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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर भड़का भयंकर तनाव: आमने-सामने ईरान और अमेरिका, हाई-वोल्टेज कूटनीति के बीच मोहसिन नकवी पहुंचे तेहरान

मध्य पूर्व (Middle East) के बेहद संवेदनशील और रणनीतिक जलडमरूमध्य यानी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) पर इस वक्त युद्ध के बादल मंडराने लगे हैं। दुनिया के सबसे बड़े तेल व्यापार मार्ग पर ईरान और अमेरिका एक बार फिर सीधे तौर पर आमने-सामने आ गए हैं, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारी खलबली मच गई है। इस बीच, इस भयंकर कूटनीतिक संकट के बीच एक चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आया है, जहां पाकिस्तान के हाई-प्रोफाइल मंत्री मोहसिन नकवी (Mohsin Naqvi) अचानक तेहरान पहुंच गए हैं। इस हाई-वोल्टेज ड्रामे ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नए कयासों को जन्म दे दिया है।

क्यों सुलग रहा है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का यह सामरिक मार्ग?

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज वैश्विक तेल आपूर्ति का सबसे बड़ा और अहम धमनियों में से एक माना जाता है, जहां से दुनिया का एक बड़ा हिस्सा ऊर्जा की आपूर्ति प्राप्त करता है। हालिया दिनों में ईरान और अमेरिकी नौसेना के बीच बढ़ती तनातनी और सैन्य गतिविधियों के कारण इस क्षेत्र में सुरक्षा संकट गहरा गया है। ईरान की तरफ से दी गई चेतावनियों और अमेरिका की आक्रामक सैन्य तैनाती ने इस समुद्री रास्ते को दुनिया का सबसे खतरनाक जोन बना दिया है। यदि यहां कोई भी बड़ा संघर्ष छिड़ता है, तो पूरी दुनिया में कच्चे तेल के दाम आसमान छू सकते हैं और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसका सीधा बुरा असर पड़ सकता है।

अचानक तेहरान क्यों पहुंचे मोहसिन नकवी?

इस मची भगदड़ और भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बीच पाकिस्तान के आंतरिक मामलों के मंत्री मोहसिन नकवी का तेहरान दौरा बेहद संदिग्ध और कूटनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जानकारों का कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के साये में पाकिस्तान अपने पारंपरिक क्षेत्रीय समीकरणों को साधने की कोशिश कर रहा है। तेहरान की इस अचानक यात्रा के पीछे गुप्त राजनीतिक संदेश और पश्चिमी देशों के बढ़ते दबाव से निपटने की रणनीतियां बताई जा रही हैं। इस हाई-लेवल विजिट पर अब अमेरिका सहित तमाम वैश्विक ताकतों की पैनी नजर टिकी हुई है।

 

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