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US India tariff : कौन हैं सर्जियो गोर? ट्रंप के वो खास सिपहसालार जिन्होंने भारत के साथ कराई ₹500 बिलियन की ऐतिहासिक डील

News India Live, Digital Desk : सर्जियो गोर ने 14 जनवरी 2026 को आधिकारिक तौर पर भारत में अमेरिकी राजदूत का पदभार संभाला। उन्हें राष्ट्रपति ट्रंप का ‘दाहिना हाथ’ कहा जाता है। 38 वर्षीय गोर न केवल भारत में अमेरिकी राजदूत हैं, बल्कि वे दक्षिण और मध्य एशियाई मामलों के विशेष दूत (Special Envoy) की भूमिका भी निभा रहे हैं। उनके पदभार संभालने के मात्र 20 दिनों के भीतर भारत और अमेरिका ने टैरिफ में भारी कटौती कर दुनिया को चौंका दिया है।सर्जियो गोर का परिचय: ‘मेयर ऑफ मार-ए-लागो’सर्जियो गोर का सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है:जन्म और पृष्ठभूमि: उनका जन्म 1986 में उज्बेकिस्तान (तत्कालीन सोवियत संघ) में हुआ था। बाद में उनका परिवार अमेरिका शिफ्ट हो गया।ट्रंप के करीब: गोर को ट्रंप के पाम बीच स्थित गोल्फ रिसॉर्ट के कारण ‘मेयर ऑफ मार-ए-लागो’ के नाम से भी जाना जाता है।पब्लिशिंग हाउस: उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप जूनियर के साथ मिलकर ‘विनिंग टीम पब्लिशिंग’ की स्थापना की थी, जिसने ट्रंप की कई बेस्टसेलर किताबें प्रकाशित कीं।व्हाइट हाउस में भूमिका: राजदूत बनने से पहले वे व्हाइट हाउस में ‘प्रेसिडेंशियल पर्सनेल ऑफिस’ के निदेशक थे, जहाँ उन्होंने हजारों राजनीतिक नियुक्तियों को संभाला।व्यापार समझौते में गोर की भूमिका (The 18% Tariff Masterstroke)इस डील को अमलीजामा पहनाने में सर्जियो गोर ने ‘पुल’ की तरह काम किया:व्यक्तिगत कूटनीति: गोर ने लगातार इस बात पर जोर दिया कि मोदी और ट्रंप ‘सच्चे दोस्त’ हैं। उन्होंने कहा कि “सच्चे दोस्त असहमत हो सकते हैं, लेकिन अंत में मतभेद सुलझा लेते हैं।”टैरिफ में कटौती: जब भारत-अमेरिका के बीच रूसी तेल और टैरिफ को लेकर तनाव था, तब गोर ने पर्दे के पीछे रहकर बातचीत जारी रखी। इसी का नतीजा है कि अमेरिका ने टैरिफ 50% से घटाकर 18% कर दिया।एनर्जी डील: ट्रंप के $500 बिलियन के ‘एनर्जी और टेक्नोलॉजी’ निर्यात के लक्ष्य को भारत के साथ साझा करने में उनकी बड़ी भूमिका रही है।Pax Silica (पॉक्स सिलिका): उन्होंने भारत को अमेरिका के नेतृत्व वाली ‘पॉक्स सिलिका’ पहल में शामिल होने का निमंत्रण दिया है, जो सेमीकंडक्टर और AI सप्लाई चेन को सुरक्षित करने के लिए बनाई गई है।सर्जियो गोर का ‘इंडियन कनेक्शन’दिलचस्प बात यह है कि सर्जियो गोर का भारत से पुराना नाता है। उनके पिता एक इंजीनियर थे जिन्होंने IL-76 विमान के प्रोजेक्ट पर काम किया था, जो आज भी भारतीय वायुसेना (IAF) का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

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