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Cigarette Stocks Crash : बजट के झटके से धड़ाम हुए सिगरेट शेयर GST दरें बढ़ने की खबर से ITC में भारी गिरावट

News India Live, Digital Desk: शेयर बाजार में आज सिगरेट बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में हाहाकार मच गया। सरकार द्वारा जीएसटी (GST) दरों में बढ़ोतरी की खबरों के बीच आईटीसी (ITC), गॉडफ्रे फिलिप्स (Godfrey Phillips) और वीएसटी इंडस्ट्रीज (VST Industries) जैसे बड़े दिग्गजों के शेयर औंधे मुंह गिर पड़े। कारोबार की शुरुआत होते ही इन शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई, जिससे निवेशकों को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि टैक्स में इस वृद्धि से कंपनियों के मार्जिन पर सीधा असर पड़ेगा, जिससे भविष्य में सिगरेट की कीमतों में भी उछाल आ सकता है।ITC और अन्य शेयरों में बड़ी सेंध, निवेशकों के उड़े होशसिगरेट सेक्टर की दिग्गज कंपनी ITC के शेयरों में आज सुबह के सत्र में ही 3-4% तक की गिरावट दर्ज की गई। वहीं, गॉडफ्रे फिलिप्स के शेयर में तो 5% से ज्यादा की गिरावट देखी गई। वीएसटी इंडस्ट्रीज के शेयरों का भी बुरा हाल रहा और वे भी लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। दरअसल, जीएसटी काउंसिल की बैठक में तंबाकू उत्पादों पर सेस (Cess) या टैक्स स्लैब में बदलाव की अटकलों ने बाजार का सेंटीमेंट बिगाड़ दिया है। निवेशक इस डर में हैं कि ऊंची कीमतों के कारण सिगरेट की मांग (Volume Growth) में कमी आ सकती है।क्यों गिर रहे हैं शेयर? क्या है जीएसटी का पूरा मामला?पिछले कुछ दिनों से चर्चा थी कि सरकार तंबाकू और संबंधित उत्पादों पर टैक्स का बोझ बढ़ा सकती है। जीएसटी के तहत ‘सिन टैक्स’ (Sin Tax) की श्रेणी में आने वाले इन उत्पादों पर पहले से ही भारी टैक्स लगता है। अब नई दरों के लागू होने की संभावना के चलते ब्रोकरेज हाउसों ने भी इन शेयरों पर अपनी रेटिंग में बदलाव किया है। टैक्स बढ़ने का सीधा मतलब है कि कंपनियों को अपनी इनपुट कॉस्ट बढ़ानी होगी या फिर बोझ ग्राहकों पर डालना होगा, जिससे मुनाफे पर दबाव बढ़ना तय है।ब्रोकरेज हाउसों की राय: अब क्या करें निवेशक?शेयर बाजार के जानकारों का कहना है कि सिगरेट शेयरों में आई यह गिरावट तात्कालिक प्रतिक्रिया हो सकती है। हालांकि, लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह चिंता का विषय है क्योंकि टैक्स में बार-बार होने वाले बदलाव बिजनेस की स्थिरता को प्रभावित करते हैं। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि ITC जैसी कंपनियां अपने एफएमसीजी (FMCG) और होटल बिजनेस के दम पर इस झटके को झेल सकती हैं, लेकिन शुद्ध सिगरेट कारोबार वाली कंपनियों के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं।क्या महंगी हो जाएगी सिगरेट?अगर जीएसटी दरों में वृद्धि की आधिकारिक घोषणा होती है, तो कंपनियां निश्चित रूप से इसका बोझ ग्राहकों पर डालेंगी। इसका मतलब है कि आने वाले दिनों में सिगरेट की रिटेल कीमतों में 5 से 10 फीसदी तक का इजाफा देखा जा सकता है। फिलहाल बाजार को सरकार की ओर से स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है, जिसके बाद ही इन शेयरों की चाल स्थिर हो पाएगी।

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