दलाल स्ट्रीट पर हाहाकार! लाल निशान में खुला शेयर बाजार, सेंसेक्स 170 अंक टूटा, निफ्टी 23,400 के नीचे फिसला

वैश्विक बाजारों से मिले बेहद कमजोर संकेतों और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार जारी ताबड़तोड़ बिकवाली के कारण आज भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत बेहद सुस्त और निराशाजनक रही। हफ्ते के चौथे कारोबारी दिन दलाल स्ट्रीट पर सुबह से ही भयंकर मंदी का माहौल देखने को मिला, जिसके चलते प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। कूटनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माने जाने वाले स्तरों को तोड़ते हुए बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स करीब 170 अंकों से ज्यादा टूट गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी निवेशकों के दिल की धड़कनें बढ़ाते हुए 23,400 के मनोवैज्ञानिक स्तर के नीचे फिसल गया। शुरुआती कारोबार में ही बिकवाली के दबाव से पस्त हुए दोनों इंडेक्स बाजार खुलते ही चौतरफा बिकवाली (प्रॉफिट बुकिंग) का ऐसा दौर शुरू हुआ कि खरीदार पूरी तरह बैकफुट पर आ गए। सेंसेक्स जहां ओपनिंग के तुरंत बाद 170 अंक से अधिक की गिरावट के साथ 74,150 के आस-पास संघर्ष करता दिखा, वहीं निफ्टी 50 इंडेक्स भी लगभग 60 अंकों की कमजोरी के साथ 23,350 के स्तर के पास जाकर टिक गया। बाजार के क्रेडिबिलिटी और सेंटिमेंट को सबसे ज्यादा झटका आईटी (IT) और मेटल सेक्टर्स के शेयरों में आई भारी गिरावट से लगा है, जिसके चलते निवेशकों को शुरुआती कुछ ही मिनटों में करोड़ों रुपये का चपत लग गया। आईटी और मेटल कंपनियों के शेयरों में सबसे ज्यादा मची खलबली आज के कारोबार में सबसे ज्यादा मार दिग्गज आईटी कंपनियों के शेयरों पर पड़ी है। पिछले सत्रों में हुई भारी गिरावट के बाद आज भी इंफोसिस, टीसीएस, विप्रो और टेक महिंद्रा जैसी बड़ी टेक कंपनियों के शेयर लाल निशान में रेंगते नजर आए। इसके अलावा, वैश्विक स्तर पर कमोडिटी की कीमतों में आ रहे कूटनीतिक उतार-चढ़ाव और चीन से कमजोर मांग के चलते टाटा स्टील और जेएसडब्ल्यू स्टील जैसी मेटल कंपनियों के शेयरों में भी भारी मुनाफावसूली देखी जा रही है। इन दोनों बड़े सेक्टर्स में आई मंदी ने पूरे बाजार के मूड को खराब कर दिया है। आखिर क्यों अचानक लाल निशान में डूबा बाजार? जानिए 3 बड़े कारण बाजार के जानकारों और दिग्गज कूटनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, इस ताजा गिरावट के पीछे तीन सबसे बड़ी वजहें काम कर रही हैं। पहली वजह है अमेरिकी बाजारों से मिले बेहद कमजोर संकेत, जिसने एशियाई बाजारों को पूरी तरह पस्त कर दिया है। दूसरी मुख्य वजह है विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI/FII) द्वारा भारतीय बाजार से लगातार अपनी रकम निकालना, जिससे लिक्विडिटी पर असर पड़ रहा है। वहीं, तीसरी सबसे बड़ी वजह है शुक्रवार को आने वाले आरबीआई की मौद्रिक नीति (RBI MPC Meeting) के फैसले और ब्याज दरों को लेकर निवेशकों के बीच बनी भारी अनिश्चितता, जिसके कारण ट्रेडर्स कोई भी बड़ा जोखिम उठाने से बच रहे हैं। उतार-चढ़ाव के बीच रिटेल इनवेस्टर्स अब आगे क्या रणनीति अपनाएं शेयर बाजार में जारी इस भयंकर उठापटक और भारी उतार-चढ़ाव के बीच रिटेल यानी छोटे निवेशकों को बेहद सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। तकनीकी विश्लेषकों का मानना है कि निफ्टी के लिए 23,150 से 23,200 का जोन एक बेहद मजबूत और आखिरी डिफेंस लाइन (सपोर्ट) की तरह काम करेगा। जब तक बाजार इस स्तर को बचाए रखता है, तब तक घबराने की कोई बड़ी बात नहीं है। ऐसे समय में किसी भी तरह की अफवाहों या पैनिक सेलिंग (डर में आकर शेयर बेचना) से बचें और केवल उन्हीं कंपनियों में कूटनीतिक निवेश करें जिनके तिमाही नतीजे (Earnings) बेहतरीन रहे हैं और जिनका फंडामेंटल बेहद मजबूत है।