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आंखों में होने वाले इन बदलावों को भूलकर भी न करें इग्नोर, शरीर की इन गंभीर बीमारियों की तरफ होता है सीधा इशारा

आज की इस भागदौड़ भरी जिंदगी और घंटों स्क्रीन के सामने बिताने वाले समय के कारण आँखों में दिक्कत होना बेहद आम बात हो गई है। अक्सर लोग आँखों में होने वाली छोटी-मोटी परेशानियों को थकान या कम सोने का नतीजा मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी आँखों में दिखने वाले कुछ छोटे और साधारण से बदलाव वास्तव में किसी बड़ी और गंभीर बीमारी का शुरुआती संकेत हो सकते हैं? स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, हमारी आँखें हमारे पूरे शरीर की सेहत का आईना होती हैं और इनमें होने वाले किसी भी असामान्य बदलाव को हल्के में लेना भारी पड़ सकता है। धुंधली नजर और लगातार बना रहने वाला सिरदर्द देता है यह बड़ा संकेत अगर आपको अचानक से सब कुछ धुंधला दिखाई देने लगा है या फिर दूर और पास की चीजें देखने में फोकस करने में परेशानी हो रही है, तो यह सिर्फ चश्मे का नंबर बदलने का मामला नहीं है। लगातार आँखों में धुंधलापन रहना और उसके साथ सिर के पिछले हिस्से या माथे में तेज दर्द होना, ग्लूकोमा (काला मोतिया) या फिर डायबिटीज से जुड़ी आँखों की बीमारी 'डायबिटिक रेटिनोपैथी' का शुरुआती लक्षण हो सकता है। समय रहते इस पर ध्यान न देने से आँखों की रोशनी हमेशा के लिए भी जा सकती है। आँखों का पीलापन और सूखापन बयां करता है अंदरूनी अंगों का हाल बहुत से लोग नोटिस करते हैं कि उनकी आँखों का सफेद हिस्सा धीरे-धीरे पीला पड़ने लगा है। इसे आम बोलचाल में लोग केवल पीलिया (जॉन्डिस) से जोड़कर देखते हैं, लेकिन यह लीवर की गंभीर खराबी, हेपेटाइटिस या पित्त की थैली में इन्फेक्शन का भी इशारा हो सकता है। इसके अलावा, अगर आपकी आँखों में लगातार सूखापन (ड्राई आइज) रहता है, जलन होती है या पानी आता है, तो यह शरीर में विटामिन-A की भारी कमी और स्क्रीन टाइम के अत्यधिक बढ़ने के कारण होने वाले ड्राई आई सिंड्रोम का संकेत है, जो आगे चलकर कॉर्निया को नुकसान पहुँचा सकता है। आँखों के सामने काले धब्बे या जाले दिखना है बेहद खतरनाक क्या आपको भी कभी-कभी अपनी आँखों के सामने छोटे-छोटे काले धब्बे, तैरते हुए कीड़े जैसी आकृतियाँ या मकड़ी के जाले जैसा कुछ घूमता हुआ दिखाई देता है? मेडिकल की भाषा में इसे 'आई फ्लोटर्स' कहा जाता है। कभी-कभी यह बढ़ती उम्र के कारण सामान्य हो सकता है, लेकिन अगर यह अचानक से बहुत ज्यादा बढ़ जाएं और साथ में रोशनी की चमक (फ्लैशेस) जैसी दिखाई दे, तो यह 'रेटिनल डिटैचमेंट' (आँख के परदे का फटना) का बेहद खतरनाक संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत बिना एक मिनट गंवाए आई स्पेशलिस्ट के पास जाना चाहिए, क्योंकि इसमें तुरंत इलाज न मिलने पर अंधापन होने का खतरा सबसे ज्यादा होता है। इसलिए शरीर के इस सबसे संवेदनशील हिस्से में होने वाले किसी भी बदलाव को इग्नोर न करें और नियमित जांच जरूर करवाएं।

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