मनोरंजन

महाकाव्य श्री रामायण कथा’ का टीज़र आते ही सोशल मीडिया पर फूटा जनता का गुस्सा

भारतीय संस्कृति और आस्था के सबसे पवित्र ग्रंथों में से एक रामायण पर आधारित आगामी प्रोजेक्ट 'महाकाव्य श्री रामायण कथा' का जैसे ही टीज़र या ट्रेलर रिलीज हुआ, वैसे ही इंटरनेट पर विवादों का एक बड़ा बवंडर खड़ा हो गया है। इस प्रोजेक्ट के सामने आते ही सोशल मीडिया यूजर्स और धार्मिक भावनाओं से जुड़े लोग बुरी तरह भड़क उठे हैं, और इसका मुख्य कारण इसमें मां सीता के पवित्र और पूजनीय किरदार को निभाने वाली अभिनेत्री का चयन है। अंजलि अरोड़ा, जो सोशल मीडिया की दुनिया में एक जाना-पहचाना चेहरा हैं और अपने रील्स व अन्य प्रोजेक्ट्स के लिए जानी जाती हैं, उन्हें मां सीता की भूमिका में देख कर जनता का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। लोगों का कहना है कि हमारी पौराणिक कथाओं और देवी-देवताओं के पावन चरित्रों को इस तरह के कलाकारों को सौंपना सनातन संस्कृति का अपमान है। टीज़र के रिलीज होने के कुछ ही घंटों के भीतर यह मुद्दा ट्विटर (एक्स) से लेकर इंस्टाग्राम और अन्य तमाम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ट्रेंड करने लगा, जहां हर तरफ मेकर्स और अभिनेत्री की इस कास्टिंग को लेकर कड़ी आलोचना की जा रही है।

मां सीता के रोल में अंजलि अरोड़ा को कास्ट करने पर भड़के लोग: कहा- 'भगवान से डरो'

सनातन धर्म के अनुयायियों और राम भक्तों ने 'महाकाव्य श्री रामायण कथा' के मेकर्स पर निशाना साधते हुए बेहद तीखी प्रतिक्रियाएं दी हैं। सोशल मीडिया पर लोग खुले तौर पर यह कहते नजर आ रहे हैं कि "भगवान से तो डरो तुमलोग," क्योंकि रामायण जैसी महागाथा कोई साधारण कहानी नहीं है, बल्कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था का सीधा प्रतीक है। मां सीता को त्याग, पवित्रता, और भारतीय नारी के सर्वोच्च आदर्श के रूप में पूजा जाता है, और ऐसे में जब एक ऐसे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर को इस किरदार के लिए चुना जाता है जिसकी एक अलग पब्लिक इमेज रही है, तो दर्शकों की भावनाएं आहत होना स्वाभाविक है। नेटिज़न्स का तर्क है कि फिल्म या वेब प्रोजेक्ट्स बनाने वाले लोग सस्ती लोकप्रियता (Cheap Publicity) और व्यूज पाने के लिए अक्सर इस तरह के विवादास्पद कास्टिंग फैसले लेते हैं, जो किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किए जा सकते। कई यूजर्स ने तो यहां तक कह दिया है कि इस तरह के प्रोजेक्ट्स का पूरी तरह से बहिष्कार (Boycott) किया जाना चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी निर्माता हमारी धार्मिक आस्थाओं के साथ खिलवाड़ करने की हिम्मत न जुटा सके।

मेकर्स की पसंद और कास्टिंग चॉइस पर उठ रहे गंभीर सवाल

किसी भी फिल्म या सीरीज की सफलता या असफलता में उसकी कास्टिंग का बहुत बड़ा योगदान होता है, और विशेषकर जब बात रामायण या महाभारत जैसे महाकाव्यों की हो, तो दर्शकों की उम्मीदें बहुत अधिक होती हैं। 'महाकाव्य श्री रामायण कथा' के निर्माताओं ने अंजलि अरोड़ा को मां सीता के रूप में पेश करके शायद यह सोचा होगा कि इससे प्रोजेक्ट को तुरंत सोशल मीडिया पर बड़ी हाइप और व्यूज मिल जाएंगे, लेकिन उनका यह दांव पूरी तरह से उल्टा पड़ता नजर आ रहा है। मीडिया और मनोरंजन जगत के जानकारों का भी मानना है कि मेकर्स को किसी भी धार्मिक या ऐतिहासिक चरित्र को पर्दे पर उतारते समय उसकी संवेदनशीलता और जनता की भावनाओं का विशेष ध्यान रखना चाहिए। जब कलाकारों का चयन उनकी अभिनय क्षमता या सादगी के आधार पर न होकर सिर्फ उनके सोशल मीडिया फॉलोअर्स या विवादों के आधार पर किया जाता है, तो इस तरह के विरोध का सामना करना ही पड़ता है। इस पूरी कंट्रोवर्सी ने एक बार फिर से यह बहस छेड़ दी है कि क्या आधुनिकता के नाम पर हमारी पौराणिक कथाओं के मूल स्वरूप और पात्रों की गरिमा के साथ समझौता किया जाना सही है या नहीं।

सोशल मीडिया पर चल रहा है विरोध का दौर: प्रोजेक्ट के बहिष्कार की उठी मांग

जैसे-जैसे 'महाकाव्य श्री रामायण कथा' का यह ट्रेलर इंटरनेट पर फैल रहा है, वैसे-वैसे इसके खिलाफ उठने वाली आवाज़ें और भी ज्यादा तेज होती जा रही हैं। ट्विटर पर #Boycott ट्रेंड करने लगा है और लोग मेकर्स से यह मांग कर रहे हैं कि वे तुरंत इस कास्टिंग में बदलाव करें या फिर इस प्रोजेक्ट को रिलीज करने से बचें। जनता का यह भारी आक्रोश इस बात का स्पष्ट संकेत है कि भारतीय दर्शक अब अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यताओं के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त करने के मूड में नहीं हैं। अंजलि अरोड़ा और इस प्रोजेक्ट से जुड़े अन्य कलाकारों व निर्माताओं की तरफ से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक सफाई या बयान सामने नहीं आया है, लेकिन जिस तरह से विरोध की आग सुलग रही है, उससे साफ है कि आने वाले दिनों में यह विवाद और अधिक तूल पकड़ सकता है। मनोरंजन उद्योग के लिए यह एक बड़ा सबक है कि वे कमर्शियल फायदे के चक्कर में जनता की धार्मिक भावनाओं को आहत करने से बचें, अन्यथा उन्हें बॉक्स ऑफिस या डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भारी नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।

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