व्यापार

Manipal Health IPO: तेज ग्रोथ के पीछे भारी कर्ज का जाल, दांव लगाएं या रहें दूर

भारतीय हेल्थकेयर सेक्टर में एक और बड़ा धमाका होने जा रहा है। देश की दिग्गज हॉस्पिटल चेन मनिपाल हेल्थ अपना आईपीओ (Manipal Health IPO) लेकर आ रही है। चिकित्सा जगत में बड़ा नाम होने के कारण इस आईपीओ को लेकर रिटेल और संस्थागत निवेशकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। हालांकि, बाजार के विश्लेषक इसके ड्राफ्ट पेपर (DRHP) को देखकर थोड़े सतर्क नजर आ रहे हैं। कंपनी के रेवेन्यू में जहां शानदार तेजी देखने को मिली है, वहीं वित्तीय मोर्चे पर कुछ ऐसे लाल निशान (Red Flags) भी हैं जिन्हें नजरअंदाज करना किसी भी निवेशक के लिए भारी पड़ सकता है।

कमाई में जोरदार उछाल लेकिन मुनाफे पर लगा ब्रेक

अगर कंपनी के टॉप-लाइन प्रदर्शन की बात करें, तो मनिपाल हेल्थ ने ऑपरेशनल रेवेन्यू के मामले में बेहतरीन परफॉर्मेंस दी है। नए हॉस्पिटल्स के अधिग्रहण और मौजूदा बेड कैपेसिटी के बेहतर इस्तेमाल से कंपनी की कमाई हर साल तेजी से बढ़ रही है। मेट्रो शहरों से लेकर टियर-2 शहरों तक कंपनी का नेटवर्क मजबूत हुआ है। लेकिन कहानी का दूसरा पहलू यह है कि इस तेज ग्रोथ का असर कंपनी के नेट प्रॉफिट यानी शुद्ध मुनाफे पर नहीं दिख रहा है। ऊंचे ऑपरेटिंग खर्चों और नए सेंटर्स को शुरू करने की लागत के कारण हालिया तिमाहियों में कंपनी के मुनाफे में गिरावट दर्ज की गई है।

भारी-भरकम कर्ज बना सबसे बड़ा सिरदर्द

मनिपाल हेल्थ के सामने इस वक्त सबसे बड़ी चुनौती उसका बढ़ता हुआ कर्ज है। पिछले कुछ सालों में आक्रामक तरीके से किए गए विस्तार और अन्य रीजनल हॉस्पिटल चेन्स को खरीदने के लिए कंपनी ने भारी-भरकम लोन लिया है। इस कर्ज की वजह से कंपनी को हर तिमाही में एक बड़ी रकम ब्याज (Interest Costs) के रूप में चुकानी पड़ रही है। यही मुख्य वजह है कि रेवेन्यू बढ़ने के बावजूद कंपनी का नेट मार्जिन दबाव में है। हालांकि, मैनेजमेंट का कहना है कि आईपीओ से जुटने वाली रकम का एक बड़ा हिस्सा इस कर्ज को चुकाने में इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे भविष्य में बैलेंस शीट मजबूत होगी।

दिल्ली-एनसीआर और मुंबई समेत देश भर में बड़ा नेटवर्क

भौगोलिक दृष्टिकोण (Geographical Footprint) से देखें तो मनिपाल हेल्थकेयर का दबदबा बेहद मजबूत है। बेंगलुरु से शुरू हुआ यह सफर अब दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, कोलकाता और पुणे जैसे प्रमुख महानगरों तक फैल चुका है। स्थानीय स्तर पर मजबूत ब्रांड वैल्यू होने के कारण इन हॉस्पिटल्स में मरीजों की संख्या (Footfall) हमेशा अच्छी रहती है। मेडिकल टूरिज्म के बढ़ते चलन का भी कंपनी को सीधा फायदा मिल रहा है, क्योंकि विदेशी मरीज भी मनिपाल के प्रीमियम सेंटर्स को प्राथमिकता दे रहे हैं। यह मजबूत लोकल और नेशनल नेटवर्क लंबी अवधि के लिए कंपनी के पक्ष में जाता है।

एक्सपर्ट्स की राय: क्या निवेशकों को लगाना चाहिए पैसा

बाजार के जानकारों का मानना है कि मनिपाल हेल्थ आईपीओ में लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अच्छे अवसर छिपे हो सकते हैं, बशर्ते कंपनी आईपीओ के बाद अपने कर्ज को कम करने में सफल रहे। यदि आप शॉर्ट-टर्म लिस्टिंग गेन (Listing Gains) के लिए आ रहे हैं, तो आपको कंपनी के वैल्यूएशन और ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) पर करीबी नजर रखनी होगी। गिरता मुनाफा एक चिंता का विषय जरूर है, लेकिन हेल्थकेयर सेक्टर की ओवरऑल ग्रोथ को देखते हुए इस स्टॉक को पूरी तरह नकारा नहीं जा सकता। एग्रेसिव इनवेस्टर्स के लिए यह एक अच्छा दांव हो सकता है, जबकि कंजर्वेटिव निवेशकों को पहली तिमाही के नतीजों का इंतजार करना चाहिए।

Back to top button