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बॉक्स ऑफिस पर बॉबी देओल की ‘बंदर’ को झटका: राम चरण और वरुण धवन की फिल्मों के आगे क्यों थमे ‘बंदर’ के कदम?

'एनिमल' और 'आश्रम' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों और वेब सीरीज के जरिए बॉलीवुड में शानदार वापसी करने वाले बॉबी देओल का सिक्का इस समय हर तरफ चल रहा है। लेकिन इस हफ्ते बॉक्स ऑफिस पर उनकी लेटेस्ट फिल्म 'बंदर' को लेकर जो खबरें आ रही हैं, वे थोड़ी हैरान करने वाली हैं। इस हफ्ते सिनेमाघरों में फिल्मों के बीच जबरदस्त मुकाबला देखने को मिल रहा है, जिसके चलते बॉबी देओल की फिल्म को शुरुआती स्तर पर वैसी तवज्जो नहीं मिल पा रही है, जैसी उम्मीद की जा रही थी। दरअसल, 4 जून को साउथ के सुपरस्टार राम चरण की पैन-इंडिया फिल्म 'पेड्डी' रिलीज हुई थी। इसके ठीक अगले दिन यानी 5 जून को वरुण धवन की 'है जवानी तो इश्क होना है' और बॉबी देओल की 'बंदर' को सिनेमाघरों में दस्तक देनी थी। लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि जहाँ वरुण धवन और राम चरण की फिल्मों को सुबह 9 बजे से ही मॉर्निंग शोज मिल गए, वहीं बुकमायशो (BookMyShow) के अनुसार, बॉबी देओल की 'बंदर' के शोज़ की बुकिंग दिन में दोपहर 12:30 बजे के बाद से दिखाई जा रही है। यहाँ तक कि पुरानी रिलीज 'पति पत्नी और वो 2' को भी मॉर्निंग शोज़ मिले हुए हैं। कम शोज़ और इतनी देर से शुरुआत होना साफ दिखाता है कि थिएटर्स में फिल्म के साथ थोड़ा अलग बर्ताव हो रहा है। इसके पीछे मुख्य रूप से 5 बड़े कारण माने जा रहे हैं: 1. 'एडल्ट' (A) सर्टिफिकेट होना अनुराग कश्यप के निर्देशन में बनी फिल्म 'बंदर' को सेंसर बोर्ड से 'ए' (Adult) सर्टिफिकेट मिला है। इस फिल्म में बॉबी देओल के साथ सान्या मल्होत्रा, राज बी शेट्टी, सपना पब्बी और सबा आजाद जैसे कलाकार मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म की पटकथा सुदीप शर्मा और अभिषेक बनर्जी की जोड़ी ने लिखी है, जो इससे पहले 'पाताल लोक', 'कोहरा' और 'उड़ता पंजाब' जैसी कल्ट और डार्क सीरीज-फिल्मों के लिए जाने जाते हैं। 'A' सर्टिफिकेट होने की वजह से इस फिल्म से पारिवारिक दर्शक (Family Audience) पूरी तरह कट जाते हैं, जो सुबह के समय थिएटर्स में फिल्में देखना पसंद करते हैं। 2. अनुराग कश्यप की फिल्मों का गंभीर और डार्क विषय अनुराग कश्यप बॉलीवुड के उन निर्देशकों में गिने जाते हैं जो अपनी लीक से हटकर और बोल्ड फिल्मों के लिए मशहूर हैं। उनकी फिल्में आम तौर पर रियलिस्टिक, डार्क, क्राइम, पॉलिटिकल या गंभीर सामाजिक मुद्दों पर आधारित होती हैं। उनके ट्रैक रिकॉर्ड में 'ब्लैक फ्राइडे', 'देव डी', 'गुलाल', 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' और 'केनेड्डी' जैसी फिल्में शामिल हैं। ऐसी फिल्में मास-एंटरटेनर या लाइट-हार्टेड नहीं होतीं, जिन्हें लोग सुबह-सुबह देखना पसंद करें। यही वजह है कि मल्टीप्लेक्स संचालक इनके शोज़ दोपहर या शाम के समय ज्यादा रख रहे हैं। 