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501 दिनों की FD पर सीनियर सिटीजंस को 8.50% तक बंपर ब्याज: ₹5 लाख जमा करने पर कितना मिलेगा रिटर्न? समझिए पूरा हिसाब

फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) सुरक्षित और गारंटीकृत रिटर्न चाहने वाले निवेशकों, विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों (Senior Citizens) के लिए हमेशा से पहली पसंद रही है। हाल के दिनों में कई स्मॉल फाइनेंस बैंकों ने अपनी जमा दरों में संशोधन किया है, जिसमें यूनिटी स्मॉल फाइनेंस बैंक (Unity Small Finance Bank) की 501 दिनों की स्पेशल एफडी योजना चर्चा में है।

इस विशेष अवधि (501 दिन यानी लगभग 1 वर्ष 4 महीने और 15 दिन) के लिए बैंक सामान्य ग्राहकों को 8.00% और वरिष्ठ नागरिकों को 50 बेसिस प्वाइंट्स अतिरिक्त यानी 8.50% प्रति वर्ष की दर से ब्याज दे रहा है। शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव से दूर सुरक्षित और निश्चित आय तलाश रहे बुजुर्गों के लिए यह एक आकर्षक विकल्प बनकर उभरा है।

₹5 लाख के निवेश पर कितना बनेगा फंड? जानिए पूरा कैलकुलेशन

यदि कोई वरिष्ठ नागरिक इस 501 दिनों की स्पेशल एफडी में ₹5,00,000 (5 लाख रुपये) का एकमुश्त निवेश करता है, तो तिमाही चक्रवृद्धि (Quarterly Compounding) के आधार पर मैच्योरिटी का हिसाब इस प्रकार बैठता है:

मद (Particulars) विवरण / आंकड़े
मूलधन (Principal Amount) ₹5,00,000
अवधि (Tenure) 501 दिन (लगभग 1.372 वर्ष)
ब्याज दर (Interest Rate p.a.) 8.50% वार्षिक
कंपाउंडिंग फ्रीक्वेंसी त्रैमासिक (Quarterly)
अनुमानित कुल ब्याज (Interest Earned) ~₹60,800 से ₹61,200 (साधारण ब्याज पर लगभग ₹58,320)
कुल संभावित मैच्योरिटी फंड (Maturity Amount) ~₹5,60,800 से ₹5,61,200

नोट: बैंक तिमाही आधार पर ब्याज को मूलधन में जोड़ते हैं (Reinvestment Plan)। यदि वरिष्ठ नागरिक तिमाही या मासिक आधार पर नियमित पेंशन की तरह ब्याज अपने खाते में मंगाना चाहते हैं (Non-Cumulative Option), तो उन्हें साधारण ब्याज के रूप में लगभग ₹58,300 से ₹59,000 का कुल ब्याज मिलेगा।

ब्याज के भुगतान के विकल्प: अपनी जरूरत के हिसाब से चुनें

वरिष्ठ नागरिकों को इस योजना के तहत ब्याज प्राप्त करने के दो प्रमुख विकल्प मिलते हैं:

  • क्यूमुलेटिव (Cumulative Option): यदि आपको नियमित नकदी की जरूरत नहीं है, तो ब्याज की रकम हर 3 महीने में मूलधन में जुड़ती जाती है। इससे मैच्योरिटी पर एकमुश्त लगभग ₹5.61 लाख की रकम प्राप्त होती है।

  • नॉन-क्यूमुलेटिव (Non-Cumulative Option): यदि आप अपने दैनिक खर्चों या दवाओं के लिए नियमित आय चाहते हैं, तो आप मासिक या त्रैमासिक आधार पर ब्याज का भुगतान अपने बचत खाते में ले सकते हैं।

निवेश करने से पहले इन 3 बातों का रखें खास ध्यान

  1. DICGC बीमा सुरक्षा (सुरक्षा की गारंटी): भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की सहायक संस्था 'डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन' (DICGC) के तहत प्रत्येक खाताधारक के मूलधन और ब्याज को मिलाकर अधिकतम ₹5,00,000 तक की राशि पूरी तरह बीमित और सुरक्षित होती है। ₹5 लाख का निवेश इस सुरक्षित सीमा के भीतर आता है।

  2. टीडीएस (TDS) और टैक्स नियम: आयकर कानून की धारा 194A के तहत, वरिष्ठ नागरिकों को बैंक एफडी से एक वित्त वर्ष में मिलने वाले ₹50,000 तक के ब्याज पर टीडीएस नहीं कटता। चूंकि ₹5 लाख पर 501 दिनों में कुल ब्याज लगभग ₹60,000 बनेगा और यह दो अलग-अलग वित्तीय वर्षों में विभाजित होगा, इसलिए यदि आपकी कुल वार्षिक आय कर-मुक्त दायरे में है, तो आप फॉर्म 15H जमा करके टीडीएस कटौती से बच सकते हैं।

  3. प्रीमेच्योर विड्रॉल (समय से पहले निकासी): यदि किसी आकस्मिक जरूरत पर 501 दिन पूरे होने से पहले एफडी तोड़ी जाती है, तो बैंक नियमानुसार 1% तक की पेनल्टी काट सकता है।

 

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