ब्रेस्ट कैंसर को लेकर अब तक का सबसे बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा

आज के आधुनिक और कूटनीतिक रूप से व्यस्त दौर में महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर एक बेहद गंभीर और डराने वाली खबर सामने आ रही है। दुनिया भर में महिलाओं में होने वाले कैंसरों में ब्रेस्ट कैंसर (स्तन कैंसर) के मामले अब सबसे तेजी से शीर्ष पर पहुंच चुके हैं। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो पहले यह माना जाता था कि यह बीमारी केवल बढ़ती उम्र या फिर आनुवंशिक (जेनेटिक) कारणों से होती है, लेकिन हालिया आंकड़ों ने चिकित्सा जगत के होश उड़ा दिए हैं। अब बहुत ही कम उम्र की युवतियां भी इस खतरनाक बीमारी की चपेट में आ रही हैं, जिसने डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के सामने एक बहुत बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। मशहूर डॉक्टर का सबसे बड़ा खुलासा, इस अनदेखी गलती पर किसी का ध्यान नहीं जाता इस वैश्विक स्वास्थ्य संकट के बीच एक बेहद प्रतिष्ठित कैंसर विशेषज्ञ (Oncologist) ने ब्रेस्ट कैंसर की वजहों को लेकर अब तक का सबसे बड़ा और क्रांतिकारी खुलासा किया है। डॉक्टर के मुताबिक, लोग अक्सर खान-पान और एक्सरसाइज पर तो बात करते हैं, लेकिन एक ऐसे छिपे हुए विलेन की तरफ किसी का ध्यान नहीं जाता जो महिलाओं के शरीर में चुपके से कैंसर के सेल्स को ट्रिगर कर रहा है। वह छिपा हुआ कारण है हमारे दैनिक जीवन में इस्तेमाल होने वाले पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स और प्लास्टिक में मौजूद 'एंडोक्राइन डिसरप्टर्स' (Endocrine Disruptors) यानी हार्मोन बिगाड़ने वाले खतरनाक केमिकल्स। डॉक्टर ने चेतावनी दी है कि प्लास्टिक की बोतलों में पानी पीना, पैराबेंस और थैलेट्स युक्त ब्यूटी प्रोडक्ट्स का अत्यधिक इस्तेमाल शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन के संतुलन को बुरी तरह बिगाड़ देता है, जो सीधे तौर पर ब्रेस्ट कैंसर के ट्यूमर को जन्म देता है। खराब लाइफस्टाइल और मानसिक तनाव भी बन रहे हैं कैंसर के सबसे बड़े मददगार डॉक्टर ने इस बात पर भी गहरा कड़ा रुख व्यक्त किया कि आज की कड़क कॉरपोरेट लाइफस्टाइल में महिलाएं अपनी नींद और मानसिक स्वास्थ्य से भारी समझौता कर रही हैं। देर रात तक जागना, शरीर की जैविक घड़ी (Biological Clock) का पूरी तरह गड़बड़ा जाना और अत्यधिक मानसिक तनाव (Stress) हमारे इम्यून सिस्टम को इस कदर कमजोर कर देता है कि शरीर कैंसर कोशिकाओं से लड़ ही नहीं पाता। इसके अलावा, प्रोसेस्ड फूड का अधिक सेवन, गतिहीन जीवनशैली और वजन का अनियंत्रित तरीके से बढ़ना भी स्तन कैंसर के खतरे को कई गुना बढ़ा रहा है। इस अनदेखे ढर्रे को बदले बिना केवल बाहरी इलाज से इस महामारी को रोकना नामुमकिन है। समय रहते पहचानें ये शुरुआती लक्षण और खुद को हमेशा के लिए रखें सुरक्षित कैंसर के इस चक्रव्यूह से बचने के लिए डॉक्टरों का कहना है कि जागरूकता ही सबसे अचूक और बड़ा हथियार है। हर महिला को 20 वर्ष की उम्र के बाद हर महीने खुद से 'ब्रेस्ट सेल्फ-एग्जामिनेशन' (स्तन की स्वयं जांच) अवश्य करनी चाहिए। यदि आपको स्तन में कोई असामान्य गांठ, त्वचा के रंग में बदलाव, सूजन या किसी भी प्रकार का दर्द महसूस हो, तो उसे बिल्कुल भी मामूली समझकर नजरअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। 40 वर्ष की आयु पार करने के बाद हर महिला को साल में एक बार मैमोग्राफी टेस्ट जरूर कराना चाहिए। अपने पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स को ध्यान से चुनें, प्लास्टिक का इस्तेमाल पूरी तरह बंद करें और प्रकृति से जुड़कर एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं ताकि इस जानलेवा बीमारी को आपके करीब आने का मौका ही न मिले।