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US-Israeli Attack : कौन थे माजिद खादेमी? अमेरिका-इजरायल के हमले में मारे गए ईरान के IRGC इंटेलिजेंस चीफ

News India Live, Digital Desk: पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी भीषण संघर्ष के बीच ईरान को एक और बड़ा झटका लगा है। सोमवार (6 अप्रैल 2026) की अलसुबह तेहरान में हुए एक संयुक्त अमेरिकी-इजरायली हवाई हमले में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के शक्तिशाली खुफिया संगठन के प्रमुख, मेजर जनरल सैयद माजिद खादेमी मारे गए हैं। ईरानी सरकारी मीडिया और IRGC ने आधिकारिक बयान जारी कर उनकी मौत की पुष्टि की है और उन्हें ‘शहीद’ का दर्जा दिया है।कौन थे माजिद खादेमी?माजिद खादेमी ईरान के सुरक्षा तंत्र के सबसे प्रभावशाली और अनुभवी अधिकारियों में से एक थे। उनके करियर और प्रभाव के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:खुफिया प्रमुख के रूप में नियुक्ति: खादेमी को जून 2025 में IRGC के इंटेलिजेंस ऑर्गनाइजेशन का प्रमुख नियुक्त किया गया था। उन्होंने जनरल मोहम्मद काज़ेमी की जगह ली थी, जो खुद एक इजरायली हमले में मारे गए थे।50 साल का अनुभव: खादेमी लगभग पांच दशकों तक ईरान की खुफिया और सुरक्षा सेवाओं में सक्रिय रहे। उन्हें ‘काउंटर-एस्पियनेज’ (प्रति-जासूसी) और आंतरिक सुरक्षा का विशेषज्ञ माना जाता था।इंटेलिजेंस प्रोटेक्शन ऑर्गनाइजेशन: प्रमुख बनने से पहले, वह IRGC के ‘इंटेलिजेंस प्रोटेक्शन ऑर्गनाइजेशन’ के प्रमुख थे, जिसका मुख्य कार्य विदेशी जासूसों को पकड़ना और सेना के भीतर निगरानी रखना था।रक्षा मंत्रालय में भूमिका: उन्होंने ईरान के रक्षा मंत्रालय में भी वरिष्ठ पदों पर कार्य किया था।हमले का विवरण और इजरायल की पुष्टिइजरायली रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ ने इस हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि आईडीएफ (IDF) ने तेहरान में एक सटीक ऑपरेशन के दौरान खादेमी को निशाना बनाया। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा, “ईरानी आतंकी शासन की एक और केंद्रीय भुजा काट दी गई है। जो कोई भी हमारे नागरिकों की हत्या की साजिश रचेगा, उसका अंजाम यही होगा।”ईरान-इजरायल संघर्ष में नया मोड़माजिद खादेमी की मौत ऐसे समय में हुई है जब ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच सीधा युद्ध चल रहा है।फरवरी 2026 का हमला: इस संघर्ष की शुरुआत 28 फरवरी 2026 को हुई थी, जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर एक बड़ा संयुक्त हमला किया था, जिसमें कथित तौर पर तत्कालीन सर्वोच्च नेता अली खामेनेई सहित कई शीर्ष नेता मारे गए थे।खादेमी के आरोप: मारे जाने से कुछ समय पहले, खादेमी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर ईरान में अशांति फैलाने और विदेशी खुफिया एजेंसियों (जैसे इजरायल की यूनिट 8200) की मदद से सरकार गिराने की साजिश रचने का आरोप लगाया था।ताजा स्थिति: युद्धविराम की चर्चा?एक तरफ जहां शीर्ष नेतृत्व को निशाना बनाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान के माध्यम से ईरान और अमेरिका के बीच 45 दिनों के युद्धविराम (Ceasefire) का प्रस्ताव भी साझा किए जाने की खबरें हैं। हालांकि, खादेमी जैसे बड़े जनरल की मौत के बाद ईरान की ओर से जवाबी हमले की आशंका बढ़ गई है, जिससे वैश्विक तेल बाजार और विमानन सेवाओं में भारी अस्थिरता बनी हुई है।

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