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रणवीर सिंह की फिल्म ‘प्रलय’ की शूटिंग पर मुंबई के आजाद मैदान में भारी बखेड़ा

सपने देखने वाले शहर मुंबई के दिल कहे जाने वाले ऐतिहासिक आजाद मैदान में बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह की आगामी फिल्म 'प्रलय' की शूटिंग को लेकर एक नया और बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मुंबई का यह मैदान न केवल देश के स्वतंत्रता संग्राम का गवाह रहा है, बल्कि इसने भारत को सचिन तेंदुलकर, सुनील गावस्कर और रोहित शर्मा जैसे दिग्गज अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर भी दिए हैं। ऐसे में इस मैदान के एक बड़े हिस्से को कई दिनों के लिए शूटिंग के लिए ब्लॉक कर विशालकाय सेट्स का निर्माण किए जाने से स्थानीय युवा क्रिकेटरों, कोचों और खेल प्रेमियों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। मैदान पर चल रहे रोजाना के क्लब मैचों और कोचिंग सत्रों में आ रही भारी बाधा के कारण अब यह विवाद सिर्फ क्रिकेट जगत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने मुंबई के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में भी तूल पकड़ लिया है।

मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) का कड़ा ऐक्शन, महाराष्ट्र सरकार और खेल विभाग को भेजी कड़क चिट्ठी

आजाद मैदान पर फिल्मों की शूटिंग के कारण क्रिकेट की गतिविधियों को हो रहे भारी नुकसान को देखते हुए मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) ने कड़ा रुख अपनाया है। एमसीए के शीर्ष अधिकारियों ने इस पूरे मामले को लेकर महाराष्ट्र सरकार, खेल विभाग और बीएमसी (BMC) के उच्च अधिकारियों को एक कड़ा शिकायती पत्र लिखा है। एसोसिएशन ने अपनी चिट्ठी में स्पष्ट किया है कि आजाद मैदान मुख्य रूप से खेलकूद और क्रिकेट के विकास के लिए आरक्षित है, न कि व्यावसायिक फिल्म शूटिंग और भारी-भरकम सेट्स के निर्माण के लिए। एमसीए का आरोप है कि शूटिंग की भारी गाड़ियों, क्रेन और विशाल ढांचे खड़े करने से मैदान की पिच और आउटफील्ड को अपूरणीय क्षति पहुंच रही है। एसोसिएशन ने सरकार से मांग की है कि इस शूटिंग की अनुमति को तुरंत रद्द किया जाए और मैदान को दोबारा से क्रिकेट गतिविधियों के लिए सुचारू रूप से बहाल किया जाए।

'प्रलय' के निर्माताओं और प्रशासन के बीच फंसा पेच, मुंबई में फिल्म वर्सेस स्पोर्ट्स पर बहस तेज

इस पूरे बखेड़े के सामने आने के बाद फिल्म 'प्रलय' के प्रोडक्शन हाउस और स्थानीय प्रशासन के बीच भी स्थिति तनावपूर्ण हो गई है। फिल्म मेकर्स का दावा है कि उन्होंने स्थानीय अधिकारियों से विधिवत अनुमति और शुल्क जमा करने के बाद ही मैदान पर सेट लगाने का काम शुरू किया था। हालांकि, खेल प्रेमियों का कहना है कि व्यावसायिक लाभ के लिए मुंबई के सीमित खुले मैदानों और खेल के मैदानों का इस तरह से इस्तेमाल करना युवा खिलाड़ियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। आजाद मैदान पर रोज़ाना सैकड़ों बच्चे अपनी प्रैक्टिस के लिए आते हैं, लेकिन सेट्स और सुरक्षा घेरा (Security Checkpoints) लगने के कारण उन्हें बिना अभ्यास किए वापस लौटना पड़ रहा है। इस घटना ने एक बार फिर मुंबई की मायानगरी के ग्लैमर और खेल के लिए जरूरी बुनियादी ढांचे के बीच के टकराव को उजागर कर दिया है, और अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि महाराष्ट्र सरकार एमसीए की इस चिट्ठी पर क्या अंतिम फैसला लेती है।

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