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Iranian Drone Strike: दुबई के तट पर कुवैती तेल टैंकर पर ईरानी ‘सुसाइड ड्रोन’ का हमला, मची भीषण आग; खाड़ी क्षेत्र में युद्ध का नया मोर्चा

मिडिल ईस्ट में जारी महाजंग अब और भी खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है। मंगलवार, 31 मार्च को दुबई के तट पर खड़े एक विशाल कुवैती तेल टैंकर पर ईरानी ड्रोन हमले के बाद भीषण आग लग गई। ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच जारी इस टकराव ने अब खाड़ी के सबसे सुरक्षित समझे जाने वाले शिपिंग रूट्स को भी अपनी जद में ले लिया है। गनीमत यह रही कि टैंकर पर मौजूद सभी 24 क्रू सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया है, लेकिन इस ‘प्रत्यक्ष और दुर्भावनापूर्ण’ हमले ने वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और समुद्री व्यापार पर बड़े खतरे के संकेत दे दिए हैं।दुबई पोर्ट के पास ‘सुसाइड ड्रोन’ से दहला जहाजब्रिटिश सैन्य इकाई UKMTO और कुवैत की आधिकारिक समाचार एजेंसी KUNA के अनुसार, यह हमला दुबई पोर्ट के एंकरेज एरिया (लंगर डालने की जगह) में हुआ। टैंकर दुबई तट से लगभग 31 समुद्री मील उत्तर-पश्चिम में था, जब एक ‘सुसाइड ड्रोन’ उसके दाईं ओर (Starboard side) आ टकराया। टक्कर के तुरंत बाद जहाज के एक हिस्से में भीषण आग लग गई। दुबई मीडिया ऑफिस ने पुष्टि की है कि आपातकालीन टीमें और दमकल जहाज मौके पर आग बुझाने के कार्य में जुटे हैं।कुवैत का बड़ा दावा: एक साथ कई मिसाइल और ड्रोन हमलेयह घटना केवल एक टैंकर तक सीमित नहीं थी। कुवैती रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर खुलासा किया है कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने एक साथ कई ‘मिसाइल और ड्रोन हमलों’ को नाकाम किया है। इससे यह साफ होता है कि ईरान ने न केवल तेल टैंकर को निशाना बनाया, बल्कि क्षेत्र के अन्य रणनीतिक और महत्वपूर्ण ठिकानों पर भी सामूहिक हमला करने की कोशिश की है। कुवैत ने इसे क्षेत्रीय स्थिरता के खिलाफ एक बड़ी साजिश करार दिया है।वैश्विक शिपिंग रूट और ऊर्जा बाजार पर संकटहोर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के इतने करीब दुबई जैसे व्यस्त बंदरगाह के पास हमला होना अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए खतरे की घंटी है। कुवैत दुनिया के प्रमुख तेल निर्यातकों में से एक है, और उसके टैंकर पर हमला सीधे तौर पर वैश्विक तेल आपूर्ति की ‘लाइफलाइन’ पर वार है। हालांकि, अभी तक समुद्र में तेल रिसाव जैसी किसी पर्यावरणीय क्षति की सूचना नहीं है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां जहाजों की आवाजाही को लेकर जल्द ही नई एडवाइजरी जारी कर सकती हैं।क्या फिर आसमान छुएंगी तेल की कीमतें?ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध के बीच इस ताजा हमले ने निवेशकों के मन में डर पैदा कर दिया है। जानकारों का मानना है कि तेल टैंकरों पर बढ़ते हमलों से कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें एक बार फिर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकती हैं। खाड़ी देशों के तेल निर्यात पर मंडराते इस खतरे ने वैश्विक शेयर बाजारों और कमोडिटी मार्केट में हलचल तेज कर दी है। आने वाले घंटों में अमेरिका और उसके सहयोगियों की ओर से इस पर कड़ी प्रतिक्रिया आने की संभावना जताई जा रही है।

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