योगी कैबिनेट विस्तार की सुगबुगाहट तेज दिल्ली में बड़ी बैठक, जल्द लग सकती है नए मंत्रियों के नाम पर मुहर

News India Live, Digital Desk: उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर हलचलें तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट में बहुप्रतीक्षित विस्तार (Yogi Cabinet Expansion) को लेकर उलटी गिनती शुरू होती दिख रही है। ताज़ा घटनाक्रम में, यूपी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और संगठन के प्रमुख नेताओं ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ अहम मुलाकात की है। इस उच्च स्तरीय बैठक के बाद यह माना जा रहा है कि योगी सरकार के मंत्रिमंडल में जल्द ही कुछ नए चेहरों को जगह मिल सकती है।दिल्ली में महामंथन, कैबिनेट विस्तार का रास्ता साफ?सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली में हुई इस बैठक में उत्तर प्रदेश के राजनीतिक समीकरणों और आगामी चुनावी तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और पीएम मोदी के साथ हुई इस मंत्रणा को काफी अहम माना जा रहा है। कयास लगाए जा रहे हैं कि मंत्रिमंडल में क्षेत्रीय और जातीय संतुलन साधने के लिए कुछ नए मंत्रियों को शामिल किया जाएगा, जबकि कुछ मौजूदा मंत्रियों के विभागों में फेरबदल भी संभव है।नितिन नवीन की नई भूमिका और यूपी का प्लानहाल ही में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद संभालने वाले नितिन नवीन उत्तर प्रदेश को लेकर काफी गंभीर नजर आ रहे हैं। इस बैठक में न केवल कैबिनेट विस्तार बल्कि संगठन के भीतर होने वाले बदलावों पर भी चर्चा हुई है। बताया जा रहा है कि पार्टी आलाकमान ने उन नामों की सूची को अंतिम रूप दे दिया है, जिन्हें राजभवन में शपथ दिलाई जा सकती है। इस फेरबदल में युवाओं और अनुभवी नेताओं के मिश्रण पर जोर दिया जा रहा है।इन चेहरों को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारीसियासी गलियारों में चर्चा है कि इस बार मंत्रिमंडल विस्तार में उन क्षेत्रों को विशेष प्रतिनिधित्व दिया जा सकता है जहाँ पार्टी अपनी पकड़ और मजबूत करना चाहती है। साथ ही, सहयोगी दलों के कुछ विधायकों को भी योगी कैबिनेट में जगह मिलने की संभावना प्रबल है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर अभी किसी भी नाम का खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन दिल्ली में हुई मुलाकातों के दौर ने नेताओं की धड़कनें बढ़ा दी हैं।मिशन 2027 की तैयारी में जुटी भाजपाइस कैबिनेट विस्तार को केवल प्रशासनिक फेरबदल नहीं, बल्कि 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी के रूप में भी देखा जा रहा है। योगी आदित्यनाथ और संगठन के बीच हुए इस विचार-विमर्श का मुख्य उद्देश्य सरकार की छवि को और निखारना और विकास कार्यों को गति देना है। अब सबकी निगाहें लखनऊ के राजभवन पर टिकी हैं, जहाँ जल्द ही नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित हो सकता है।