मॉनसून सत्र से पहले विपक्ष में महा-भूकंप! शरद पवार की शिंदे से मुलाकात के बाद INDIA गठबंधन में बढ़ा टूट का डर

देश के राजनीतिक गलियारों में इस वक्त भारी उथल-पुथल मची हुई है। संसद का महत्वपूर्ण मॉनसून सत्र शुरू होने में अब कुछ ही समय शेष है, लेकिन उससे ठीक पहले विपक्षी खेमे यानी 'INDIA' गठबंधन की आंतरिक मुश्किलें काफी ज्यादा बढ़ती नजर आ रही हैं। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) और महाराष्ट्र में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के भीतर हाल ही में हुई राजनीतिक टूट ने पहले ही विपक्षी एकता की चिंताएं बढ़ा दी थीं। अब इसी बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और भारतीय राजनीति के चाणक्य कहे जाने वाले शरद पवार के हालिया कदमों ने विपक्षी दलों की धड़कनें पूरी तरह तेज कर दी हैं। पवार की महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ हुई औचक मुलाकात ने महा विकास अघाड़ी (MVA) के अंदर एक नया सियासी बवंडर खड़ा कर दिया है।
पवार और शिंदे की मुलाकात से मचा कोहराम, कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने पाला बदलने की जताई आशंका
विपक्ष के शीर्ष रणनीतिकारों को हालांकि सार्वजनिक तौर पर पूरा भरोसा है कि शरद पवार जैसा कद्दावर नेता कभी भी भारतीय जनता पार्टी (BJP) की अगुवाई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की तरफ नहीं झुकेगा। लेकिन महाराष्ट्र कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) का एक बड़ा धड़ा इस मुलाकात को लेकर बेहद हमलावर और आशंकित दिखाई दे रहा है। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने एक बेहद सनसनीखेज दावा करते हुए कहा है कि एनसीपी (एसपी) के भी कुछ मौजूदा सांसद इस वक्त पाला बदलने की गहरी फिराक में हैं। चव्हाण के इस बयान के बाद दिल्ली से लेकर मुंबई तक राजनीतिक हलचल तेज हो गई है, और INDIA गठबंधन के कई बड़े नेता लगातार शरद पवार से संपर्क साधने की कोशिश कर रहे हैं।
सुप्रिया सुले ने एनडीए में जाने और अजीत पवार की पार्टी संग विलय की खबरों को सिरे से नकारा
इन तमाम कयासों और बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच शरद पवार की बेटी और वरिष्ठ सांसद सुप्रिया सुले ने तुरंत डैमेज कंट्रोल की कमान संभाली है। सुप्रिया सुले ने मीडिया के सामने आकर इन तमाम खबरों का पुरजोर खंडन किया कि उनकी पार्टी एनडीए में शामिल होने जा रही है। इसके साथ ही उन्होंने अजीत पवार गुट वाली मूल एनसीपी और एनसीपी (एसपी) के आपस में संभावित विलय की चल रही खबरों को भी पूरी तरह से मनगढ़ंत और आधारहीन करार दिया। सुले ने स्पष्ट किया कि शरद पवार और उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मुलाकात पूरी तरह से एक शिष्टाचार भेंट थी, जिसका कोई राजनीतिक अर्थ नहीं निकाला जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष को कमजोर करने के लिए इस तरह की अफवाहें फैलाई जा रही हैं।
मातोश्री पहुंचे शरद गुट के एकनाथ खडसे, उद्धव ठाकरे से सीक्रेट मीटिंग के बाद गरमाई घर-वापसी की अटकलें
इस पूरे हाई-वोल्टेज ड्रामे के बीच एक और नया सियासी मोर्चा खुल गया है। शरद पवार की पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधान परिषद सदस्य (MLC) एकनाथ खडसे अचानक शुक्रवार को शिवसेना (UBT) के प्रमुख उद्धव ठाकरे के मुंबई स्थित निजी आवास 'मातोश्री' पहुंच गए। इस बेहद महत्वपूर्ण और गुप्त बैठक के दौरान राज्यसभा सांसद संजय राउत भी वहां मौजूद रहे, जिससे खडसे की भविष्य की राजनीतिक योजनाओं को लेकर सस्पेंस गहरा गया है। आपको बता दें कि खडसे मूल रूप से भाजपा के बहुत पुराने और कद्दावर नेता रह चुके हैं। हाल ही में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने भी खडसे के घर जाकर उनसे मुलाकात की थी, जिसके बाद से खडसे की भाजपा में घर-वापसी की अटकलें लगाई जा रही थीं। अब मातोश्री में हुई इस बैठक ने महाराष्ट्र की राजनीति को एक नए त्रिकोणीय मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया है।