रिटायरमेंट के साथ सेहत की भी गारंटी ,PFRDA ने लॉन्च किया NPS स्वास्थ्य, जानें पेंशन और हेल्थ कवर का यह डबल फायदा

News India Live, Digital Desk: बुढ़ापे की लाठी और बीमारी का सहारा अब ये दोनों एक ही निवेश में मिलेंगे। पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) ने रिटायरमेंट प्लानिंग को और भी मजबूत बनाने के लिए एक नया और क्रांतिकारी फीचर पेश किया है, जिसे ‘NPS स्वास्थ्य’ (NPS Swasthya) नाम दिया गया है। यह योजना खास उन लोगों के लिए डिज़ाइन की गई है जो रिटायरमेंट के बाद न केवल नियमित आय (Pension) चाहते हैं, बल्कि बढ़ती उम्र में हेल्थकेयर के भारी-भरकम खर्चों से भी सुरक्षा चाहते हैं।क्या है ‘NPS स्वास्थ्य’ और यह कैसे काम करता है?अबतक नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) केवल एक निवेश माध्यम था जहां आप पैसा जमा करते थे और रिटायरमेंट पर आपको एकमुश्त राशि व पेंशन मिलती थी। लेकिन ‘NPS स्वास्थ्य’ इस प्रक्रिया को एक कदम आगे ले जाता है। PFRDA ने स्वास्थ्य बीमा कंपनियों के साथ मिलकर एक ऐसा मॉडल तैयार किया है जिसमें सब्सक्राइबर के पेंशन कॉर्पस का एक हिस्सा सीधे हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकेगा।इसका सबसे बड़ा लाभ यह है कि रिटायरमेंट के बाद जब आय सीमित होती है, तब आपको अपनी जेब से भारी मेडिकल प्रीमियम भरने की चिंता नहीं होगी। आपकी पेंशन योजना ही आपके मेडिकल कवर को मैनेज करेगी।इस नई पहल की खास विशेषताएंइंटीग्रेटेड हेल्थ कवर: यह स्कीम पेंशन फंड को हेल्थ इंश्योरेंस के साथ जोड़ती है, जिससे रिटायरमेंट के बाद मेडिकल इमरजेंसी के दौरान फंड की कमी नहीं होती।आसान प्रीमियम भुगतान: मैच्योरिटी के समय मिलने वाली एन्युटी (Annuity) का उपयोग सीधे हेल्थ इंश्योरेंस प्लान खरीदने के लिए किया जा सकेगा।टैक्स में बचत: NPS के मौजूदा फायदों के साथ-साथ हेल्थ इंश्योरेंस के प्रीमियम पर सेक्शन 80D के तहत अतिरिक्त टैक्स छूट मिलने की संभावना है।कस्टमाइज्ड प्लान: सब्सक्राइबर्स अपनी जरूरत और बजट के हिसाब से अलग-अलग हेल्थ कवर विकल्पों को चुन सकेंगे।रिटायरमेंट प्लानिंग में क्यों जरूरी है यह बदलाव?भारत में जिस तरह से इलाज का खर्च (Medical Inflation) बढ़ रहा है, उसे देखते हुए केवल पेंशन काफी नहीं है। अक्सर देखा गया है कि रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली एकमुश्त राशि का बड़ा हिस्सा बीमारियों के इलाज में खर्च हो जाता है। PFRDA की इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बुजुर्गों को इलाज के लिए किसी और पर निर्भर न रहना पड़े। यह योजना न केवल वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती है बल्कि सम्मानजनक जीवन जीने का भरोसा भी देती है।