3. हॉलीवुड फिल्म 'ऑब्सेशन' का जबरदस्त क्रेज इस समय बॉक्स ऑफिस पर केवल भारतीय फिल्मों का ही मुकाबला नहीं है। सिनेमाघरों में हॉलीवुड की हॉरर और थ्रिलर फिल्म 'ऑब्सेशन' (Obsession) का जबरदस्त क्रेज देखने को मिल रहा है। महज 9 करोड़ रुपये के बेहद मामूली बजट में बनी इस 'R' रेटेड फिल्म ने दुनियाभर में अब तक 1400 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड तोड़ कलेक्शन कर लिया है। भारतीय दर्शक भी इस रोमांचक फिल्म को देखने के लिए बड़ी संख्या में थिएटर्स का रुख कर रहे हैं, जिसका सीधा नुकसान 'बंदर' को उठाना पड़ा है। 4. 'ही-मैन' जैसी बड़ी हॉलीवुड रिलीज का दबाव 5 जून को वरुण धवन की फिल्म के साथ-साथ हॉलीवुड की कई बड़ी फिल्में भी कतार में हैं। इनमें मशहूर 'ही-मैन' कैरेक्टर पर आधारित 'मास्टर्स ऑफ द यूनिवर्स' (Masters of the Universe), कॉमेडी फ्रेंचाइजी की 'स्केरी मूवी 6' (Scary Movie 6) और 'पॉवर बैलेड' (Power Ballad) जैसी फिल्में शामिल हैं। इन विदेशी फिल्मों को भी थिएटर्स में अच्छी स्क्रीन स्पेस दी गई है। 5. 'पेड्डी' का भारी-भरकम हाइप और वरुण धवन की फिल्म का बज 'बंदर' को कम तवज्जो मिलने का सबसे बड़ा कारण बाकी फिल्मों का प्री-रिलीज बिजनेस और तगड़ा हाइप है। राम चरण की फिल्म 'पेड्डी' ने रिलीज होते ही बॉक्स ऑफिस पर बंपर ओपनिंग ली है। 'RRR' की ऐतिहासिक सफलता के बाद आई इस फिल्म ने अकेले तेलुगु राज्यों में 135 करोड़ और दुनियाभर में कुल 220 करोड़ रुपये का प्री-रिलीज बिजनेस किया था। पहले ही दिन इस फिल्म ने भारत में 61 करोड़ और वर्ल्डवाइड 111 करोड़ रुपये की धमाकेदार ओपनिंग की है। दूसरी तरफ, वरुण धवन की फिल्म 'है जवानी तो इश्क होना है' अपने गाने 'चुनरी चुनरी' पर हुए वशू भगनानी के केस और कॉन्ट्रोवर्सी के चलते पिछले कई दिनों से लगातार चर्चा में थी। इस विवाद का फायदा फिल्म को मिला और इसने दर्शकों के बीच अच्छी उत्सुकता पैदा कर दी, जिसके कारण इसे 'बंदर' के मुकाबले बेहतर स्क्रीन्स और मॉर्निंग शोज़ मिल गए। एक नजर में समझें बॉक्स ऑफिस का मौजूदा मुकाबला क्या बढ़ेगी 'बंदर' की रफ्तार? हालांकि 'बंदर' को शुरुआत में कम शोज़ मिले हैं, लेकिन अनुराग कश्यप की फिल्मों का एक अपना खास दर्शक वर्ग होता है। अगर फिल्म की कहानी मजबूत हुई और इसे अच्छे रिव्यूज (Word of Mouth) मिले, तो आने वाले दिनों में और वीकेंड पर इसके शोज़ की संख्या में निश्चित रूप से बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

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