IRIS Dena Sunk : भारत से लौट रहे ईरानी युद्धपोत को अमेरिकी पनडुब्बी ने डुबोया 87 नौसैनिकों की मौत, 32 को श्रीलंका ने बचाया

News India Live, Digital Desk:यह हमला श्रीलंका के दक्षिणी तट से लगभग 40 समुद्री मील दूर (गैले के पास) अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में हुआ। अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने इसे “शांत मृत्यु” (Quiet Death) करार देते हुए पुष्टि की कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यह पहली बार है जब किसी अमेरिकी पनडुब्बी ने टारपीडो से दुश्मन के जहाज को डुबोया है।1. घटना का विवरण और हताहत (The Attack & Casualties)हमला: अमेरिकी पनडुब्बी ने एक Mark 48 टारपीडो का इस्तेमाल किया, जिससे युद्धपोत के दो टुकड़े हो गए और वह चंद मिनटों में समुद्र में समा गया।मौत का आंकड़ा: जहाज पर लगभग 180 चालक दल के सदस्य सवार थे। अब तक 87 नौसैनिकों के शव बरामद किए जा चुके हैं।रेस्क्यू ऑपरेशन: श्रीलंकाई नौसेना ने तत्परता दिखाते हुए 32 घायल नौसैनिकों को सुरक्षित बचा लिया है, जिनका इलाज गैले के अस्पताल में चल रहा है। लगभग 61 नौसैनिक अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।2. भारत से क्या था संबंध? (The India Connection)IRIS Dena ईरान का एक ‘प्राइज शिप’ (अत्यंत महत्वपूर्ण युद्धपोत) था, जो हाल ही में भारत के विशाखापत्तनम में आयोजित:International Fleet Review 2026 औरMILAN 2026 (बहुराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास)में हिस्सा लेकर वापस लौट रहा था। विशाखापत्तनम के निवासियों और भारतीय नौसेना के अधिकारियों ने इस खबर पर गहरा दुख जताया है, क्योंकि कुछ दिन पहले ही इस जहाज के चालक दल ने शहर में ‘सिटी परेड’ के दौरान लोगों का दिल जीता था।3. अमेरिका का तर्क: ‘नियमों की परवाह नहीं’पेंटागन ने इस हमले को जायज ठहराते हुए कहा है कि ईरान की नौसेना को पूरी तरह समाप्त करना उनका मुख्य लक्ष्य है। रक्षा सचिव ने कहा कि यह हमला अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में “संभावित खतरे” को देखते हुए किया गया। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने इसे ‘युद्ध अपराध’ और समुद्री कानूनों का उल्लंघन बताया है क्योंकि जहाज किसी सक्रिय युद्ध क्षेत्र में नहीं था।4. ईरान का गुस्सा और क्षेत्रीय तनावईरान ने इस हमले को “कायरतापूर्ण कार्रवाई” बताया है। इस घटना के बाद:होर्मुज जलडमरूमध्य: ईरान ने इस मार्ग पर अपनी निगरानी और भी सख्त कर दी है।बदले की कार्रवाई: ईरान ने चेतावनी दी है कि वह हिंद महासागर में अमेरिकी हितों को निशाना बनाएगा।