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हॉर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका को भारी नुकसान ईरान ने मार गिराया 2222 करोड़ का ड्रोन, अमेरिकी नौसेना ने की पुष्टि

News India Live, Digital Desk : मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अमेरिकी नौसेना ने एक बड़ी क्षति की पुष्टि की है। रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण ‘हॉर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) के पास अमेरिका का एक अत्याधुनिक और बेहद कीमती ड्रोन क्रैश हो गया है। रिपोर्टों के अनुसार, इस ड्रोन की कीमत लगभग 2222 करोड़ रुपये ($260 Million) से अधिक बताई जा रही है। इस घटना ने ईरान और अमेरिका के बीच जारी सैन्य तनातनी को और अधिक हवा दे दी है।ईरानी मिसाइल का शिकार बना अमेरिकी ‘जासूस’अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) के सूत्रों के अनुसार, यह ड्रोन ‘ग्लोबल हॉक’ श्रेणी का था, जो अपनी लंबी दूरी की निगरानी और जासूसी क्षमताओं के लिए जाना जाता है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने दावा किया है कि अमेरिकी ड्रोन ने उनके हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया था, जिसके बाद इसे स्वदेशी मिसाइल रक्षा प्रणाली से मार गिराया गया। हालांकि, अमेरिकी नौसेना का कहना है कि ड्रोन अंतरराष्ट्रीय हवाई क्षेत्र में उड़ान भर रहा था और उस पर किया गया हमला उकसावे की कार्रवाई है।क्यों अहम है हॉर्मुज जलडमरूमध्य?हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता है। दुनिया का लगभग एक-तिहाई समुद्री तेल इसी संकरे रास्ते से होकर गुजरता है। ईरान अक्सर इस रास्ते को बंद करने या यहां से गुजरने वाले जहाजों को निशाना बनाने की धमकी देता रहा है। 2222 करोड़ के ड्रोन का गिरना अमेरिका के लिए न केवल आर्थिक रूप से बल्कि सामरिक रूप से भी एक बड़ा झटका है, क्योंकि इसकी तकनीक बेहद संवेदनशील मानी जाती है।युद्ध की आहट और वैश्विक बाजार में खलबलीईरान और अमेरिका के बीच इस ताजा टकराव का सीधा असर वैश्विक बाजारों पर देखने को मिल रहा है। ड्रोन गिराए जाने की खबर के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में उछाल आया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच यह सैन्य टकराव और बढ़ता है, तो इससे न केवल तेल संकट गहराएगा बल्कि पूरे क्षेत्र में पूर्ण युद्ध जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।अमेरिका की अगली रणनीति क्या होगी?इस घटना के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति और रक्षा विभाग लगातार बैठकें कर रहे हैं। व्हाइट हाउस ने इस हमले को ‘अकारण हमला’ करार दिया है। कयास लगाए जा रहे हैं कि अमेरिका इसके जवाब में ईरान के रडार सिस्टम या मिसाइल लॉन्च पैड्स पर सर्जिकल स्ट्राइक कर सकता है। फिलहाल, अमेरिकी नौसेना ने क्षेत्र में अपने युद्धपोतों और विमानों की गश्त बढ़ा दी है और हाई अलर्ट जारी कर दिया है।

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