विदेश

शिकागो विश्वविद्यालय के बाथरूम में युवती से रेप: बाहर खड़े लड़के चिल्ला रहे थे- ‘मेरी बारी कब आएगी’

अमेरिका के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में महिलाओं की सुरक्षा और परिसरों की व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कॉरनेल यूनिवर्सिटी में हाल ही में सामने आए संगीन मामलों की गूंज अभी थमी भी नहीं थी कि अब शिकागो यूनिवर्सिटी (University of Chicago) से एक बेहद दहला देने वाली और मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। विश्वविद्यालय के एक फ्रैटर्निटी हाउस में पार्टी के दौरान एक युवती के साथ कथित रूप से बलात्कार का मामला प्रकाश में आया है। सबसे ज्यादा हैरान करने वाली और क्रूर बात यह है कि जब यह घिनौना कृत्य चल रहा था, तब बाहर खड़े कुछ छात्र दरवाजा पीट रहे थे और बेशर्मी से चिल्ला रहे थे कि 'अब मेरी बारी कब आएगी?'

फ्रैटर्निटी पार्टी के दौरान बिगड़ी तबीयत और फिरवानियत

लगभग 18,000 छात्रों की संख्या वाले इस प्रतिष्ठित शिकागो विश्वविद्यालय में हुई इस घटना ने पूरे कैंपस को अंदर से झकझोर कर रख दिया है। पुलिस और स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के मुताबिक, 21 वर्षीय पीड़िता अपनी दोस्त मिया लारा और एक अन्य सहकर्मी के साथ 'अल्फा एप्सिलॉन पाई' (Alpha Epsilon Pi) फ्रैट हाउस में इंस्टाग्राम पर विज्ञापन देखकर एक पार्टी में शामिल होने गई थी।

पार्टी के दौरान अत्यधिक शराब के सेवन और नाच-गाने के बीच अचानक पीड़िता की तबीयत बिगड़ने लगी। उसकी सहेलियां जब उसे तलाश करते हुए बेसमेंट की तरफ पहुंचीं, तो उन्होंने देखा कि एक बाथरूम का दरवाजा अंदर से बंद था और उसके बाहर लड़कों की भारी भीड़ जमा थी, जो बेहद अमानवीय तरीके से चिल्ला रही थी कि 'कब है मेरी बारी?' और 'मुझे अंदर जाने दो'।

सहेली ने दरवाजा तोड़कर बचाया, आरोपी ने दी बेशर्म दलील

रिपोर्ट्स के अनुसार, पीड़िता की दोस्त मिया लारा ने किसी तरह धक्का-मुक्की करके बाथरूम का दरवाजा खोला। अंदर का मंजर देखकर उनके होश उड़ गए। उन्होंने देखा कि पीड़िता बाथरूम के फर्श पर दीवार के सहारे बेसुध हालत में बैठी थी। उस कमरे में एक ऐसा व्यक्ति भी मौजूद था जो विश्वविद्यालय का छात्र नहीं था। पीड़िता चीखते हुए लगातार कह रही थी कि 'इसे रोको…' और 'मुझे यहां से बाहर निकालो'।

जब मिया लारा ने उस संदिग्ध व्यक्ति का पीछा किया और उस पर हमला करने का आरोप लगाया, तो उसने बेहद बेशर्मी से जवाब दिया कि वह लड़की खुद ऐसा चाहती थी। घटना के तुरंत बाद पीड़िता ने पुलिस में आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई और मेडिकल जांच के लिए अस्पताल पहुंची।

पुलिस जांच जारी, फ्रैटर्निटी संगठन ने दी सफाई

शिकागो पुलिस का कहना है कि इस मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने दावा किया है कि उन्होंने एक संदिग्ध की पहचान कर ली है। वहीं, दूसरी तरफ 'अल्फा एप्सिलॉन पाई' के राष्ट्रीय संगठन के प्रवक्ता जोनाथन पियर्स ने बयान जारी कर दावा किया है कि उनके किसी भी सदस्य ने इस घिनौने हमले में हिस्सा नहीं लिया और न ही इसे बढ़ावा दिया। उनके मुताबिक, जैसे ही अन्य सदस्यों को इसकी जानकारी मिली, उन्होंने तुरंत पार्टी बंद कर दी और आरोपी को वहां से भगा दिया। बहरहाल, इस घटना के बाद से अमेरिका में यूनिवर्सिटी परिसरों में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर तीखी बहस छिड़ गई है।

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