सी भी कमी यानी डिहाइड्रेशन (Dehydration) न केवल आपकी सेहत को बिगाड़ सकती है, बल्कि कुछ परिस्थितियों में यह जानलेवा भी साबित हो सकती है। इन दिनों अचानक सिर दर्द होने, चक्कर आने, भारी कमजोरी और घबराहट महसूस होने की शिकायतों के साथ बड़ी संख्या में लोग डॉक्टरों के पास पहुंच रहे हैं, जो सीधे तौर पर शरीर में पानी और जरूरी लवणों की कमी का साफ इशारा है।
इन शुरुआती लक्षणों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज
जब आपके शरीर में पानी का स्तर कम होने लगता है, तो हमारा शरीर हमें कई तरह के संकेत देकर सावधान करने की कोशिश करता है। शुरुआती दौर में तेज सिर दर्द होना, अचानक चक्कर आना, मुंह का बार-बार सूखना और अत्यधिक थकान महसूस होना इसके मुख्य लक्षण हैं। इसके अलावा, यदि आपके यूरिन (पेशाब) का रंग गहरा पीला हो गया है या आपको सामान्य से बहुत कम पेशाब आ रहा है, तो समझ लीजिए कि आपका शरीर गंभीर रूप से पानी की कमी से जूझ रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि लोग अक्सर सिर दर्द को आम समझकर पेनकिलर खा लेते हैं, जबकि असली समस्या डिहाइड्रेशन होती है। इसे नजरअंदाज करने पर व्यक्ति बेहोश हो सकता है या उसे हीट स्ट्रोक (Heat Stroke) भी आ सकता है।
जानिए डॉक्टरों के अनुसार क्यों खतरनाक है डिहाइड्रेशन
वरिष्ठ डॉक्टरों का कहना है कि गर्मी के दिनों में अत्यधिक पसीना निकलने के कारण शरीर से न केवल पानी बाहर जाता है, बल्कि सोडियम, पोटैशियम और क्लोराइड जैसे महत्वपूर्ण इलेक्ट्रोलाइट्स भी शरीर से कम हो जाते हैं। जब शरीर में इन जरूरी तत्वों का संतुलन बिगड़ता है, तो रक्तचाप (Blood Pressure) अचानक लो हो सकता है, जिससे दिमाग तक ऑक्सीजन की सप्लाई धीमी हो जाती है और व्यक्ति को चक्कर आने लगते हैं। बुजुर्गों, बच्चों और पहले से किसी गंभीर बीमारी (जैसे डायबिटीज या दिल की बीमारी) से पीड़ित लोगों के लिए यह स्थिति बेहद संवेदनशील हो जाती है और समय पर इलाज न मिलने पर किडनी पर भी इसका बहुत बुरा असर पड़ सकता है।
सिर्फ सादा पानी पीना काफी नहीं, बदलें अपना हाइड्रेशन प्लान
इस जानलेवा स्थिति से बचने के लिए डॉक्टरों ने बेहद सरल और प्रभावी उपाय बताए हैं। सबसे पहली बात तो यह है कि जब आपको तेज प्यास लगे, सिर्फ तभी पानी न पिएं, बल्कि हर आधे से एक घंटे में थोड़ा-थोड़ा पानी पीने की आदत डालें। डॉक्टरों के अनुसार, अत्यधिक गर्मी में केवल सादा पानी पीना ही काफी नहीं होता है। शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को पूरा करने के लिए ओआरएस (ORS) का घोल, नींबू पानी, नमक-चीनी का घरेलू घोल, नारियल पानी या ताजी छाछ का सेवन बेहद जरूरी है। ये ड्रिंक्स शरीर को तुरंत ऊर्जा देते हैं और ब्लड प्रेशर को सामान्य बनाए रखने में मदद करते हैं।
खान-पान में करें ये जरूरी बदलाव और धूप से बनाएं दूरी
भीषण गर्मी के इन दिनों में अपने खान-पान पर विशेष ध्यान देना चाहिए। दोपहर के समय बहुत ज्यादा हैवी, तैलीय या मसालेदार खाना खाने से बचें क्योंकि ऐसा भोजन पचाने के लिए शरीर को ज्यादा पानी की जरूरत होती है। इसकी जगह अपनी डाइट में पानी से भरपूर ताजे फल और सब्जियां, जैसे तरबूज, खरबूजा, खीरा, ककड़ी और लौकी को प्रचुर मात्रा में शामिल करें। इसके साथ ही, दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच जब धूप सबसे तेज होती है, तब बहुत जरूरी न होने पर घर से बाहर निकलने से बचें। यदि बाहर जाना ही पड़े, तो सूती और ढीले कपड़े पहनें, सिर को ढककर रखें और अपने साथ पानी की बोतल ले जाना बिल्कुल न भूलें। चाय, कॉफी और कोल्ड ड्रिंक्स का सेवन कम से कम करें क्योंकि ये चीजें शरीर को हाइड्रेट करने के बजाय यूरिन के जरिए पानी को और तेजी से बाहर निकालती हैं।