सिर्फ डाइट और जिम काफी नहीं! जानिए कैसे आपकी ‘अधूरी नींद’ चुपचाप आपके दिल को कर रही है बीमार

क्या आप भी अपने दिल को फिट रखने के लिए जिम में पसीना बहाते हैं और डाइट का पूरा ख्याल रखते हैं? अगर हां, तो यह बहुत अच्छी बात है। लेकिन इन सबके बीच अगर आप अपनी नींद के साथ समझौता कर रहे हैं, तो सच मानिए, आप अनजाने में अपने दिल को खतरे में डाल रहे हैं। आजकल देर रात तक फोन स्क्रॉल करना, वेब सीरीज देखना या ऑफिस के काम के तनाव में जागना हमारी रूटीन का हिस्सा बन गया है। हम अक्सर थकान को नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यह अधूरी नींद धीरे-धीरे हमारे दिल की सेहत को अंदर से खोखला कर रही है।
अमेरिका के सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) की रिपोर्ट भी इसी तरफ इशारा करती है। आइए बहुत ही आसान भाषा में समझते हैं कि अच्छी नींद आपके दिल के लिए कितनी जरूरी है और यह आपके शरीर में कैसे काम करती है।
दिल के लिए कैसे संजीवनी का काम करती है नींद?
दिनभर काम करने के बाद जब आप गहरी नींद में सोते हैं, तो आपका शरीर खुद को रिपेयर कर रहा होता है। यह वह समय होता है जब आपके दिल को भी थोड़ी राहत मिलती है और वह बेहतर तरीके से काम कर पाता है। जब नींद पूरी होती है, तो शरीर का ब्लड प्रेशर नॉर्मल रहता है, वजन कंट्रोल में रहता है और ब्लड शुगर लेवल भी नहीं बिगड़ता।
वहीं, अगर आप लंबे समय तक नींद पूरी नहीं करते हैं, तो शरीर में तनाव बढ़ता है। इससे हाई ब्लड प्रेशर, टाइप 2 डायबिटीज और मोटापे का खतरा तेजी से बढ़ने लगता है। और हम सब जानते हैं कि ये तीनों बीमारियां सीधे तौर पर हार्ट अटैक या दिल की अन्य बीमारियों को बुलावा देती हैं। इसीलिए एक्सपर्ट्स मानते हैं कि एक स्वस्थ दिल के लिए अच्छी नींद उतनी ही जरूरी है, जितना कि हरी सब्जियां खाना या रोज टहलना।
आखिर कितनी नींद है जरूरी?
हर वयस्क (Adult) इंसान को 24 घंटे में कम से कम 7 घंटे की गहरी नींद जरूर लेनी चाहिए। यह कोई लग्जरी नहीं, बल्कि आपके शरीर की बुनियादी जरूरत है। अगर आप लगातार 7 घंटे से कम सो रहे हैं, तो आपका दिल हमेशा एक दबाव में काम करता है। कोशिश करें कि आपके सोने और सुबह उठने का समय रोज एक जैसा हो। इससे शरीर की अपनी एक 'बॉडी क्लॉक' सेट हो जाती है और नींद भी जल्दी व गहरी आती है।
सुकून भरी नींद पाने के कुछ आसान तरीके
अगर आपको बिस्तर पर जाने के बाद भी घंटों नींद नहीं आती है, तो आप अपने डेली रूटीन में कुछ छोटे बदलाव कर सकते हैं:
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गैजेट्स से दूरी: सोने से कम से कम एक घंटे पहले अपना मोबाइल, टीवी या लैपटॉप बंद कर दें। स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी दिमाग को सोने नहीं देती।
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हल्का खाना: रात का खाना हमेशा हल्का रखें। हेवी या ज्यादा मसालेदार खाना खाने से पाचन में दिक्कत होती है, जो नींद खराब करती है।
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कैफीन से बचें: शाम ढलने के बाद चाय, कॉफी या कोई भी एनर्जी ड्रिंक पीने से बचें।
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शांत माहौल: जिस कमरे में आप सोते हैं, वहां शांति होनी चाहिए। कमरे में हल्का अंधेरा रखें और बिस्तर आरामदायक हो।
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थोड़ी कसरत: दिन के समय अगर आप थोड़ी शारीरिक मेहनत या एक्सरसाइज करते हैं, तो शरीर थकता है और रात को बहुत अच्छी नींद आती है।
अगर इन सब के बावजूद आपको लंबे समय से नींद न आने (Insomnia) की समस्या है या रात में बार-बार आपकी आंख खुलती है, तो बिना देर किए किसी अच्छे डॉक्टर से सलाह जरूर लें।