BREAKING

बादाम या मूंगफली: आपके दिल के लिए कौन सा नट है ज्यादा दमदार? जानिए न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स का सच

बादाम या मूंगफली: आपके दिल के लिए कौन सा नट है ज्यादा दमदार? जानिए न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स का सच

बदलती लाइफस्टाइल और बढ़ते मानसिक तनाव के बीच दिल से जुड़ी बीमारियां आज दुनियाभर में सेहत की सबसे बड़ी दुश्मन बनी हुई हैं। अच्छी बात यह है कि अपनी रोजमर्रा की डाइट में कुछ छोटे और सही बदलाव करके हम इस बड़े खतरे को काफी हद तक टाल सकते हैं। दिल को लंबी और सेहतमंद उम्र देने का सबसे आसान और किफायती तरीका है— रोज मुट्ठी भर नट्स (मेवे) खाना।

जब भी हेल्दी नट्स की बात आती है, तो बादाम (Almonds) और मूंगफली (Peanuts) दो ऐसे नाम हैं जो हर भारतीय घर के किचन में आसानी से मिल जाते हैं। दोनों ही नट्स अपने भीतर हेल्दी फैट्स और एंटीऑक्सीडेंट्स का खजाना समेटे हुए हैं। लेकिन जब बात विशेष रूप से दिल की सुरक्षा की हो, तो दोनों में से किसे अपनी रूटीन का हिस्सा बनाना ज्यादा फायदेमंद है? आइए, एक्सपर्ट्स के नजरिए से समझते हैं दोनों का पूरा न्यूट्रिशन गेम।

दिल की सेहत पर बादाम का असर: क्यों है यह सबका पसंदीदा?

न्यूट्रिशन एक्सपर्ट ड्रू हेम्लर के अनुसार, बादाम को विटामिन E, फाइबर, मैग्नीशियम और मोनोअनसैचुरेटेड फैट्स का पावरहाउस माना जाता है। ये सभी पोषक तत्व मिलकर हमारे कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम (Cardiovascular System) को मजबूत बनाते हैं।

  • कोलेस्ट्रॉल लेवल में सुधार: लगभग 28 ग्राम (1 औंस) बादाम में 14 ग्राम फैट होता है, जो असल में दिल को सुरक्षित रखने वाला ‘गुड और हेल्दी फैट’ है। जब आप अपनी डाइट से नुकसानदेह सैचुरेटेड फैट को हटाकर इन अनसैचुरेटेड फैट्स को जगह देते हैं, तो कोलेस्ट्रॉल संतुलित रहता है।

  • बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) को घटाए: बादाम में मौजूद फाइबर और खास प्लांट कंपाउंड्स शरीर में जमा होने वाले बैड कोलेस्ट्रॉल को बांधकर बाहर निकालने में मदद करते हैं और गुड कोलेस्ट्रॉल (HDL) के स्तर को बढ़ावा देते हैं।

  • बेहतर ब्लड सर्कुलेशन: बादाम विटामिन E का सबसे बेहतरीन सोर्स है। इसका एंटीऑक्सीडेंट गुण हमारी धमनियों (Arteries) को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाता है, जिससे नसों में प्लाक (कचरा) नहीं जमता और पूरे शरीर में खून का बहाव सही रहता है। वहीं, इसमें मौजूद मैग्नीशियम ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर दोनों को कंट्रोल में रखता है।

मूंगफली का कमाल: 'गरीबों का बादाम' पर फायदे हैं शाही

मूंगफली को भले ही आम बोलचाल में ‘गरीबों का बादाम’ कहकर थोड़ा कम आंका जाता हो, लेकिन सेहत के मामले में इसके फायदे किसी महंगे मेवे से कम नहीं हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, मूंगफली का न्यूट्रिशन प्रोफाइल बादाम से थोड़ा अलग लेकिन बेहद प्रभावी है। इसमें बादाम की तुलना में अधिक प्रोटीन, नियासिन (Niacin) और फोलेट पाया जाता है।

  • हार्ट डिजीज और स्ट्रोक का खतरा कम: मूंगफली के दानों के ऊपर जो पतली लाल स्किन (छिलका) होती है, उसमें जबरदस्त बायोएक्टिव कंपाउंड्स और एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं। मेडिकल रिसर्च बताती है कि हफ्ते में कम से कम दो बार मूंगफली खाने से दिल की बीमारियों का रिस्क काफी हद तक घट जाता है।

  • ट्राइग्लिसराइड्स पर कंट्रोल: मूंगफली में मौजूद विटामिन बी यानी ‘नियासिन’ शरीर के सेल्यूलर फंक्शन को बेहतर करता है। यह खून में बैड कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर को कम करने में सीधा असर दिखाता है।

  • तनाव से राहत: एक हालिया स्टडी के अनुसार, रोजाना सीमित मात्रा में मूंगफली खाने वाले लोगों में एंग्जायटी (घबराहट) और मानसिक तनाव का स्तर कम देखा गया है। चूंकि तनाव सीधे तौर पर दिल को कमजोर करता है, इसलिए मूंगफली अप्रत्यक्ष रूप से आपके दिल की ढाल बनती है।

बादाम बनाम मूंगफली: एक नजर में न्यूट्रिशन का अंतर

एक्सपर्ट का अंतिम फैसला: कौन है असली विजेता?

एक्सपर्ट्स की मानें तो इस रेस में किसी एक को विजेता चुनना सही नहीं होगा। दोनों ही नट्स अपने-अपने स्तर पर दिल की सुरक्षा के लिए लाजवाब हैं।

 न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह

हेल्थ एक्सपर्ट रोक्साना एहसानी कहती हैं कि दोनों नट्स के अपने अनोखे फायदे हैं, इसलिए सबसे समझदारी भरा फैसला यही होगा कि आप अपनी डाइट में दोनों को बारी-बारी से (मिक्स करके) शामिल करें। वहीं, ड्रू हेम्लर का मानना है कि सबसे बेहतर नट वही है जिसे आप बिना भूले अपनी रोज की डाइट का हिस्सा बना सकें— चाहे वह आपके स्वाद के बजट में हो या आपकी पसंद में।

अगर आप अपने दिल को लंबे समय तक जवान, सुरक्षित और सेहतमंद रखना चाहते हैं, तो बादाम और मूंगफली के बीच मुकाबला कराने के बजाय, इन दोनों पावरहाउस को अपनी नियमित डाइट का हिस्सा बनाएं। बस ध्यान रखें कि दोनों का सेवन सीमित और संतुलित मात्रा में ही करें।

Back to top button