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मार्केट में दिवाली जैसी रौनक: सेंसेक्स 800 अंक उछला, IT और मिडकैप शेयरों ने काटा गदर

भारतीय शेयर बाजार में आज के कारोबारी सत्र में चौतरफा खरीदारी देखने को मिली है। सुबह सुस्त शुरुआत के बाद बाजार ने ऐसी रफ्तार पकड़ी कि भालू (Bears) पूरी तरह पस्त हो गए और बुल्स (Bulls) ने दलाल स्ट्रीट पर अपना कब्जा जमा लिया। सेंसेक्स 800 अंकों से ज्यादा की तूफानी बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है, वहीं निफ्टी भी अपने पिछले सभी रिकॉर्ड्स को चुनौती देने के लिए तैयार दिख रहा है। बाजार के जानकारों का मानना है कि वैश्विक संकेतों में सुधार और घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) की आक्रामक लिवाली ने बाजार में नई जान फूंक दी है।

आईटी दिग्गजों ने संभाली बाजार की कमान

इस बंपर तेजी के पीछे सबसे बड़ा हाथ आईटी (IT) सेक्टर का रहा है। पिछले कुछ समय से दबाव झेल रहे आईटी शेयरों में आज निचले स्तरों से जबरदस्त शॉर्ट कवरिंग और नई खरीदारी देखी जा रही है। दिग्गजों जैसे टीसीएस (TCS), इन्फोसिस (Infosys) और विप्रो (Wipro) के शेयरों में 3 से 5 फीसदी तक का उछाल आया है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में कटौती के सकारात्मक संकेतों ने आईटी कंपनियों के सेंटिमेंट को बूस्ट किया है, क्योंकि इन कंपनियों का बड़ा रेवेन्यू अमेरिकी बाजार से आता है।

मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में रिकॉर्ड तोड़ दौड़

सिर्फ बड़े शेयर ही नहीं, बल्कि छोटे और मझोले शेयरों में भी आज जमकर मुनाफा कमाया जा रहा है। निफ्टी मिडकैप 100 और स्मॉलकैप 100 इंडेक्स आज अपने नए लाइफटाइम हाई के बेहद करीब पहुंच गए हैं। रिटेल निवेशकों के पसंदीदा सेक्टर्स जैसे डिफेंस, रेलवे और रिन्यूएबल एनर्जी से जुड़े मिडकैप शेयरों में सर्किट लगने जैसी नौबत आ गई है। विश्लेषकों का कहना है कि भारत की मजबूत आर्थिक वृद्धि (GDP Growth) और कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजों की उम्मीद में मिडकैप स्पेस में लिक्विडिटी का फ्लो बहुत तेजी से बढ़ा है।

इन 3 वजहों से बाजार में आया तगड़ा उछाल

बाजार की इस तूफानी तेजी के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़े कारण काम कर रहे हैं। पहला, ग्लोबल मार्केट (खासकर अमेरिकी बाजारों) से मिल रहे मजबूत और सकारात्मक संकेत। दूसरा, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) की बिकवाली की रफ्तार का धीमा होना और घरेलू म्यूचुअल फंड्स द्वारा लगातार की जा रही खरीदारी। तीसरा और सबसे महत्वपूर्ण कारण तकनीकी चार्ट पर मुख्य सपोर्ट लेवल्स का सुरक्षित रहना है, जिसने ट्रेडर्स को आक्रामक होकर लॉन्ग पोजीशन बनाने का हौसला दिया है।

निवेशकों के लिए अब आगे की क्या है रणनीति

इस बड़ी तेजी के बाद रिटेल निवेशकों के मन में यह सवाल है कि क्या उन्हें इस बहती गंगा में हाथ धोना चाहिए? मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह है कि बाजार का लॉन्ग-टर्म ट्रेंड बेहद मजबूत है, लेकिन किसी भी फोमो (FOMO – छूट जाने का डर) का शिकार होकर एकमुश्त पैसा लगाने से बचें। आईटी और चुनिंदा लार्जकैप वित्तीय शेयरों में अभी भी वैल्यूएशन के लिहाज से खरीदारी के अच्छे मौके हैं। हर गिरावट पर अच्छे फंडामेंटल वाले मिडकैप शेयरों को अपने पोर्टफोलियो में जोड़ने की रणनीति लंबी अवधि में बड़ा मुनाफा दे सकती है।

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