हनी सिंह के मुंबई शो पर कानूनी शिकंजा आयोजकों के खिलाफ FIR दर्ज, लेजर लाइट्स के इस्तेमाल ने बढ़ाई मुसीबत

News India Live, Digital Desk: मशहूर रैपर यो यो हनी सिंह (Yo Yo Honey Singh) का मुंबई में हुआ हालिया म्यूजिक कंसर्ट अब विवादों के घेरे में आ गया है। इस शो के शानदार आयोजन के बीच एक बड़ी लापरवाही की खबर सामने आई है, जिसके बाद मुंबई पुलिस ने कार्यक्रम के आयोजकों (Organisers) के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की है। मामला शो के दौरान इस्तेमाल की गई लेजर लाइट्स (Laser Lights) से जुड़ा है, जिससे कई दर्शकों की आंखों को नुकसान पहुंचने और सुरक्षा नियमों के उल्लंघन का आरोप लगा है।क्या है पूरा विवाद? लेजर लाइट्स ने कैसे बढ़ाई मुश्किल?हनी सिंह के इस शो में हजारों की भीड़ उमड़ी थी। शो को ग्रैंड बनाने के लिए आयोजकों ने हाई-इंटेंसिटी लेजर लाइट्स का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया था। शिकायत के मुताबिक, इन लाइट्स की तीव्रता इतनी अधिक थी कि सामने मौजूद दर्शकों और कुछ वीआईपी गेस्ट्स ने आंखों में जलन, धुंधलापन और सिरदर्द की शिकायत की। कुछ मेडिकल रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि सीधे आंखों पर पड़ने वाली इन किरणों से ‘रेटिना’ को नुकसान पहुंच सकता है, जिसके लिए प्रशासन से पूर्व अनुमति और सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य होता है।मुंबई पुलिस की कार्रवाई: इन धाराओं में केस दर्जमुंबई पुलिस ने पीड़ितों की शिकायत और प्राथमिक जांच के आधार पर आयोजकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि:आयोजकों ने लेजर लाइट्स के इस्तेमाल के लिए तय सुरक्षा गाइडलाइन्स का उल्लंघन किया।बिना उचित तकनीकी जांच के भीड़भाड़ वाले इलाके में ऐसी लाइट्स का उपयोग करना जन सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है।पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या परमिशन लेटर में लेजर शो का जिक्र था और क्या निर्धारित ‘डेसिबल’ और ‘बीम स्ट्रेंथ’ का ध्यान रखा गया था।हनी सिंह का इस पर क्या है रुख?फिलहाल इस मामले में यो यो हनी सिंह की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। चूंकि एफआईआर आयोजकों (Event Management Team) के खिलाफ है, इसलिए कानूनी गाज उन्हीं पर गिरती दिख रही है। हालांकि, इस विवाद ने सोशल मीडिया पर एक नई बहस छेड़ दी है कि बड़े म्यूजिक शो और इवेंट्स में दर्शकों की सुरक्षा के साथ समझौता क्यों किया जाता है। इससे पहले भी कई इंटरनेशनल शो में लेजर लाइट्स के गलत इस्तेमाल से दर्शकों की आंखों की रोशनी प्रभावित होने के मामले सामने आ चुके हैं।