एजुकेशन

पुणे से पत्रकारिता, USA से मास्टर्स और अब NEET-CBSE की धांधली के खिलाफ सबसे बड़ी आवाज

पुणे से पत्रकारिता, USA से मास्टर्स और अब NEET-CBSE की धांधली के खिलाफ सबसे बड़ी आवाज

देश की सबसे बड़ी परीक्षाओं में शुमार नीट (NEET) और सीबीएसई (CBSE) में गड़बड़ी और धांधली के खिलाफ इस समय छात्रों का गुस्सा चरम पर है। इसी बीच युवाओं और परीक्षार्थियों के हक में मजबूती से खड़े होने वाले एक नाम की सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक जमकर चर्चा हो रही है। यह नाम है अभिजीत दिपके का, जिन्होंने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता को लेकर एक बड़ा मोर्चा खोल दिया है। अपनी पैनी समझ और तार्किक सवालों से अधिकारियों और व्यवस्था को कटघरे में खड़ा करने वाले अभिजीत दिपके आखिर कौन हैं और उनका बैकग्राउंड क्या है, इसे जानने के लिए हर कोई उत्सुक है।

पुणे से पत्रकारिता और अमेरिका की डिग्री वाले एक्टिविस्ट अभिजीत दिपके का सफर शिक्षा और मीडिया की दुनिया से बेहद गहराई से जुड़ा रहा है। उन्होंने महाराष्ट्र के पुणे शहर से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की, जिससे उन्हें समाज के मुद्दों को गहराई से समझने का मौका मिला। मीडिया की बारीकियों को सीखने के बाद उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा के लिए विदेश का रुख किया और संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) से अपनी मास्टर्स की डिग्री हासिल की। अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा और ग्राउंड रियलिटी की समझ ने उन्हें एक ऐसा दृष्टिकोण दिया, जिसके दम पर वे आज देश की शिक्षा प्रणाली में मौजूद खामियों को उजागर कर रहे हैं।

NEET और CBSE परीक्षा में धांधली के खिलाफ क्यों खोला मोर्चा पिछले कुछ समय में देश में प्रतियोगी परीक्षाओं और बोर्ड एग्जाम्स के पेपर लीक, ग्रेस मार्क्स विवाद और कथित भ्रष्टाचार के मामलों ने करोड़ों छात्रों के भविष्य को अधर में लटका दिया है। इसी अव्यवस्था के खिलाफ अभिजीत दिपके ने सबसे आगे आकर आवाज उठाई। उन्होंने डेटा, फैक्ट्स और पीड़ित छात्रों की आपबीती को सोशल मीडिया पर इस तरह पेश किया कि सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) जैसी संस्थाओं को इस पर सफाई देने के लिए मजबूर होना पड़ा। वे केवल आलोचना नहीं कर रहे, बल्कि प्रभावित छात्रों को कानूनी और मानसिक सहायता दिलाने के लिए भी लगातार प्रयासरत हैं।

सोशल मीडिया पर युवाओं के बीच क्यों बन रहे हैं रोल मॉडल अभिजीत दिपके की सबसे बड़ी ताकत उनका बेबाक अंदाज और बिना डरे सीधे सवाल पूछने की कला है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर उनके वीडियो और पोस्ट लाखों युवाओं तक पहुंच रहे हैं, जो खुद को इस भ्रष्ट सिस्टम का शिकार मानते हैं। छात्रों का कहना है कि जब बड़े-बड़े मंच इस मुद्दे पर चुप्पी साध लेते हैं, तब अभिजीत जैसे पढ़े-लिखे युवा उनके हक की लड़ाई को जिंदा रखते हैं। देश के इस उभरते हुए एक्टिविस्ट का यह अभियान अब एक बड़े जनआंदोलन का रूप लेता जा रहा है, जो आने वाले समय में देश की परीक्षा प्रणाली में बड़े सुधारों की वजह बन सकता है।

Back to top button