उत्तर प्रदेश

लखनऊ में शंकराचार्य के कार्यक्रम को मिली मंजूरी, लेकिन प्रशासन ने रखीं 26 कड़ी शर्तें उल्लंघन पर होगी सीधी कार्रवाई

News India Live, Digital Desk: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में होने वाले शंकराचार्य (Shankaracharya) के धार्मिक कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन ने अनुमति जारी कर दी है। हालांकि, सुरक्षा और शहर की व्यवस्था को देखते हुए प्रशासन ने आयोजकों के सामने 26 अनिवार्य शर्तें रखी हैं। इन शर्तों का पालन न करने की स्थिति में न केवल कार्यक्रम को बीच में रोका जा सकता है, बल्कि आयोजकों पर कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।प्रमुख शर्तें और प्रशासन की सख्तीशहर में यातायात व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए प्रशासन ने निम्नलिखित मुख्य दिशा-निर्देश जारी किए हैं:भीड़ नियंत्रण: आयोजकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि कार्यक्रम स्थल पर क्षमता से अधिक लोग जमा न हों।यातायात प्रबंधन: कार्यक्रम के कारण किसी भी प्रमुख मार्ग पर जाम नहीं लगना चाहिए। वाहनों की पार्किंग के लिए अलग से निजी वालंटियर्स तैनात करने होंगे।ध्वनि प्रदूषण: लाउडस्पीकर के इस्तेमाल को लेकर सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन्स का पालन अनिवार्य है। रात के समय डेसीबल सीमा का उल्लंघन नहीं होना चाहिए।भड़काऊ भाषण पर रोक: कार्यक्रम के दौरान किसी भी प्रकार की ऐसी टिप्पणी या भाषण नहीं दिया जाएगा जिससे सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने का खतरा हो।सुरक्षा ऑडिट: आयोजन स्थल पर सीसीटीवी कैमरे लगाने और अग्निशमन यंत्रों (Fire Extinguishers) की उपलब्धता अनिवार्य की गई है।क्यों अहम है यह कार्यक्रम?लखनऊ में शंकराचार्य का आगमन धार्मिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसमें प्रदेश भर से बड़ी संख्या में अनुयायियों के जुटने की संभावना है। प्रशासन का मुख्य फोकस इस बात पर है कि धार्मिक आयोजन के साथ-साथ शहर की कानून-व्यवस्था भी सुचारू रूप से चलती रहे।आयोजकों की तैयारीप्रशासनिक अनुमति मिलने के बाद आयोजकों ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। प्रशासन द्वारा दी गई 26 शर्तों की एक सूची वालंटियर्स को सौंप दी गई है ताकि कार्यक्रम के दौरान किसी भी नियम का उल्लंघन न हो।

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