KKR का चैंपियन से जीरो तक का सफर 2024 में उठाया था कप 2026 में अंक तालिका में सबसे नीचे, आखिर कहाँ हुई चूक?

News India Live, Digital Desk: आईपीएल के गलियारों में इस समय सिर्फ एक ही चर्चा है—कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) का अर्श से फर्श तक का सफर। जिस टीम ने साल 2024 में अपनी जादुई परफॉर्मेंस से ट्रॉफी पर कब्जा जमाया था, वही टीम आज 2026 के सीजन में पॉइंट्स टेबल में सबसे निचले पायदान पर संघर्ष कर रही है। फैंस हैरान हैं और दिग्गज परेशान, क्योंकि दो साल के भीतर किसी चैंपियन टीम का ऐसा पतन आईपीएल इतिहास की सबसे बड़ी पहेलियों में से एक बन गया है।कप्तानी और रणनीति में बिखरावKKR की इस हालत का सबसे बड़ा कारण टीम के नेतृत्व और रणनीतिक फैसलों में अस्थिरता को माना जा रहा है। 2024 की खिताबी जीत के दौरान टीम जिस ‘विनिंग कॉम्बिनेशन’ के साथ खेल रही थी, वह अब पूरी तरह बिखर चुका है। मिडिल ऑर्डर में भरोसेमंद बल्लेबाजों की कमी और डेथ ओवर्स में गेंदबाजों का बेअसर होना टीम की हार की पटकथा लिख रहा है। आंकड़े बताते हैं कि इस सीजन में पावरप्ले के दौरान KKR ने सबसे ज्यादा विकेट गंवाए हैं, जिससे टीम कभी भी बड़े स्कोर की ओर नहीं बढ़ पाई।बड़े नामों का फ्लॉप शो और नीलामी की मार2026 की मेगा नीलामी (Mega Auction) के बाद टीम का संतुलन वो नहीं रहा जो पिछले सीजन में था। टीम ने जिन खिलाड़ियों पर करोड़ों का दांव लगाया, वे मैदान पर अपनी कीमत को सही साबित करने में नाकाम रहे हैं। खास तौर पर विदेशी ऑलराउंडर्स का फॉर्म न होना KKR के लिए सिरदर्द बन गया है। जहां विरोधी टीमें युवा प्रतिभाओं के दम पर मैच जीत रही हैं, वहीं कोलकाता के अनुभवी खिलाड़ी दबाव के क्षणों में घुटने टेकते नजर आ रहे हैं।क्या प्लेऑफ की रेस से बाहर हो गई है कोलकाता?मौजूदा आंकड़ों और रन रेट को देखें तो कोलकाता नाइट राइडर्स की राह अब लगभग नामुमकिन नजर आ रही है। टीम के पास अब न केवल अपने सभी मैच जीतने की चुनौती है, बल्कि उन्हें दूसरी टीमों के नतीजों पर भी निर्भर रहना होगा। मेंटर और कोचिंग स्टाफ की भूमिका पर भी अब सवाल उठने लगे हैं। क्या टीम मैनेजमेंट अगले सीजन के लिए कोई बड़ा बदलाव करेगा या इसी बिखरी हुई टीम के साथ सफर जारी रहेगा, यह देखना दिलचस्प होगा।