ईरान के तेल ठिकानों को क्यों बख्शा? राष्ट्रपति ट्रंप ने किया बड़ा खुलासा, साथ ही दे डाली पाषाण युग में धकेलने की धमकी

News India Live, Digital Desk: पश्चिम एशिया में पिछले एक महीने से अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे भीषण महायुद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बेहद अहम और चौंकाने वाला बयान दिया है। गुरुवार को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में ट्रंप ने इस बात से पर्दा उठाया कि आखिर अमेरिका ने अब तक ईरान के सबसे कमजोर और अहम हिस्से यानी उसके ‘तेल ठिकानों’ पर हमला क्यों नहीं किया। इसके साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि भले ही सेना ने अपने लक्ष्य हासिल कर लिए हों, लेकिन अगले कुछ हफ्तों तक ईरान पर अमेरिकी प्रहार जारी रहेगा।’हमने जानबूझकर तेल ठिकानों को नहीं बनाया निशाना’ अपने संबोधन के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि बीते एक महीने की जंग में अमेरिका ने ईरान की नौसेना, वायुसेना और मिसाइल दागने की पूरी क्षमता को पूरी तरह से नेस्तनाबूद कर दिया है। तेल ठिकानों का विशेष रूप से जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने जानबूझकर उन पर बमबारी नहीं की, जबकि युद्ध की दृष्टि से वे सबसे आसान लक्ष्य थे। ट्रंप ने इसकी वजह बताते हुए कहा, ‘हमने ऐसा इसलिए किया ताकि उन्हें (ईरान को) जिंदा रहने और युद्ध के बाद दोबारा अपने पैरों पर खड़े होने का एक मौका मिल सके।’ हालांकि, उन्होंने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका जब चाहे उन पर हमला कर सकता है। ट्रंप ने कहा, ‘उनके पास कोई वायु रक्षा प्रणाली (Air Defense System) नहीं बची है, उनका रडार सिस्टम पूरी तरह से नष्ट हो चुका है। वे हमारे खिलाफ कुछ नहीं कर पाएंगे क्योंकि सैन्य ताकत के मामले में अमेरिका अजेय है।’बिजली संयंत्रों पर हमले और ‘पाषाण युग’ का अल्टीमेटम संबोधन के दौरान ट्रंप के तेवर बेहद आक्रामक नजर आए। उन्होंने ईरान को सीधा अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर उसने जल्द ही अमेरिका के साथ कोई शांति समझौता नहीं किया, तो उसे ‘पाषाण युग’ (Stone Age) में धकेल दिया जाएगा। सत्ता परिवर्तन के सवाल पर ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका का मकसद कभी भी ईरान की सत्ता बदलना नहीं था। उन्होंने कहा, ‘उनके पुराने और कट्टरपंथी नेता इस जंग में मारे जा चुके हैं, जिससे वहां अपने आप सत्ता परिवर्तन हो गया है। अब जो नया समूह है, वह कम उग्र और कहीं अधिक समझदार है।’ इसके बावजूद ट्रंप ने धमकाते हुए कहा कि अगर इस बीच कोई डील नहीं होती है, तो अमेरिकी सेना ईरान के हर एक बिजली उत्पादन संयंत्र को एक साथ निशाना बनाएगी और पूरे देश को अंधेरे में डुबो देगी।अभी 2 से 3 हफ्ते और जारी रहेंगे अमेरिकी हमले कई कूटनीतिक जानकारों को उम्मीद थी कि ट्रंप अपने इस संबोधन में युद्ध समाप्ति का ऐलान कर सकते हैं, लेकिन उन्होंने इसके विपरीत संकेत दिए। ट्रंप ने साफ किया कि ईरान में अमेरिकी सेना का अभियान फिलहाल नहीं रुकेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका अगले दो से तीन हफ्तों तक ईरान पर बेहद कड़ी चोट करने वाला है और रेल ठिकानों को भी निशाना बनाया जा सकता है।अमेरिकी जनता का खत्म हो रहा है सब्र हालांकि, ट्रंप को इस बात का भी भली-भांति अहसास है कि युद्ध को लेकर अमेरिकी नागरिकों का धैर्य अब जवाब दे रहा है। अपने संबोधन से एक दिन पहले व्हाइट हाउस में आयोजित ‘ईस्टर लंच’ के दौरान भी ट्रंप ने इस बात को स्वीकार किया था। उन्होंने कहा था कि अमेरिका बहुत आसानी से ईरान के तेल पर कब्जा कर सकता है, लेकिन अमेरिकी जनता में युद्ध को लंबा खींचने का सब्र नहीं है और वे अब इस जंग को खत्म होते हुए देखना चाहते हैं।