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मुंबई के झुग्गी-बस्ती पुनर्विकास क्षेत्र में रिलायंस भी उतरा, मुकेश अंबानी ने हासिल किया बड़ा प्रोजेक्ट

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई को स्लम-मुक्त (झुग्गी-मुक्त) बनाने और वैश्विक स्तर का शहर बनाने की दिशा में एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक बिजनेस उलटफेर देखने को मिला है। भारत के सबसे अमीर अरबपति कारोबारी मुकेश अंबानी के रिलायंस समूह (Reliance Group) ने रियल एस्टेट और झुग्गी-बस्ती पुनर्विकास (Slum Redevelopment) के क्षेत्र में एक बहुत बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए अपनी धाकड़ एंट्री की है। रिलायंस समूह ने पश्चिम मुंबई के एक बेहद प्राइम और महंगे इलाके में स्थित 101.40 एकड़ के विशालकाय झुग्गी-बस्ती क्लस्टर के पुनर्विकास से जुड़ी हाई-प्रोफाइल बोली (टेंडर) को अपने नाम कर लिया है। इस मेगा प्रोजेक्ट को हासिल करने की रेस में देश के कई अन्य दिग्गज कॉर्पोरेट घराने भी शामिल थे, जिन्हें पछाड़ते हुए रिलायंस ने बाजी मारी है। इसके साथ ही अब मुंबई के स्लम रीडेवलपमेंट सेक्टर में दो सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी रिलायंस और अदाणी समूह आमने-सामने आ गए हैं, क्योंकि गौतम अदाणी का समूह पहले से ही एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्ती 'धारावी' के पुनर्विकास का ऐतिहासिक काम कर रहा है। संपादक जीत कुमार की इस विशेष डिजिटल रिपोर्ट में जानिए रिलायंस के इस नए ड्रीम प्रोजेक्ट के बारे में सब कुछ।

जुहू गली स्लम क्लस्टर का बदलेगा नक्शा, रिलायंस 4आईआर रियल्टी के कंसोर्टियम ने मारी बाजी

मुंबई स्थित स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी (SRA) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, इस बेहद कड़े और प्रतिष्ठित टेंडर मुकाबले में रिलायंस 4आईआर रियल्टी प्राइवेट लिमिटेड (Reliance 4IR Realty Pvt Ltd) के नेतृत्व वाले एक मजबूत कंसोर्टियम (संयुक्त उद्यम) ने जीत दर्ज की है। यह पूरा प्रोजेक्ट पश्चिम मुंबई के अंधेरी इलाके में स्थित मशहूर 'जुहू गली स्लम क्लस्टर' के कायाकल्प से जुड़ा हुआ है। इस टेंडर को हथियाने के लिए भारतीय कॉर्पोरेट जगत के दो अन्य बड़े महारथियों— धातु क्षेत्र की दिग्गज कंपनी जेएसडब्ल्यू (JSW Group) और कंस्ट्रक्शन सेक्टर के बड़े खिलाड़ी शापूरजी पलोनजी समूह (Shapoorji Pallonji Group)— ने भी अपनी पूरी ताकत झोंकते हुए बोलियां लगाई थीं, लेकिन रिलायंस के वित्तीय और तकनीकी प्रस्ताव के सामने कोई टिक नहीं सका।

जुहू गली के स्लम निवासियों की चमकेगी किस्मत, बनेंगे 28 हजार से ज्यादा आलीशान और आधुनिक फ्लैट्स

स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी (एसआरए) के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि रिलायंस समूह के इस क्षेत्र में आने से जुहू गली और उसके आसपास के झुग्गी इलाकों में रहने वाले हजारों गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों का जीवन स्तर पूरी तरह बदल जाएगा। इस विशालकाय री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत जुहू गली स्लम क्लस्टर में रहने वाले सभी पात्र (Eligible) झुग्गीवासियों को पुनर्वास के तहत 28,000 से भी ज्यादा नए, आधुनिक और सर्वसुविधायुक्त पक्के घर (फ्लैट्स) बनाकर दिए जाने की उम्मीद है। इस प्रोजेक्ट के जरिए न केवल स्लम निवासियों को एक साफ-सुथरा और सुरक्षित आशियाना मिलेगा, बल्कि पूरे इलाके की बुनियादी सामाजिक अवसंरचना (इन्फ्रास्ट्रक्चर) में भी भारी सुधार होगा।

बड़े कॉर्पोरेट घरानों के आने से दूर होगी प्रोजेक्ट्स की लेतीफ-लतीफी, मध्यम डेवलपर्स के दौर का हुआ अंत

मुंबई में झुग्गी-बस्ती पुनर्विकास (Slum Redevelopment) का काम पारंपरिक रूप से अब तक मुख्य रूप से स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी के तहत छोटे या मध्यम आकार के स्थानीय डेवलपर्स और बिल्डर्स ही करते आ रहे थे। लेकिन इन प्रोजेक्ट्स में जमीन के बिखरे हुए मालिकाना हक, भारी वित्तीय संकट, कानूनी अड़चनों और हजारों स्थानीय निवासियों की आपसी सहमति लेने की कठिन प्रक्रिया के कारण अक्सर सालों-साल की देरी होती रही है। कई प्रोजेक्ट्स तो दशकों से अधूरे लटके हुए हैं। यही वजह है कि अब महाराष्ट्र सरकार और एसआरए बड़े कॉर्पोरेट घरानों को इस क्षेत्र में आमंत्रित कर रहे हैं। रिलायंस और अदाणी जैसे बड़े समूहों के पास असीमित वित्तीय संसाधन और आधुनिकतम वैश्विक तकनीक मौजूद है, जिससे यह उम्मीद जताई जा रही है कि मुंबई के इन जटिल री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स को तय समय सीमा के भीतर और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप पूरा किया जा सकेगा।

 

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