धर्म

Budh Pradosh Vrat 2026: आज है वैशाख माह का पहला प्रदोष व्रत, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और कारोबार में सफलता के उपाय

लखनऊ/नई दिल्ली: हिंदू धर्म में भगवान शिव की कृपा पाने के लिए प्रदोष व्रत को सर्वोत्तम माना गया है। आज यानी 15 अप्रैल 2026 को वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। बुधवार का दिन होने के कारण इसे बुध प्रदोष व्रत के नाम से जाना जाएगा। मान्यता है कि जो भक्त निष्काम भाव से इस दिन महादेव और माता पार्वती की उपासना करते हैं, उनके जीवन से दरिद्रता का नाश होता है और बुद्धिमत्ता में वृद्धि होती है। विशेष रूप से व्यापारियों और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए आज का दिन अत्यंत फलदायी है।आज रात तक रहेगी त्रयोदशी: जानें सटीक पूजा मुहूर्तपंचांग गणना के अनुसार, वैशाख कृष्ण त्रयोदशी तिथि का प्रारंभ 14 अप्रैल की देर रात 12:12 बजे हो चुका है, जो आज 15 अप्रैल की रात 10:31 बजे तक रहेगी। शास्त्रानुसार, प्रदोष व्रत उसी दिन रखा जाता है जब सूर्यास्त के समय (प्रदोष काल) त्रयोदशी तिथि व्याप्त हो।प्रदोष काल पूजा समय: शाम 06:56 बजे से रात 09:13 बजे तक।पारण का समय: कल, 16 अप्रैल को सुबह चतुर्दशी तिथि में व्रत खोला जाएगा।बुध प्रदोष व्रत का महत्व: बुद्धि और व्यापार के लिए वरदानज्योतिष शास्त्र के अनुसार, बुध प्रदोष व्रत का संबंध भगवान शिव के साथ-साथ बुध ग्रह से भी है। जिन जातकों की कुंडली में बुध कमजोर है या जो वाणी और संचार (Communication) के दोषों से जूझ रहे हैं, उनके लिए यह व्रत रामबाण है।व्यापार में उन्नति: नया कारोबार शुरू करने या घाटे से उबरने के लिए आज का दिन शुभ है।संतान सुख: यह व्रत संतान के स्वास्थ्य और उनके उज्जवल भविष्य के लिए भी रखा जाता है।प्रदोष काल में ऐसे करें महादेव की पूजा (विधि)प्रदोष व्रत की मुख्य पूजा शाम के समय की जाती है। इस दौरान भक्त को शुद्ध होकर भगवान शिव का अभिषेक करना चाहिए।अभिषेक: शिवलिंग पर गंगाजल, कच्चा दूध, दही, और शहद अर्पित करें।सामग्री: महादेव को प्रिय बेलपत्र, धतूरा, शमी पत्र और अक्षत (बिना टूटे चावल) चढ़ाएं।मंत्र जाप: पूजा के समय ‘ॐ नमः शिवाय’ या ‘महामृत्युंजय मंत्र’ का निरंतर जाप करें।दीपदान: शाम के समय घर के मंदिर और मुख्य द्वार पर दीपक अवश्य जलाएं।व्रत के नियम और सावधानियांप्रदोष व्रत के दिन क्रोध और तामसिक भोजन (प्याज, लहसुन) से दूर रहना चाहिए। दिन भर निराहार रहकर शाम की पूजा के बाद ही फलाहार ग्रहण करें। मान्यता है कि इस दिन शिव चालीसा का पाठ करने और जरूरतमंदों को मूंग की दाल या हरे वस्त्र दान करने से बुध देव प्रसन्न होते हैं और कार्यों में आ रही बाधाएं दूर होती हैं।

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