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सेंशुअल होना और वल्गर दिखने में बड़ा फर्क है’, जाह्नवी कपूर के पेद्दी विवाद पर खुलकर बोलीं कंगना रनौत

सेंशुअल होना और वल्गर दिखने में बड़ा फर्क है', जाह्नवी कपूर के पेद्दी विवाद पर खुलकर बोलीं कंगना रनौत

बॉलीवुड में अपने बेबाक बयानों और बेखौफ अंदाज के लिए जानी जाने वाली अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत (Kangana Ranaut) एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार कंगना ने फिल्म इंडस्ट्री की उभरती हुई स्टार जाह्नवी कपूर (Janhvi Kapoor) से जुड़े हालिया 'पेद्दी' (Peddi) विवाद पर अपनी तीखी और दो टूक प्रतिक्रिया दी है। अपनी बात को बिना किसी फिल्टर के रखने के लिए मशहूर कंगना ने इस पूरे मामले पर न केवल जाह्नवी कपूर के रुख पर बात की, बल्कि बॉलीवुड के दोहरे मापदंडों को लेकर भी पूरी फिल्म इंडस्ट्री की पोल खोलकर रख दी है। कंगना का यह बयान सोशल मीडिया पर आते ही आग की तरह फैल गया है और इस पर फिल्म गलियारों में जोरदार बहस छिड़ गई है।

क्या है जाह्नवी कपूर से जुड़ा पूरा 'पेद्दी' विवाद?

पूरे मामले को समझने के लिए थोड़ा पीछे जाना होगा। हाल ही में जाह्नवी कपूर अपनी एक फिल्म के प्रमोशन और बोल्ड फोटोशूट को लेकर चर्चा में आई थीं, जिसके बाद सोशल मीडिया पर एक खास शब्द 'पेद्दी' को लेकर विवाद खड़ा हो गया। नेटिजन्स और कुछ आलोचकों ने जाह्नवी के पहनावे और ऑन-स्क्रीन प्रस्तुति को लेकर उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया था। जाह्नवी कपूर ने इस पर सफाई देते हुए कहा था कि आज के दौर में कला और अभिव्यक्ति को गलत नजरिए से देखा जा रहा है। लेकिन जब यही मामला कंगना रनौत के सामने आया, तो उन्होंने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए शालीनता और अश्लीलता के बीच की बारीक लकीर को याद दिलाया।

कंगना ने समझाया सेंशुअल और वल्गर के बीच का असली अंतर

कंगना रनौत ने इस विवाद पर अपनी राय रखते हुए साफ शब्दों में कहा कि सिनेमा में 'सेंशुअलिटी' (Sensuality) यानी कामुकता और 'वल्गरिटी' (Vulgarity) यानी अश्लीलता के बीच एक बहुत बड़ा और स्पष्ट फर्क होता है। उन्होंने पुराने दौर की अभिनेत्रियों का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले की हीरोइनें भी स्क्रीन पर बेहद आकर्षक और सेंशुअल लगती थीं, लेकिन उनकी प्रस्तुति में एक गरिमा और शालीनता होती थी, जिसे पूरा परिवार एक साथ बैठकर देख सकता था। कंगना के मुताबिक, आज के दौर में सिर्फ ध्यान खींचने (Attention) और सोशल मीडिया पर व्यूज बटोरने के चक्कर में बोल्डनेस को वल्गरिटी की हद तक ले जाया जा रहा है, जो भारतीय सिनेमा की संस्कृति के खिलाफ है।

फिल्म इंडस्ट्री के दोहरे चरित्र और एजेंडे को किया बेनकाब

अपने बयान के अगले हिस्से में कंगना ने हमेशा की तरह पूरी बॉलीवुड इंडस्ट्री को आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि फिल्म इंडस्ट्री में कुछ खास स्टार किड्स और नेपोटिज्म (Nepotism) के प्रोडक्ट्स को बचाने के लिए पूरा इकोसिस्टम एक्टिव हो जाता है। जब कोई बड़ी स्टार किड किसी विवाद में फंसती है, तो उसे 'आधुनिकता' और 'महिला सशक्तिकरण' का नाम दे दिया जाता है, जबकि वही काम अगर कोई आउटसाइडर या छोटे शहर की अभिनेत्री करे, तो उसे तुरंत जज किया जाता है। कंगना ने साफ कहा कि इंडस्ट्री का यह दोहरा चरित्र और अंदरूनी पोल अब जनता के सामने पूरी तरह खुल चुकी है।

सोशल मीडिया पर बंटे फैंस, चर्चाओं का बाजार बेहद गर्म

कंगना रनौत के इस तीखे बयान के बाद सोशल मीडिया दो गुटों में बंट गया है। जहां एक तरफ कंगना के फैंस उनके इस बेबाक नजरिए और सच्चाई को उजागर करने की तारीफ कर रहे हैं और कह रहे हैं कि उन्होंने बिल्कुल सही अंतर समझाया है। वहीं दूसरी तरफ, जाह्नवी कपूर के समर्थकों का मानना है कि कंगना जानबूझकर जूनियर अभिनेत्रियों को निशाना बनाती हैं और हर मुद्दे को नेपोटिज्म से जोड़ देती हैं। खैर, विवाद चाहे जो भी हो, लेकिन कंगना के इस नए कड़े वार ने एक बार फिर बॉलीवुड के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान को सरेआम उजागर कर दिया है।

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