बार-बार लिवर इंफेक्शन होना क्या कैंसर की शुरुआत है? लेडी हार्डिंग के डॉक्टर ने खोला इसके पीछे का राज

लिवर हमारे शरीर का वो जरूरी पावरहाउस है जो चौबीसों घंटे काम करता है। शरीर से जहरीले पदार्थों (टॉक्सिंस) को बाहर निकालने से लेकर भोजन को सही तरीके से पचाने तक, लिवर की भूमिका सबसे बड़ी होती है। लेकिन पिछले कुछ समय से लोगों में लिवर से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। कई बार लोग शिकायत करते हैं कि उनका लिवर बार-बार इंफेक्शन का शिकार हो जाता है। जब यह समस्या बार-बार होने लगती है, तो मन में एक अनजाना डर बैठ जाता है कि कहीं यह लिवर कैंसर जैसी किसी जानलेवा बीमारी का शुरुआती संकेत तो नहीं है?
आइए, इस गंभीर विषय पर लेडी हार्डिंग हॉस्पिटल के डॉक्टरों की राय और इस समस्या के असली कारणों को विस्तार से समझते हैं।
डॉक्टर की सलाह: क्या हर लिवर इंफेक्शन कैंसर होता है?
दिल्ली के प्रसिद्ध लेडी हार्डिंग हॉस्पिटल में मेडिसिन विभाग के डायरेक्टर और एचओडी (HOD) डॉ. एल.एच. घोटेकर बताते हैं कि हर बार लिवर में इंफेक्शन होने का मतलब कैंसर कतई नहीं होता है। अधिकांश मामलों में यह बार-बार होने वाला संक्रमण हमारी खराब लाइफस्टाइल, दूषित खान-पान या कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता (Weak Immunity) की वजह से होता है।
हालांकि, डॉ. घोटेकर यह चेतावनी भी देते हैं कि अगर लिवर का इंफेक्शन लंबे समय तक ठीक न हो या इलाज के बाद भी बार-बार लौट रहा हो, तो इसे हल्के में छोड़ना भारी पड़ सकता है। यह स्थिति लिवर को अंदर से कमजोर कर देती है, जो आगे चलकर सिरोसिस या अन्य गंभीर बीमारियों का रूप ले सकती है। इसलिए सही समय पर डॉक्टर से मिलकर जरूरी टेस्ट करवाना ही सबसे समझदारी भरा फैसला है।
सामान्य इंफेक्शन बनाम कैंसर का खतरा: अंतर समझें
लिवर की समस्याओं को बेहतर ढंग से समझने के लिए नीचे दी गई तालिका आपकी मदद कर सकती है:
आखिर क्यों होता है लिवर में बार-बार इंफेक्शन?
लिवर में बार-बार संक्रमण होने के पीछे हमारी कुछ रोजमर्रा की गलत आदतें और कुछ बाहरी कारक जिम्मेदार होते हैं:
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वायरल हेपेटाइटिस: हेपेटाइटिस A, B और C जैसे वायरस सीधे लिवर पर हमला करते हैं, जिससे लिवर में सूजन आ जाती है।
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अल्कोहल का अधिक सेवन: लगातार और ज्यादा मात्रा में शराब पीने से लिवर की कोशिकाएं डैमेज होने लगती हैं, जिससे उसकी काम करने की क्षमता घट जाती है।
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बाहर का दूषित खाना और पानी: गंदगी वाले स्थानों पर मिलने वाला भोजन या दूषित पानी सीधे पेट के रास्ते लिवर को संक्रमित करता है।
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बिना डॉक्टर की सलाह के दवाएं खाना: कई लोग छोटी-मोटी तकलीफ होने पर खुद ही मेडिकल स्टोर से पेनकिलर या हैवी एंटीबायोटिक्स खरीदकर खा लेते हैं, जिसका सीधा बुरा असर लिवर पर पड़ता है।
इन 5 लक्षणों को कभी न करें नजरअंदाज
अगर आपको या आपके परिवार में किसी को लिवर इंफेक्शन के साथ नीचे दिए गए लक्षण बार-बार महसूस हो रहे हैं, तो तुरंत अस्पताल जाएं:
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लगातार या बार-बार तेज बुखार आना।
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पेट के दाहिने हिस्से (लिवर की जगह) में लगातार दर्द या भारीपन रहना।
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बार-बार उल्टी होना या जी मिचलाना।
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त्वचा, नाखूनों और आंखों का रंग पीला पड़ना (पीलिया या जांडिस के संकेत)।
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बिना किसी भारी काम के भी शरीर में हर समय अत्यधिक थकान और कमजोरी बने रहना।
लिवर को हमेशा जवान और हेल्दी रखने के आसान उपाय
लिवर को बीमारियों से बचाना पूरी तरह आपके हाथ में है। इसके लिए अपनी दिनचर्या में ये सुधार आज से ही लागू करें:
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डाइट को सुधारें: अपनी थाली में हरी सब्जियां, ताजे फल और फाइबर से भरपूर चीजें शामिल करें। समोसे, पिज्जा, बर्गर और अत्यधिक मसालेदार भोजन से दूरी बना लें।
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शराब से पूरी तौबा: अगर आप अपने लिवर को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो अल्कोहल का सेवन तुरंत बंद कर दें।
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भरपूर पानी पिएं: दिनभर में कम से कम 3 से 4 लीटर साफ या फिल्टर किया हुआ पानी पिएं। यह लिवर से टॉक्सिंस को बाहर निकालने में मदद करता है।
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नियमित कसरत और नींद: रोज कम से कम 20-30 मिनट वॉक या एक्सरसाइज करें और रात को 7-8 घंटे की गहरी नींद लें। इससे लिवर खुद को बेहतर तरीके से रिपेयर कर पाता है।
याद रखें, लिवर में बार-बार होने वाली तकलीफ शरीर का एक इशारा है कि अंदर कुछ ठीक नहीं है। डरे नहीं, बल्कि समय रहते सही डॉक्टर से जांच कराएं ताकि किसी भी बड़े खतरे को वक्त रहते टाला जा सके।