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रिलेशनशिप में गैसलाइटिंग तो नहीं कर रहा आपका पार्टनर? इन 5 इशारों को न करें नजरअंदाज, वरना टूट जाएगा मानसिक स्वास्थ्य

News India Live, Digital Desk: रिलेशनशिप में प्यार, विश्वास और सम्मान का होना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी है एक-दूसरे की मानसिक स्थिति को समझना। लेकिन कई बार हम अनजाने में एक ऐसी मानसिक प्रताड़ना का शिकार हो जाते हैं जिसे गैसलाइटिंग (Gaslighting) कहा जाता है। यह एक ऐसा मनोवैज्ञानिक तरीका है जिसमें एक पार्टनर दूसरे को इस कदर भ्रमित कर देता है कि वह अपनी याददाश्त, धारणा और मानसिक स्थिति पर ही शक करने लगता है। अगर वक्त रहते इसे नहीं पहचाना गया, तो यह पीड़ित व्यक्ति के आत्मविश्वास को पूरी तरह खत्म कर सकता है।क्या है गैसलाइटिंग? (What is Gaslighting)गैसलाइटिंग भावनात्मक शोषण का एक गंभीर रूप है। इसमें पार्टनर झूठ बोलता है, सच को तोड़-मरोड़कर पेश करता है और आपको यह यकीन दिलाने की कोशिश करता है कि आपकी सोच या प्रतिक्रिया गलत है। इसका मुख्य उद्देश्य रिश्ते में कंट्रोल (नियंत्रण) हासिल करना होता है।इन 5 संकेतों से पहचानें गैसलाइटिंग का शिकार होनायदि आपके रिश्ते में भी ये बातें बार-बार हो रही हैं, तो सतर्क हो जाएं:1. आपकी याददाश्त पर शक करना: जब आप पार्टनर को उनकी किसी पुरानी बात की याद दिलाते हैं, तो वे सीधे तौर पर मुकर जाते हैं। वे कहेंगे— “मैंने ऐसा कभी नहीं कहा, तुम चीजें भूलने लगे हो” या “यह सब तुम्हारे दिमाग की उपज है।”2. अपनी गलती आप पर मढ़ना: जब आप उनकी किसी गलती पर बात करते हैं, तो वे बहस को इस तरह मोड़ देते हैं कि अंत में आप ही उनसे माफी मांग रहे होते हैं। वे विक्टिम कार्ड (Victim Card) खेलने में माहिर होते हैं।3. आपकी भावनाओं को ‘ओवररिएक्ट’ बताना: जब आप दुखी होते हैं, तो वे सहानुभूति दिखाने के बजाय कहेंगे— “तुम बहुत सेंसिटिव हो” या “तुम छोटी बात का बतंगड़ बना रहे हो।” इससे आप अपनी जायज भावनाओं को भी गलत मानने लगते हैं।4. सच को सीधे नकार देना (Blatant Lying): वे आंखों में आंखें डालकर आपसे झूठ बोलेंगे, भले ही आपके पास सबूत क्यों न हो। उनका आत्मविश्वास आपको यह सोचने पर मजबूर कर देगा कि शायद आप ही गलत हैं।5. आपको अपनों से अलग करना: गैसलाइटर अक्सर आपको यह यकीन दिलाता है कि आपके दोस्त या परिवार वाले आपके बारे में बुरा सोचते हैं। ऐसा करके वे आपको अकेला कर देते हैं ताकि आप पूरी तरह उन पर निर्भर हो जाएं।गैसलाइटिंग से कैसे निपटें? (How to Deal)अपनी सहज बुद्धि (Gut Feeling) पर भरोसा करें: अगर आपको लग रहा है कि कुछ गलत है, तो अक्सर वह गलत ही होता है। अपनी भावनाओं को खारिज न करें।सबूत रखें: यदि संभव हो, तो जरूरी बातचीत को मैसेज या ईमेल के रूप में सहेजें ताकि बाद में वे अपनी बात से पलट न सकें।बाउंड्री सेट करें: पार्टनर को स्पष्ट बताएं कि उनकी यह टोन या व्यवहार आपको मंजूर नहीं है।प्रोफेशनल मदद लें: अगर स्थिति हाथ से निकल रही है, तो रिलेशनशिप काउंसलर या थेरेपिस्ट से बात करना सबसे बेहतर विकल्प है।याद रखें, एक स्वस्थ रिश्ता आपको सुरक्षित और स्पष्ट महसूस कराता है, न कि कन्फ्यूज्ड और कमजोर।

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