भारत संग ट्रेड डील से गदगद हुआ न्यूजीलैंड, पीएम मोदी के ऐतिहासिक ऑकलैंड दौरे से पहले प्रधानमंत्री लक्सन का बड़ा ऐलान

इंडोनेशिया और ऑस्ट्रेलिया के सफल द्विपक्षीय दौरों के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब अपनी विदेश यात्रा के आखिरी और सबसे महत्वपूर्ण चरण में न्यूजीलैंड पहुंचने वाले हैं। पिछले करीब चार दशकों (40 साल) में किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री का यह पहला ऐतिहासिक न्यूजीलैंड दौरा है, जिसे लेकर वहां की सरकार और व्यापारिक जगत में जबरदस्त उत्साह है। पीएम मोदी के ऑकलैंड पहुंचने से ठीक पहले न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने भारत के साथ हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को लेकर एक बड़ा और सकारात्मक ऐलान किया है, जिसने दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों में नई ऊर्जा फूंक दी है।
पहले ही दिन से 57 फीसदी कीवी उत्पाद होंगे पूरी तरह टैक्स-फ्री: क्रिस्टोफर लक्सन
भारत के साथ अप्रैल महीने में संपन्न हुई इस ऐतिहासिक ट्रेड डील से न्यूजीलैंड कितना गदगद है, इसका अंदाजा प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के ताजा बयान से लगाया जा सकता है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर खुशी जाहिर करते हुए लक्सन ने कहा कि भारत के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौते से न्यूजीलैंड के बिजनेस और इकोनॉमी को एक अभूतपूर्व उछाल मिलने जा रहा है। उन्होंने एलान किया कि इस समझौते के लागू होते ही भारत को निर्यात किए जाने वाले न्यूजीलैंड के कुल उत्पादों में से 57 प्रतिशत हिस्सा पहले ही दिन से पूरी तरह टैरिफ-फ्री (सीमा शुल्क मुक्त) हो जाएगा। इससे न्यूजीलैंड के डेयरी, कृषि और लकड़ी उद्योग से जुड़े व्यापारियों को सीधे तौर पर भारतीय बाजारों में एक बहुत बड़ा और सुगम रास्ता मिल गया है।
द्विपक्षीय वार्ता, खेल हस्तियों से मुलाकात और भारतीय समुदाय को संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी न्यूजीलैंड के पीएम क्रिस्टोफर लक्सन के विशेष और व्यक्तिगत न्योते पर ही ऑकलैंड पहुंच रहे हैं। अपने इस दो दिवसीय आधिकारिक दौरे के दौरान पीएम मोदी और पीएम लक्सन के बीच एक उच्च स्तरीय द्विपक्षीय बैठक होगी। इस बैठक में दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, रक्षा, सुरक्षा, और रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने पर गहन चर्चा की जाएगी। इसके अलावा, पीएम मोदी ऑकलैंड में वैश्विक स्तर पर चमकने वाली खेल और व्यापारिक जगत की प्रमुख हस्तियों से संवाद करेंगे। साथ ही, वे न्यूजीलैंड में बसे विशाल और प्रभावशाली प्रवासी भारतीय समुदाय (Indian Diaspora) के एक बड़े कार्यक्रम को भी संबोधित करेंगे, जिससे दोनों देशों के सांस्कृतिक संबंध और प्रगाढ़ होंगे।
भारत के कपड़ा और जेम्स-ज्वेलरी सेक्टर को मिलेगा बंपर मुनाफा
दोनों देशों के बीच इसी साल 27 अप्रैल को इस फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर अंतिम सहमति बनी थी। इस समझौते के तहत जहां न्यूजीलैंड भारतीय उत्पादों पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी को शत-प्रतिशत खत्म करने जा रहा है, जिससे भारत के कपड़ा (Textiles), चमड़ा (Leather), रत्न-आभूषण (Gems and Jewellery) और इंजीनियरिंग उत्पाद न्यूजीलैंड के बाजारों में बेहद प्रतिस्पर्धी और सस्ते हो जाएंगे।
बदले में, भारत ने भी न्यूजीलैंड से आयात होने वाले करीब 95 फीसदी सामानों पर टैक्स को या तो बेहद कम कर दिया है या पूरी तरह हटा दिया है। इसमें प्रमुख रूप से न्यूजीलैंड के मशहूर कीवी फल, सेब, लकड़ी और ऊन शामिल हैं। हालांकि, भारतीय हितों की रक्षा करते हुए सरकार ने घरेलू डेयरी सेक्टर और संवेदनशील कृषि उत्पादों को इस टैरिफ छूट से बाहर रखा है, ताकि देश के करोड़ों किसानों के हितों को कोई नुकसान न पहुंचे।
20 बिलियन डॉलर का महा-निवेश और भारतीयों के लिए आसान वीजा के रास्ते साफ
यह ट्रेड डील केवल सामानों के आयात-निर्यात तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह भविष्य के बड़े आर्थिक निवेश का रोडमैप भी है। इस समझौते के तहत न्यूजीलैंड अगले 15 से 20 वर्षों के भीतर भारत के बुनियादी ढांचे (Infrastructure), रिन्यूएबल एनर्जी (अक्षय ऊर्जा) और एग्री-टेक जैसे उभरते हुए सेक्टर्स में 20 बिलियन अमेरिकी डॉलर का एक विशाल निवेश करेगा।
इसके साथ ही, भारतीय प्रोफेशनल्स, छात्रों और स्किल्ड वर्कर के लिए न्यूजीलैंड के वीजा नियम काफी सरल बनाए जा रहे हैं। नए नियमों के तहत हर साल भारत के आईटी प्रोफेशनल्स, इंजीनियर्स, शेफ, योग टीचर्स और पारंपरिक चिकित्सा (आयुर्वेद) के जानकारों को न्यूजीलैंड में काम करने के लिए विशेष कोटा और वर्क परमिट के सुनहरे अवसर प्रदान किए जाएंगे।