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मैगी पर फिर लगा बड़ा आरोप, इस बार पैकेट के अंदर कीड़े मिलने से मचा हड़कंप, नोटिस के बाद कंपनी ने तोड़ी चुप्पी

भारत के सबसे लोकप्रिय नूडल्स ब्रांड मैगी (Maggi) के साथ एक बार फिर नया विवाद जुड़ गया है, जिसने करोड़ों उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है। सोशल मीडिया और कंज्यूमर फोरम पर एक उपभोक्ता द्वारा मैगी के नए खरीदे गए पैकेट के भीतर रेंगते हुए कीड़े मिलने की गंभीर शिकायत दर्ज कराई गई है। देखते ही देखते इस मामले का वीडियो और तस्वीरें इंटरनेट पर वायरल हो गईं, जिसके बाद खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने तुरंत संज्ञान लेते हुए कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया। इस बड़े झटके और बढ़ते विवाद के बीच अब मैगी निर्माता कंपनी नेस्ले ने अपनी चुप्पी तोड़ी है और उपभोक्ताओं के सामने अपनी सफाई पेश की है।

कंज्यूमर की शिकायत के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने शुरू की जांच पूरा मामला तब सामने आया जब एक ग्राहक ने बाजार से मैगी का पैकेट खरीदा और उसे बनाने के लिए जैसे ही खोला, तो उसमें कथित तौर पर कीड़े और जाले दिखाई दिए। उपभोक्ता ने इसकी शिकायत तुरंत स्थानीय खाद्य सुरक्षा विभाग और सोशल मीडिया पर दर्ज कराई। मामले की गंभीरता और ब्रांड की भारी लोकप्रियता को देखते हुए स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा विंग तुरंत एक्शन में आ गई। अधिकारियों ने उस विशेष लॉट (बैच) के सैंपल सील कर दिए हैं और उन्हें लैब टेस्टिंग के लिए भेज दिया है। इसके साथ ही नेस्ले इंडिया को एक कड़ा नोटिस भेजकर इस लापरवाही पर जवाब मांगा गया है।

विवाद बढ़ता देख नेस्ले ने जारी की अपनी आधिकारिक सफाई इस पूरे विवाद और सोशल मीडिया पर ब्रांड की हो रही किरकिरी के बाद नेस्ले इंडिया के प्रवक्ता ने एक आधिकारिक बयान जारी कर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। कंपनी ने दावा किया है कि उनके मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स में साफ-सफाई और क्वालिटी कंट्रोल के सबसे कड़े और अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन किया जाता है। फैक्ट्री के स्तर पर किसी भी पैकेट में कीड़े या संक्रमण होना पूरी तरह से असंभव है। कंपनी का अनुमान है कि यह समस्या फैक्ट्री से निकलने के बाद, डिस्ट्रीब्यूशन चेन के दौरान या रिटेल स्टोर पर सही तरीके से स्टोरेज (रखरखाव) न करने के कारण हो सकती है। नेस्ले ने कहा कि वे जांच में अधिकारियों का पूरा सहयोग कर रहे हैं।

पुराने विवादों की यादें हुईं ताजा, ग्राहकों के मन में बढ़ी आशंका मैगी के साथ जुड़ा यह कोई पहला विवाद नहीं है। इससे पहले भी साल 2015 में मैगी पर लेड (शीशा) और एमएसजी (MSG) की मात्रा अधिक होने के आरोपों के बाद देश भर में बैन का सामना करना पड़ा था। हालांकि, बाद में कंपनी ने शानदार वापसी की और बाजार पर दोबारा अपना कब्जा जमाया। अब एक बार फिर पैकेट में कीड़े मिलने की इस ताजा घटना ने पुराने विवादों की यादें ताजा कर दी हैं और ग्राहकों के मन में शुद्धता को लेकर दोबारा आशंकाएं पैदा कर दी हैं। खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि अंतिम लैब रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा कि चूक किस स्तर पर हुई है, लेकिन तब तक ब्रांड की साख पर इसका असर पड़ना तय माना जा रहा है।

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