10वीं में झेली भयानक बॉडी शेमिंग, CA की पढ़ाई के बीच छूटे 70 लेक्चर्स; जब टॉपर लिस्ट में आया यति का नाम तो उड़ गए सबके होश

सफलता की कहानियां अक्सर संघर्ष की भट्टी में तपकर ही निखरती हैं। चार्टर्ड अकाउंटेंसी (CA) जैसी देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक को पास करना ही अपने आप में बड़ी बात है, लेकिन तमाम व्यक्तिगत और मानसिक चुनौतियों को पार करते हुए ऑल इंडिया टॉपर लिस्ट में जगह बनाना किसी चमत्कार से कम नहीं है। ऐसी ही एक बेहद भावुक और प्रेरणादायक कहानी सामने आई है यति की। यति ने न केवल इस मुश्किल सफर को तय किया, बल्कि समाज के तानों और पढ़ाई के बीच आई बड़ी बाधाओं को मात देकर यह साबित कर दिया कि अगर हौसले बुलंद हों, तो हर मुश्किल आसान हो जाती है। उनकी इस ऐतिहासिक कामयाबी की कहानी आज देश के लाखों सीए एस्पिरेंट्स के लिए एक मिसाल बन चुकी है।
स्कूली दिनों का वो काला दौर: जब सताती थी बॉडी शेमिंग और गिर गया था आत्मविश्वास
यति के मुताबिक, उनका सफर हमेशा से इतना चमकदार नहीं था। जब वह 10वीं कक्षा में थीं, तो उन्हें अपने लुक्स और वजन को लेकर गंभीर रूप से बॉडी शेमिंग का सामना करना पड़ा था। किशोरावस्था के उस नाजुक दौर में सहपाठियों और समाज के कुछ लोगों द्वारा की गई कड़वी टिप्पणियों ने उनके मानसिक स्वास्थ्य और आत्मविश्वास को बुरी तरह झकझोर कर रख दिया था। यति बताती हैं कि एक समय ऐसा था जब वह लोगों से बात करने और घर से बाहर निकलने में भी कतराने लगी थीं। लेकिन उन्होंने इस दर्द को अपनी कमजोरी बनाने के बजाय अपनी सबसे बड़ी ताकत में बदलने का फैसला किया और अपना पूरा ध्यान करियर को संवारने में लगा दिया।
सीए की तैयारी का सबसे कठिन फेज: जब छूट गए एक साथ 70 से ज्यादा लेक्चर्स
इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) की सीए परीक्षा के मुश्किल सिलेबस के बीच यति के सामने एक नया संकट आ खड़ा हुआ। तैयारी के सबसे महत्वपूर्ण समय में कुछ अपरिहार्य पारिवारिक और व्यक्तिगत कारणों की वजह से उनके मुख्य विषयों के लगभग 70 से अधिक वीडियो लेक्चर्स छूट गए। सीए जैसे कोर्स में जहां एक दिन की पढ़ाई छूटने पर छात्र बैकफुट पर आ जाते हैं, वहां 70 लेक्चर्स का बैकलॉग होना किसी दुःस्वप्न जैसा था। यति ने बिना हिम्मत हारे दिन-रात एक कर दिए, नींद का त्याग किया और एक सख्त टाइम-टेबल बनाकर न केवल उस छूटे हुए सिलेबस को कवर किया, बल्कि कई बार उसका रिवीजन भी पूरा किया।
जब जारी हुए नतीजे: टॉपर लिस्ट में अपना नाम देख खुद यति के भी उड़ गए होश
परीक्षा देने के बाद यति को पास होने की पूरी उम्मीद थी, लेकिन जब आईसीएआई ने आधिकारिक तौर पर रिजल्ट और मेरिट लिस्ट घोषित की, तो नजारा कुछ और ही था। ऑल इंडिया रैंकर्स की सूची में जैसे ही यति ने अपना नाम और रोल नंबर देखा, वह पूरी तरह चौंक गईं। शुरुआत में तो उन्हें अपनी आंखों पर विश्वास ही नहीं हुआ और उन्होंने दो-तीन बार रिजल्ट को री-चेक किया। उनके परिवार में खुशी का ठिकाना नहीं रहा और जो लोग कभी उन्हें कमतर आंकते थे, आज वे उनकी सफलता की तारीफ करते नहीं थक रहे हैं। यति की यह कहानी सिखाती है कि बाधाएं कितनी भी बड़ी क्यों न हों, दृढ़ संकल्प से हर चक्रव्यूह को भेदा जा सकता है।