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‘मैं भारत को घर पर हारते देख रहा…’: इंटरनेशनल संन्यास के बाद अजिंक्य रहाणे का गौतम गंभीर को बड़ा संदेश

भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी बल्लेबाज रहे अजिंक्य रहाणे द्वारा हाल ही में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहे जाने के बाद खेल जगत में लगातार चर्चाओं का दौर जारी है। जुलाई 2023 से टीम इंडिया से बाहर चल रहे 38 वर्षीय रहाणे ने अपने शानदार टेस्ट करियर में 85 मैच खेलते हुए 38.46 की औसत से 5,077 रन बनाए हैं। हाल ही में संन्यास की घोषणा करने वाले रहाणे ने टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर को एक बेहद अहम और बड़ा संदेश दिया है। पिछले कुछ समय में भारतीय टेस्ट टीम के घरेलू मैदानों पर खराब प्रदर्शन और सीनियर खिलाड़ियों की भारी कमी को लेकर रहाणे ने खुलकर अपनी चिंता व्यक्त की है और टेस्ट क्रिकेट के भविष्य को बचाने के लिए जरूरी बदलाव की सलाह दी है।

'मुश्किल दौर में डटकर खेलने वाले सीनियर खिलाड़ियों की जरूरत'

एक लोकप्रिय पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान अजिंक्य रहाणे ने भारतीय टेस्ट टीम के हालिया प्रदर्शन पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि पिछले दो सालों से जब वे घर पर बैठकर मैच देख रहे थे, तो उन्होंने टीम इंडिया को भारत की पिचों पर भी हारते हुए देखा है, जो चिंता का विषय है। रहाणे के मुताबिक, टेस्ट क्रिकेट केवल रन बनाने का खेल नहीं है, बल्कि यह सेशन दर सेशन और बेहद मुश्किल हालात में सब्र के साथ मुकाबला करने की कला है। उन्होंने मुख्य कोच गौतम गंभीर की कार्यशैली का जिक्र करते हुए कहा कि हालांकि व्हाइट-बॉल क्रिकेट में भारत ने शानदार प्रदर्शन किया है और आईसीसी ट्रॉफियां जीती हैं, लेकिन रेड-बॉल क्रिकेट यानी टेस्ट मैचों में टीम को अनुभवी खिलाड़ियों की सख्त जरूरत है जो विपरीत परिस्थितियों में टिककर खेल सकें।

एक साथ कई दिग्गजों के जाने से कमजोर हुई टीम, 7-8 सीनियर खिलाड़ियों का होना जरूरी

भारतीय टेस्ट टीम में आए भारी बदलाव और अचानक हुए ट्रांजिशन को भी रहाणे ने टीम के खराब प्रदर्शन का एक बड़ा कारण बताया है। पिछले कुछ महीनों के भीतर रोहित शर्मा, विराट कोहली और रविचंद्रन अश्विन जैसे दिग्गज खिलाड़ियों के संन्यास लेने के बाद टीम में युवाओं की संख्या काफी बढ़ गई है। मौजूदा भारतीय टेस्ट स्क्वाड में केवल कुछ गिने-चुने खिलाड़ी जैसे रवींद्र जडेजा, केएल राहुल, ऋषभ पंत और जसप्रीत बुमराह ही ऐसे हैं जिन्होंने 50 या उससे अधिक टेस्ट खेले हैं। इस पर जोर देते हुए रहाणे ने कहा कि एक संतुलित टेस्ट टीम में हमेशा 7 से 8 सीनियर और 2 से 3 युवा खिलाड़ियों का कॉम्बिनेशन होना चाहिए, लेकिन आज स्थिति यह है कि टीम में मुश्किल से ही कोई सीनियर क्रिकेटर बचा है।

श्रीलंका दौरे से पहले WTC अंक तालिका में सुधार की चुनौती

अजिंक्य रहाणे ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि टेस्ट क्रिकेट के बुनियादी स्वरूप को बचाए रखना है, तो सीनियर खिलाड़ियों का सम्मान करना और उन्हें टीम में बनाए रखना बेहद जरूरी होगा। भारत को अब आगामी 15 अगस्त से श्रीलंका के खिलाफ उसी की धरती पर दो मैचों की महत्वपूर्ण टेस्ट सीरीज खेलनी है, जो आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) 2025-27 का अहम हिस्सा है। वर्तमान में अंक तालिका में पांचवें पायदान पर मौजूद टीम इंडिया के लिए डब्ल्यूटीसी फाइनल की रेस में बने रहने और अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए श्रीलंका के खिलाफ शानदार जीत दर्ज करना अनिवार्य हो गया है।

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